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सांस्कृतिक विरासत के विस्तार का संदेश देकर स्मृति समारोह संपन्न
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राधेश्याम स्मृति पुरस्कार से नवाजे गए वरिष्ठ साहित्यकार मधुरेश
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बरेली। संजय कम्युनिटी हाल में चल रहे पं. राधेश्याम कथावाचक स्मृति समारोह का रविवार को सांस्कृतिक विरासत के विस्तार का संदेश देकर समापन हुआ। सातवें दिन जिला जज अरुण कुमार मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार मधुरेश को राधेश्याम स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
आखिरी दिन केवट संवाद का मंचन हुआ। दर्शाया कि भगवान श्रीराम नदी पार कराने के लिए केवट से कहते हैं तो वह भगवान को पहचानकर पांव पखारने के बाद ही नदी पार कराने की बात पर अड़ जाते हैं। उनकी हठ को देखते हुए श्रीराम केवट को चरण धोने का मौका देते हैं। नदी पार कराने पर प्रभु श्रीराम उन्हें उतराई के पारितोषिक के रूप में माता सीता की मुद्रिका और भव सागर से पार करने का वचन देते हैं। कार्यक्रम में डीएन शर्मा, घनश्याम शर्मा, कुलभूषण शर्मा, मोहित सिंह, विधान टंडन, आशीष गुप्ता, श्वेता गुप्ता, दानिश जमाल आदि मौजूद रहे।
आखिरी दिन केवट संवाद का मंचन हुआ। दर्शाया कि भगवान श्रीराम नदी पार कराने के लिए केवट से कहते हैं तो वह भगवान को पहचानकर पांव पखारने के बाद ही नदी पार कराने की बात पर अड़ जाते हैं। उनकी हठ को देखते हुए श्रीराम केवट को चरण धोने का मौका देते हैं। नदी पार कराने पर प्रभु श्रीराम उन्हें उतराई के पारितोषिक के रूप में माता सीता की मुद्रिका और भव सागर से पार करने का वचन देते हैं। कार्यक्रम में डीएन शर्मा, घनश्याम शर्मा, कुलभूषण शर्मा, मोहित सिंह, विधान टंडन, आशीष गुप्ता, श्वेता गुप्ता, दानिश जमाल आदि मौजूद रहे।
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