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Bareilly News: 12 से अधिक तालाबों पर कब्जा कर बनाए पक्के मकान
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मीरगंज/दुनका। तहसील क्षेत्र में 24 से अधिक गांवों में तालाबों पर कब्जे बरकरार हैं। यहां जगह-जगह पक्के मकान बना लिए गए हैं। यहां तक कि कई तालाबों का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन की तरफ से अनदेखी जारी है।
एक ओर सरकार जल संरक्षण के लिए तालाबों की खोदाई के लिए लाखों रुपये खर्च कर रही है। वहीं, ग्रामीण लगातार तालाबों को पाटकर उन पर पक्के निर्माण कर तालाबों का अस्तित्व समाप्त करने में लगे हुए हैं। तहसील क्षेत्र के गांव कस्बा दुनका में खतौनी अभिलेखों में 25 गाटे की संख्याओं में तालाब दर्ज हैं, लेकिन वर्तमान समय में केवल पांच-छह तालाब मौके पर मौजूद है, लेकिन उन पर भी आए दिन लोग कब्जा कर पक्के निर्माण किए जा रहे हैं। यही हालत आसपास क्षेत्र में स्थित तालाबों की है।
तालाब पाटने से गंदे पानी निकासी की परेशानी हुई खड़ी
दुनका के भरत शर्मा, डाॅ. वेदप्रकाश शर्मा, कपिल गंगवार, धर्मेंद्र कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में तालाबों का अस्तित्व समाप्त होने के कारण गांव में गंदे पानी के निकास की समस्या बनी हुई है। गलियों में गंदा पानी बहने से लोगों में बीमारियां पैर पसार रही हैं। जब तालाबों को नहीं पाटा गया था तो सारा गंदा पानी तालाबों में चला जाता था, जिससे गांव का जल स्तर भी नहीं गिरता था।
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30 से अधिक लोगों पर मुकदमे
हलका लेखपाल गिरंद कुमार ने बताया कि गांव में तालाबों के 25 गाटे में तालाब दर्ज हैं। कुछ तालाबों को पाट लिया गया है। कुछ तालाबों पर आंशिक रूप से कब्जे हैं। इस समय गांव के 30 से अधिक लोगों के खिलाफ तहसीलदार कोर्ट में मुकदमे चल रहे हैं। संवाद
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तहसीलदार मीरगंज आशीष कुमार सिंह ने बताया कि तहसीलदार न्यायिक और उनकी कोर्ट में अभी लगभग 125 मुकदमे तालाबों एवं सरकारी जमीन पर कब्जों को लेकर चल रहे हैं। कुछ मुकदमों का निस्तारण भी किया गया है। तहसील क्षेत्र में हुए तालाबों से कब्जा हटवाकर कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
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एक ओर सरकार जल संरक्षण के लिए तालाबों की खोदाई के लिए लाखों रुपये खर्च कर रही है। वहीं, ग्रामीण लगातार तालाबों को पाटकर उन पर पक्के निर्माण कर तालाबों का अस्तित्व समाप्त करने में लगे हुए हैं। तहसील क्षेत्र के गांव कस्बा दुनका में खतौनी अभिलेखों में 25 गाटे की संख्याओं में तालाब दर्ज हैं, लेकिन वर्तमान समय में केवल पांच-छह तालाब मौके पर मौजूद है, लेकिन उन पर भी आए दिन लोग कब्जा कर पक्के निर्माण किए जा रहे हैं। यही हालत आसपास क्षेत्र में स्थित तालाबों की है।
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तालाब पाटने से गंदे पानी निकासी की परेशानी हुई खड़ी
दुनका के भरत शर्मा, डाॅ. वेदप्रकाश शर्मा, कपिल गंगवार, धर्मेंद्र कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में तालाबों का अस्तित्व समाप्त होने के कारण गांव में गंदे पानी के निकास की समस्या बनी हुई है। गलियों में गंदा पानी बहने से लोगों में बीमारियां पैर पसार रही हैं। जब तालाबों को नहीं पाटा गया था तो सारा गंदा पानी तालाबों में चला जाता था, जिससे गांव का जल स्तर भी नहीं गिरता था।
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30 से अधिक लोगों पर मुकदमे
हलका लेखपाल गिरंद कुमार ने बताया कि गांव में तालाबों के 25 गाटे में तालाब दर्ज हैं। कुछ तालाबों को पाट लिया गया है। कुछ तालाबों पर आंशिक रूप से कब्जे हैं। इस समय गांव के 30 से अधिक लोगों के खिलाफ तहसीलदार कोर्ट में मुकदमे चल रहे हैं। संवाद
तहसीलदार मीरगंज आशीष कुमार सिंह ने बताया कि तहसीलदार न्यायिक और उनकी कोर्ट में अभी लगभग 125 मुकदमे तालाबों एवं सरकारी जमीन पर कब्जों को लेकर चल रहे हैं। कुछ मुकदमों का निस्तारण भी किया गया है। तहसील क्षेत्र में हुए तालाबों से कब्जा हटवाकर कब्जा मुक्त कराया जाएगा।