अब वर्कशॉप में होगा रेल इंजन का पूरा चेकअप
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डीआरएम ने पत्रकारों को बताया कि अभी तक इंजन में आई मूल खराबी को दुरुस्त करने के बाद संचालन के लिए भेज दिया जाता था। ऐसे में लीकेज, सही हार्स पावर और अन्य कलपुर्जों की स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं हो पाती थी। कई बार मरम्मत के बाद निकले इंजन को ट्रेन से जोड़ने पर ऐसे फाल्ट पता लगते थे। यात्रा के बीच भी शिकायतें मिलती थीं। अब इस कंप्यूटरीकृत सिस्टम से रिपेयरिंग के बाद इंजन की सभी छोटी बड़ी समस्याओं को आसानी से चेक किया जा सकता है। इससे इंजन के बूस्टर एयरप्रेशर, फ्यूल आयल प्रेशर, ल्यूब आयल प्रेशर, सिलेंडर हेड के तापमान, जनरेटर के वोल्टेज व करंट का आंकलन लाइन पर वास्तविक लोड की परिस्थितियों के अनुरूप किया जा सकेगा। इनको दुरुस्त करके ही इंजन निकाला जाएगा तो संचालन में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इस मौके पर एडीआरएम संजीव नंदन, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (डीजल) गौरव कुमार सिंह समेत इज्जतनगर मंडल एवं शेड के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थिति थे।