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पूर्वोत्तर रेलवे तीन स्थानों पर बनाएगा मॉडर्न कॉम्प्लेक्स
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उत्तर रेलवे का रेडियंश होटल।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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रेल विकास प्राधिकरण ने शहर में तीन प्रमुख स्थान चिह्नित किए
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पीपीपी के जरिए तीन माह बाद टेंडर प्रक्रिया जारी करने की तैयारी
बरेली। श्यामगंज रेलवे मालगोदाम के सामने फैली रेलवे की कई एकड़ जमीन पर जहां फिलहाल कबाड़ के गोदामों और इमारती लकड़ी के बेतरतीब पड़े ढेरों के अलावा कुछ नजर नहीं आता, हो सकता है कुछ समय बाद आप उधर से गुजरें तो वहीं ठहरकर रह जाएं। दरअसल स्टेशनों को स्मार्ट लुक देने के बाद रेलवे अपनी खाली पड़ी जमीनों पर भी कॉमर्शियल और रेजिडेंसियल कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी कर रहा है और इस योजना के तहत श्यामगंज मालगोदाम और चौपुला-पटेल चौक मार्ग का भी कायापलट होगा। रेल भूमि विकास प्राधिकरण के अफसर कुछ समय पहले श्यामगंज मालगोदाम के साथ शहर में खाली पड़ी रेलवे की तीन निष्प्रयोज्य जमीनों का भी सर्वे कर चुके हैं। इसके बाद अगले तीन महीने के अंदर टेंडर मांगने की तैयारी है।
पब्लिक पार्टनरशिप प्रोजेक्ट यानी पीपीपी मोड में रेल विकास प्राधिकरण यानी आरएलडीए खाली और निष्प्रयोज्य रेलवे की जमीनों पर देश भर में इस तरह के कई कॉम्प्लेक्स और दूसरे प्रोजेक्ट बना चुका है। उत्तर रेलवे के बरेली जंक्शन के बाहर भी हाल ही में होटल और कामर्शियल इमारतों का निर्माण किया जा चुका है। अब इसके बाद आरएलडीए ने शहर में तीन और प्रमुख स्थान चिह्नित किए हैं। आरएलडीए अफसरों के प्रारंभिक सर्वे में इन तीनों स्थानों को लोकेशन के हिसाब से भी उपयुक्त पाया गया है। इसके बाद आरएलडीए के अधिकारी इन स्थानों के लिए अपने प्रोजेक्ट तैयार करने में जुट गए हैं।
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आरएलडीए अफसरों के मुताबिक सिविल लाइंस में चौपुला-पटेल चौक मार्ग और श्यामगंज मालगोदाम यानी शाहदाना परिसर कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए ज्यादा उपयुक्त हैं। तीसरा स्थान इज्जतनगर मंडल रेल कार्यालय के सामने है। उन्होंने बताया कि अगर कोई बाधा नहीं आई तो अगले तीन महीनों के अंदर इन तीनों स्थानों को विकसित करने के इच्छुक लोगों से निविदाएं मांगी जाएंगी। उन्होंने बताया कि रेलवे अपनी भूमि बेचेगा नहीं बल्कि एक निश्चित अवधि के लिए लीज पर देकर उसे विकसित कराएगा लेकिन प्रोजेक्ट रेलवे के मानकों के आधार पर ही तैयार होगा।
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पीपीपी के जरिए तीन माह बाद टेंडर प्रक्रिया जारी करने की तैयारी बरेली। श्यामगंज रेलवे मालगोदाम के सामने फैली रेलवे की कई एकड़ जमीन पर जहां फिलहाल कबाड़ के गोदामों और इमारती लकड़ी के बेतरतीब पड़े ढेरों के अलावा कुछ नजर नहीं आता, हो सकता है कुछ समय बाद आप उधर से गुजरें तो वहीं ठहरकर रह जाएं। दरअसल स्टेशनों को स्मार्ट लुक देने के बाद रेलवे अपनी खाली पड़ी जमीनों पर भी कॉमर्शियल और रेजिडेंसियल कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी कर रहा है और इस योजना के तहत श्यामगंज मालगोदाम और चौपुला-पटेल चौक मार्ग का भी कायापलट होगा। रेल भूमि विकास प्राधिकरण के अफसर कुछ समय पहले श्यामगंज मालगोदाम के साथ शहर में खाली पड़ी रेलवे की तीन निष्प्रयोज्य जमीनों का भी सर्वे कर चुके हैं। इसके बाद अगले तीन महीने के अंदर टेंडर मांगने की तैयारी है।
पब्लिक पार्टनरशिप प्रोजेक्ट यानी पीपीपी मोड में रेल विकास प्राधिकरण यानी आरएलडीए खाली और निष्प्रयोज्य रेलवे की जमीनों पर देश भर में इस तरह के कई कॉम्प्लेक्स और दूसरे प्रोजेक्ट बना चुका है। उत्तर रेलवे के बरेली जंक्शन के बाहर भी हाल ही में होटल और कामर्शियल इमारतों का निर्माण किया जा चुका है। अब इसके बाद आरएलडीए ने शहर में तीन और प्रमुख स्थान चिह्नित किए हैं। आरएलडीए अफसरों के प्रारंभिक सर्वे में इन तीनों स्थानों को लोकेशन के हिसाब से भी उपयुक्त पाया गया है। इसके बाद आरएलडीए के अधिकारी इन स्थानों के लिए अपने प्रोजेक्ट तैयार करने में जुट गए हैं।
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आरएलडीए अफसरों के मुताबिक सिविल लाइंस में चौपुला-पटेल चौक मार्ग और श्यामगंज मालगोदाम यानी शाहदाना परिसर कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए ज्यादा उपयुक्त हैं। तीसरा स्थान इज्जतनगर मंडल रेल कार्यालय के सामने है। उन्होंने बताया कि अगर कोई बाधा नहीं आई तो अगले तीन महीनों के अंदर इन तीनों स्थानों को विकसित करने के इच्छुक लोगों से निविदाएं मांगी जाएंगी। उन्होंने बताया कि रेलवे अपनी भूमि बेचेगा नहीं बल्कि एक निश्चित अवधि के लिए लीज पर देकर उसे विकसित कराएगा लेकिन प्रोजेक्ट रेलवे के मानकों के आधार पर ही तैयार होगा।
उजाड़ पड़ा श्यामगंज मालगोदाम।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
15 सालों से उजाड़-बियावान है श्यामगंज मालगोदाम
करीब तीस एकड़ भूमि पर फैला रेलवे श्यामगंज मालगोदाम किसी समय उत्तराखंड से आने वाली लकड़ी, बजरी और रेत के ट्रांसपोर्ट के लिए इस्तेमाल होता था। 15 सालों से ज्यादा समय से यह जगह निष्प्रयोज्य पड़ी हुई और रेलवे इसका कोई इस्तेमाल नहीं कर रहा है। पूरे परिसर पर लकड़ी कारोबारियों का कब्जा है। रेलवे की पुरानी इमारतें खंडहर हो चुकी हैं। यहां से इज्जतनगर तक रेल पटरी बिछी हुई है। करीब पौने तीन किलोमीटर लंबी इस पटरी पर भी तमाम अस्थाई कब्जे हैं। प्रशासन और शहर के जनप्रतिनिधि इस पटरी वाले गलियारे पर पहले सड़क बनवाने की कोशिश कर चुके हैं।
करीब तीस एकड़ भूमि पर फैला रेलवे श्यामगंज मालगोदाम किसी समय उत्तराखंड से आने वाली लकड़ी, बजरी और रेत के ट्रांसपोर्ट के लिए इस्तेमाल होता था। 15 सालों से ज्यादा समय से यह जगह निष्प्रयोज्य पड़ी हुई और रेलवे इसका कोई इस्तेमाल नहीं कर रहा है। पूरे परिसर पर लकड़ी कारोबारियों का कब्जा है। रेलवे की पुरानी इमारतें खंडहर हो चुकी हैं। यहां से इज्जतनगर तक रेल पटरी बिछी हुई है। करीब पौने तीन किलोमीटर लंबी इस पटरी पर भी तमाम अस्थाई कब्जे हैं। प्रशासन और शहर के जनप्रतिनिधि इस पटरी वाले गलियारे पर पहले सड़क बनवाने की कोशिश कर चुके हैं।
उजाड़ पड़ा रेलवे मनोरंजन सदन।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
सबसे महंगा है रेलवे मनोरंजन सदन के आसपास का इलाका
करीब दस हजार वर्ग मीटर में बना मनोरंजन सदन भवन के साथ बड़ा मैदान भी है। इसके आसपास रेलवे के आवास भी बने हुए हैं जिनमें से कई खाली पड़े हुए हैं। आरएलडीए श्यामगंज मालगोदाम के साथ यहां पर भी कॉमर्शियल और रेजिडेंसियल प्रोजेक्ट तैयार करना चाहता है। दरअसल सिविल लाइंस में यह स्थान सबसे ज्यादा महंगा और बेहतरीन बताया जाता है। रेल प्रबंधन का मानना है कि मुख्य मार्ग पर होने के कारण यहां पर उसका प्रोजेक्ट ज्यादा कामयाब होगा। बता दें कि रेलवे ने हाल ही मं वैवाहिक और दूसरे आयोजनों के लिए भी यह भवन किराए पर देना शुरू किया है।
करीब दस हजार वर्ग मीटर में बना मनोरंजन सदन भवन के साथ बड़ा मैदान भी है। इसके आसपास रेलवे के आवास भी बने हुए हैं जिनमें से कई खाली पड़े हुए हैं। आरएलडीए श्यामगंज मालगोदाम के साथ यहां पर भी कॉमर्शियल और रेजिडेंसियल प्रोजेक्ट तैयार करना चाहता है। दरअसल सिविल लाइंस में यह स्थान सबसे ज्यादा महंगा और बेहतरीन बताया जाता है। रेल प्रबंधन का मानना है कि मुख्य मार्ग पर होने के कारण यहां पर उसका प्रोजेक्ट ज्यादा कामयाब होगा। बता दें कि रेलवे ने हाल ही मं वैवाहिक और दूसरे आयोजनों के लिए भी यह भवन किराए पर देना शुरू किया है।
इज्जतनगर में खाली पड़ी इस जमीन पर विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
इज्जतनगर में खाली जमीन पर रेजिडेंसियल प्रोजेक्ट की तैयारी
इज्जतनगर में डीआरएम कार्यालय के पास दो और स्थानों पर भी मनोरंजन सदन और खाली भूमि बेकार पड़ी है। आरएलडीए के अधिकारी अभी इस लोकेशन पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे। उनका मानना है कि इज्जतनगर में आवासीय योजना ही ज्यादा कामयाब हो पाएगी।
इज्जतनगर में डीआरएम कार्यालय के पास दो और स्थानों पर भी मनोरंजन सदन और खाली भूमि बेकार पड़ी है। आरएलडीए के अधिकारी अभी इस लोकेशन पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे। उनका मानना है कि इज्जतनगर में आवासीय योजना ही ज्यादा कामयाब हो पाएगी।
कामयाब रहा जंक्शन पर कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रयोग
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
कामयाब रहा जंक्शन पर कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रयोग
आरएलडीए ने शहर में पहला प्रयोग रेलवे जंक्शन से सटेी पुरानी इमारत को हटाकर रेडियंश कॉम्प्लेक्स के रूप में नया प्रोजेक्ट तैयार कर किया है। यहां पीपीपी मॉडल पर होटल, शॉपिंग और खानपान कॉम्प्लेक्स कुछ दिनों पहले ही शुरू हुआ है। कुछ ही दिनों में इसने अपनी पहचान बना ली है। शाम होते ही यहां अच्छी-खासी भीड़ दिखाई देने लगती है।
आरएलडीए ने शहर में पहला प्रयोग रेलवे जंक्शन से सटेी पुरानी इमारत को हटाकर रेडियंश कॉम्प्लेक्स के रूप में नया प्रोजेक्ट तैयार कर किया है। यहां पीपीपी मॉडल पर होटल, शॉपिंग और खानपान कॉम्प्लेक्स कुछ दिनों पहले ही शुरू हुआ है। कुछ ही दिनों में इसने अपनी पहचान बना ली है। शाम होते ही यहां अच्छी-खासी भीड़ दिखाई देने लगती है।
अजय वार्ष्णेय, सिविल इंजीनियर
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
कॉरपोरेट लुक में बनेंगे प्रोजेक्ट
वाराणसी का मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट की तर्ज पर बनाने वाले सिविल इंजीनियर अजय वार्ष्णेय आरएलडीए परियोजनाओं को कारपोरेट लुक देना चाहते हैं। वह पिछले दिनों वाराणसी से इज्जतनगर मंडल में एडीआरएम परिचालन के पद पर स्थानांतरित होकर आए हैं। इज्जतनगर रेलवे स्टेशन भी उन्होंने ही डिजाइन किया था। अब आरएलडीए के साथ बैठक कर शहर में प्रोजेक्ट तैयार कराने के लिए कार्ययोजना बना रहे हैं।
दिनेश कुमार सिंह, पूर्वोत्तर मंडल रेल प्रबंधक, इज्जतनगर
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
हम प्रयास करेंगे कि इस प्रोजेक्ट में रेलवे कर्मियों को आवास प्राथमिकता पर मिलें
सिविल लाइंस चौपुला मार्ग पर रेलवे भूमि पर आरएलडीए प्रोजेक्ट शुरू कराना चाहता है। हम प्रयास करेंगे कि इस प्रोजेक्ट में रेलवे कर्मियों को आवास प्राथमिकता के आधार पर मिलें। अभी हमें प्रोजेक्ट की ज्यादा जानकारी नहीं मिली है। लेकिन यह तय है कि आरएलडीए के कॉमर्शियल और रेजिडेंसियल प्रोजेक्ट शहर को और ज्यादा स्मार्ट बनाएंगे। - दिनेश कुमार सिंह, पूर्वोत्तर मंडल रेल प्रबंधक, इज्जतनगर
सिविल लाइंस चौपुला मार्ग पर रेलवे भूमि पर आरएलडीए प्रोजेक्ट शुरू कराना चाहता है। हम प्रयास करेंगे कि इस प्रोजेक्ट में रेलवे कर्मियों को आवास प्राथमिकता के आधार पर मिलें। अभी हमें प्रोजेक्ट की ज्यादा जानकारी नहीं मिली है। लेकिन यह तय है कि आरएलडीए के कॉमर्शियल और रेजिडेंसियल प्रोजेक्ट शहर को और ज्यादा स्मार्ट बनाएंगे। - दिनेश कुमार सिंह, पूर्वोत्तर मंडल रेल प्रबंधक, इज्जतनगर