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तेंदुआ आने की अफवाह से आईवीआरआई कैंपस में हड़कंप
बरेली
Updated Fri, 12 Jan 2018 01:36 AM IST
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गुरुवार को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) कैंपस में तेंदुआ आने की अफवाह से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और खोजबीन शुरू की। टीम को इस दौरान कई जगह पगचिह्न मिले। लैब में इनकी जांच कराई गई तो पता चला कि वे तेंदुआ के नहीं बल्कि जंगली बिल्ली के हैं। इसके बाद आईवीआरआई के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
गुरुवार सुबह आठ बजे घना कोहरा था तभी दो सुरक्षा गार्डों ने कैंपस में तेंदुआ होने की सूचना सुरक्षा प्रभारी संजय को दी। चूंकि आईवीआरआई परिसर में बड़ी संख्या में पेड़ पौधे हैं सो सुरक्षा गार्ड की बात को गंभीरता से लेकर तुरंत वन विभाग को खबर दी गई। वन विभाग के अधिकारी सचिन रस्तोगी और नासिर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वे अपने साथ पिंजरा, ट्रकुलाइजर और जाल भी लेकर आए ताकि तेंदुआ को पकड़ा जा सके। टीम ने सुरक्षा गार्डों की मदद से कैंपस में सर्च अभियान चलाया। कैंपस में कई जगह जानवर के पग चिह्न मिले। उसके फोटो लिए गए। काफी देर तक सर्च अभियान चला पर पग चिह्नों के अलावा टीम को कुछ नहीं मिला। पग चिह्नों की लैब में जांच की गई तो पता चला कि वे तेंदुआ के नहीं हैं बल्कि जंगली बिल्ली के हैं। अधिकारियों ने बताया कि कोहरे में बड़ी जंगली बिल्ली को देखकर ही सुरक्षा गार्ड उसे तेंदुआ समझ बैठे।
वर्जन
आईवीआरआई से सूचना मिलने पर तत्काल टीम वहां गई। कैंपस में कुछ नहीं मिला। पग चिह्न मिले थे उनका लैब में टेस्ट कराया। यह पग चिह्न तेंदुआ के नहीं बल्कि जंगली बिल्ली के हैं।
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- ओपी सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी
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गुरुवार सुबह आठ बजे घना कोहरा था तभी दो सुरक्षा गार्डों ने कैंपस में तेंदुआ होने की सूचना सुरक्षा प्रभारी संजय को दी। चूंकि आईवीआरआई परिसर में बड़ी संख्या में पेड़ पौधे हैं सो सुरक्षा गार्ड की बात को गंभीरता से लेकर तुरंत वन विभाग को खबर दी गई। वन विभाग के अधिकारी सचिन रस्तोगी और नासिर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वे अपने साथ पिंजरा, ट्रकुलाइजर और जाल भी लेकर आए ताकि तेंदुआ को पकड़ा जा सके। टीम ने सुरक्षा गार्डों की मदद से कैंपस में सर्च अभियान चलाया। कैंपस में कई जगह जानवर के पग चिह्न मिले। उसके फोटो लिए गए। काफी देर तक सर्च अभियान चला पर पग चिह्नों के अलावा टीम को कुछ नहीं मिला। पग चिह्नों की लैब में जांच की गई तो पता चला कि वे तेंदुआ के नहीं हैं बल्कि जंगली बिल्ली के हैं। अधिकारियों ने बताया कि कोहरे में बड़ी जंगली बिल्ली को देखकर ही सुरक्षा गार्ड उसे तेंदुआ समझ बैठे।
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आईवीआरआई से सूचना मिलने पर तत्काल टीम वहां गई। कैंपस में कुछ नहीं मिला। पग चिह्न मिले थे उनका लैब में टेस्ट कराया। यह पग चिह्न तेंदुआ के नहीं बल्कि जंगली बिल्ली के हैं।
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- ओपी सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी