{"_id":"6288036fbdea9f40071dd7bc","slug":"sex-ratio-increased-in-bareilly-bareilly-news-bly4855685106","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरेली और शाहजहांपुर में बढ़ा लिंगानुपात, लड़कों के सापेक्ष लड़कियां ज्यादा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरेली और शाहजहांपुर में बढ़ा लिंगानुपात, लड़कों के सापेक्ष लड़कियां ज्यादा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। मंडल में लड़कियों का अनुपात अब लड़कों को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (एनएफएचएस-5) के अनुसार बरेली मंडल का लिंगानुपात प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में सबसे बेहतर है। यह जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक नीता अहिरवार ने दी। राज्य महिला आयोग की सदस्य मिथिलेश अग्रवाल ने मिशन शक्ति कैलेंडर का विमोचन किया।
शुक्रवार को सिविल लाइंस एक होटल में सीफार संस्था के सहयोग से कार्यशाला आयोजित की गई थी। नीता अहिरवार के मुताबिक बरेली में प्रति हजार लड़कों पर 1084 लड़कियां और शाहजहांपुर में प्रति हजार लड़कों पर 1064 लड़कियों का लिंगानुपात है। बदायूं में प्रति हजार लड़कों पर 870 लड़कियां और पीलीभीत में प्रति हजार लड़कों पर 814 लड़कियां हैं। दावा है कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पूरा लाभ मिलने से यह परिवर्तन दिखाई दे रहा है। लड़कियों की शिक्षा, विवाह संबंधी आर्थिक सहयोग, महिला सुरक्षा की योजना ने समाज की सोच को बदला है।
पीएम केयर योजना के तहत कोरोना से अनाथ बच्चों को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद, केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश, आयुष्मान कार्ड, राशन आदि की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश सरकार की बाल सेवा योजना के तहत भी प्रभावित बच्चों को चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
बाल सेवा योजना के तहत लाभान्वित हो रहे बच्चे
मंडल के 446 बच्चों को पीएम केयर के तहत लाभ मिला है। इनमें बरेली के 218, बदायूं के 63, पीलीभीत के 57 और शाहजहांपुर के 108 बच्चे हैं। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत 606 बच्चों को आर्थिक सहायता मिली। इनमें बरेली के 442, बदायूं के 40, पीलीभीत के 27 शाहजहांपुर के 97 बच्चे शामिल हैं। कन्या सुमंगला योजना के तहत 48647 पात्र बालिकाओं में बरेली की 14609, बदायूं की 12441, पीलीभीत की 9405, शाहजहांपुर की 14392 बालिकाओं को लाभ मिला है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 2.25 लाख विधवाओं को लाभ मिला है।
श्रमजीवी महिला छात्रावास का होगा निर्माण
उप निदेशक ने बताया कि एकल श्रमजीवी महिला छात्रावास के लिए सुभाषनगर में दो हजार वर्गमीटर भूमि पर निर्माण प्रस्तावित है। निर्माण संबंधी कार्रवाई के लिए प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश महिला कल्याण निगम को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बरेली में राजकीय बाल गृह (बालिका) की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। बरेली में सौ दिन की कार्ययोजना के तहत राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर/किशोरी, शिशु गृह स्थापना के लिए अधकटा नजराना नवाबगंज में भूमि चिह्नित कर निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। शाहजहांपुर में राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निर्माण पूरा हो चुका है।
ग्रामीण महिलाओं को सशक्त होना जरूरी
राज्य महिला आयोग की सदस्य मिथिलेश अग्रवाल ने कहा कि शहर की 70 फीसदी महिलाएं जागरूक हैं, जबकि गांवों में 75 फीसदी महिलाएं सशक्तीकरण से दूर हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के राज्य सलाहकार नीरज मिश्र ने ऑपरेशन मुक्ति के तहत बाल विवाह और बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलाने की जानकारी दी। प्रीतेश तिवारी ने महिलाओं से योजनाओं का लाभ लेकर सशक्त बनने की अपील की। इस दौरान डॉ. वागीश वैश, मंडल के सभी डीपीओ, सीफार नार्थ की रीजनल कोऑर्डिनेटर रूबी बानो, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर शिवानी सक्सेना, पीलीभीत कोऑर्डिनेटर हुस्ना मौजूद रहीं।
विज्ञापन
शुक्रवार को सिविल लाइंस एक होटल में सीफार संस्था के सहयोग से कार्यशाला आयोजित की गई थी। नीता अहिरवार के मुताबिक बरेली में प्रति हजार लड़कों पर 1084 लड़कियां और शाहजहांपुर में प्रति हजार लड़कों पर 1064 लड़कियों का लिंगानुपात है। बदायूं में प्रति हजार लड़कों पर 870 लड़कियां और पीलीभीत में प्रति हजार लड़कों पर 814 लड़कियां हैं। दावा है कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पूरा लाभ मिलने से यह परिवर्तन दिखाई दे रहा है। लड़कियों की शिक्षा, विवाह संबंधी आर्थिक सहयोग, महिला सुरक्षा की योजना ने समाज की सोच को बदला है।
विज्ञापन
पीएम केयर योजना के तहत कोरोना से अनाथ बच्चों को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद, केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश, आयुष्मान कार्ड, राशन आदि की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश सरकार की बाल सेवा योजना के तहत भी प्रभावित बच्चों को चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
बाल सेवा योजना के तहत लाभान्वित हो रहे बच्चे
मंडल के 446 बच्चों को पीएम केयर के तहत लाभ मिला है। इनमें बरेली के 218, बदायूं के 63, पीलीभीत के 57 और शाहजहांपुर के 108 बच्चे हैं। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत 606 बच्चों को आर्थिक सहायता मिली। इनमें बरेली के 442, बदायूं के 40, पीलीभीत के 27 शाहजहांपुर के 97 बच्चे शामिल हैं। कन्या सुमंगला योजना के तहत 48647 पात्र बालिकाओं में बरेली की 14609, बदायूं की 12441, पीलीभीत की 9405, शाहजहांपुर की 14392 बालिकाओं को लाभ मिला है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 2.25 लाख विधवाओं को लाभ मिला है।
श्रमजीवी महिला छात्रावास का होगा निर्माण
उप निदेशक ने बताया कि एकल श्रमजीवी महिला छात्रावास के लिए सुभाषनगर में दो हजार वर्गमीटर भूमि पर निर्माण प्रस्तावित है। निर्माण संबंधी कार्रवाई के लिए प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश महिला कल्याण निगम को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बरेली में राजकीय बाल गृह (बालिका) की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। बरेली में सौ दिन की कार्ययोजना के तहत राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर/किशोरी, शिशु गृह स्थापना के लिए अधकटा नजराना नवाबगंज में भूमि चिह्नित कर निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। शाहजहांपुर में राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निर्माण पूरा हो चुका है।
ग्रामीण महिलाओं को सशक्त होना जरूरी
राज्य महिला आयोग की सदस्य मिथिलेश अग्रवाल ने कहा कि शहर की 70 फीसदी महिलाएं जागरूक हैं, जबकि गांवों में 75 फीसदी महिलाएं सशक्तीकरण से दूर हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के राज्य सलाहकार नीरज मिश्र ने ऑपरेशन मुक्ति के तहत बाल विवाह और बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलाने की जानकारी दी। प्रीतेश तिवारी ने महिलाओं से योजनाओं का लाभ लेकर सशक्त बनने की अपील की। इस दौरान डॉ. वागीश वैश, मंडल के सभी डीपीओ, सीफार नार्थ की रीजनल कोऑर्डिनेटर रूबी बानो, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर शिवानी सक्सेना, पीलीभीत कोऑर्डिनेटर हुस्ना मौजूद रहीं।