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इलाज करने के बजाय रेफर कर दिया, एक और संक्रमित की मौत
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कोरोना वायरस
- फोटो : self
सरकारी कोविड चिकित्सालय में हुई बचाने की नाकाम कोशिश
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हालत बिगड़ने पर कोविड एल-3 हुआ रेफर, कुछ देर बाद मौत
बरेली। कोविड अस्पतालों के संक्रमितों की जिंदगी से खेलने का मामला शासन तक पहुंचने के बाद जांच का आदेश दिए जाने के बावजूद हालात में कोई बदलाव नहीं आया है। अस्पताल की अनदेखी से शनिवार को एक और संक्रमित की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज न किए जाने पर आपत्ति की गई तो मरीज को तीन सौ बेड के चिकित्सालय रेफर कर दिया गया जहां से उसे एल-3 अस्पताल भेजा गया मगर उसकी जान नहीं बच सकी।
लखीमपुर खीरी के एक व्यक्ति के संक्रमित पाए जाने पर उसे पिछले दिनों भोजीपुरा के कोविड एल-2 अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस से भेजा गया था जहां उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिवार वालों का आरोप है कि डॉक्टर उसे देखने ही नहीं जाते थे। दवा न देने और मनमाना बिल बनाने के भी आरोप लगाए। कहा, इस पर आपत्ति करने पर अस्पताल प्रबंधन ने संक्रमित को सरकारी तीन सौ बेड कोविड अस्पताल रेफर कर दिया। एंबुलेंस पहुंची तो चिकित्सक और स्टाफ हैरान रह गए। बेहद गंभीर हालत होने की वजह से संक्रमित को जरूरत के मुताबिक इलाज देने में असमर्थता जताने के बाद भी सीएमएस ने उसे बचाने के प्रयास किए मगर हालत और बिगड़ी तो उसे पीलीभीत बाईपास पर कोविड एल-3 अस्पताल रेफर कर दिया। जहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
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कोविड एल-2 अस्पताल की ओर से गंभीर हालत में संक्रमित रेफर किए जाने पर सीएमएस डॉ. वागीश वैश्य ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इसकी जानकारी सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल और उच्चाधिकारियों को दी है। परिजन की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं हुई है।
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हालत बिगड़ने पर कोविड एल-3 हुआ रेफर, कुछ देर बाद मौत बरेली। कोविड अस्पतालों के संक्रमितों की जिंदगी से खेलने का मामला शासन तक पहुंचने के बाद जांच का आदेश दिए जाने के बावजूद हालात में कोई बदलाव नहीं आया है। अस्पताल की अनदेखी से शनिवार को एक और संक्रमित की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज न किए जाने पर आपत्ति की गई तो मरीज को तीन सौ बेड के चिकित्सालय रेफर कर दिया गया जहां से उसे एल-3 अस्पताल भेजा गया मगर उसकी जान नहीं बच सकी।
लखीमपुर खीरी के एक व्यक्ति के संक्रमित पाए जाने पर उसे पिछले दिनों भोजीपुरा के कोविड एल-2 अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस से भेजा गया था जहां उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिवार वालों का आरोप है कि डॉक्टर उसे देखने ही नहीं जाते थे। दवा न देने और मनमाना बिल बनाने के भी आरोप लगाए। कहा, इस पर आपत्ति करने पर अस्पताल प्रबंधन ने संक्रमित को सरकारी तीन सौ बेड कोविड अस्पताल रेफर कर दिया। एंबुलेंस पहुंची तो चिकित्सक और स्टाफ हैरान रह गए। बेहद गंभीर हालत होने की वजह से संक्रमित को जरूरत के मुताबिक इलाज देने में असमर्थता जताने के बाद भी सीएमएस ने उसे बचाने के प्रयास किए मगर हालत और बिगड़ी तो उसे पीलीभीत बाईपास पर कोविड एल-3 अस्पताल रेफर कर दिया। जहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
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कोविड एल-2 अस्पताल की ओर से गंभीर हालत में संक्रमित रेफर किए जाने पर सीएमएस डॉ. वागीश वैश्य ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इसकी जानकारी सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल और उच्चाधिकारियों को दी है। परिजन की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं हुई है।