बदायूं के फौजी के बेटे गौरव ने किया टॉप
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गौरव का कहना है कि बचपन से ही वर्दी पहनकर लोगों की सेवा करना उसका मकसद था। दरोगा की सीधी भर्ती के लिए उसने बहुत मेहनत की थी। शारीरिक परीक्षा के बाद लिखित परीक्षा के लिए उसने दो महीने को मोबाइल बंद कर दिया था। दोस्तों से भी नाता नहीं रहा था। टीवी देखता ही नहीं था। सिर्फ एक ही मकसद था कि परीक्षा पास करनी है। पिता जी के साथ मां सरोज देवी ने भी उसका साथ दिया। परीक्षा में पास हुए 3,801 आवेदकों में वह 376.6667 अंक पाकर टॉपर रहा है। महिलाओं की सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने का इरादा है। गौरव के मुताबिक कोई भी व्यक्ति लक्ष्य तय करके काम करे तो सफलता आसानी से मिल जाती है।