बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

एक ग्राम पंचायत तीन वार्ड में बंटा

Updated Tue, 31 Mar 2015 12:59 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बरेली में जिला पंचायतों के वार्डों के हुए परिसीमन में कई खामियां सामने आई हैं। मझगवां ब्लाक के ग्राम पंचायत गुरगावां मुस्तकिल की आबादी को तीन वार्डों में बांट दिया गया है। करीब आठ हजार आबादी वाले इस गांव को हुए परिसीमन में वार्ड 37, 38 और 39 में विभक्त कर समायोजित किया गया है। इसी प्रकार बिथरी ब्लाक के ग्राम रजपुरी नवादा को भुता ब्लाक के वार्ड 53 में जोड़ दिया गया है तो भुता गांव को मौके से 25 किमी दूर पीलीभीत रोड पारकर नैनीताल मार्ग से सटे भूड़ा गांव वाले वार्ड 56 से जोड़ दिया है। जिला पंचायत कार्यालय में सोमवार को एक दर्जन से अधिक दर्ज आपत्तियों में ये तथ्य प्रस्तुत किए गए।
विज्ञापन

ऐसी ही एक आपत्ति मझगवां के पिपरिया उपरावा के ग्रामीणों ने की है। इस गांव की आबादी को भी अतार्किक ढंग से वार्ड 38 और 39 में बांट दिया गया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व पंचायती राज मंत्री और मौजूदा आंवला विधायक धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल कमिश्नर प्रमांशु यादव से सोमवार को मिला और परिसीमन में हुई गड़बड़ियों पर ध्यान आकृष्ट किया। कमिश्नर से उन्होंने कहा कि क्षेत्र के 10 हजार की आबादी वाले ग्राम पंचायत शिवपुरी को 30 किमी दूर गैनी और रहटोइया में बांट दिया गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में राकेश मोहन त्यागी, रवींद्र मिश्रा, राम लखन, विपिन कुमार सिंह आदि शामिल थे। दूसरी ओर मौजूदा जिला पंचायत सदस्य लालदेई, रीना गंगवार, संतोष भारती, समीरूद्दीन, एकता गंगवार, गीता देवी, अशोक मोहन गंगवार, शिवचरन कश्यप, संगीता गुप्ता, नीलम सिंह, तनवीर अहमद कादरी और ताराचंद ने डीएम से शिकायत की कि वार्डों का परिसीमन नियमविरुद्ध तरीके से किया गया है। इसमें शासनादेश की खुली अनदेखी और किसी व्यक्ति विशेष के प्रभाव में डीपीआरओ द्वारा ऐसा किए जाने का आरोप लगाया गया है। इन्होंने हुए परिसीमन का किसी दूसरे वरिष्ठ अधिकारी से परीक्षण कराकर विधिसम्मत परिसीमन कराने की मांग की।



वर्जन
1. तीन अप्रैल तक आपत्तियां ली जानी हैं। प्रस्तावित परिसीमन में जो भी जायज आपत्ति मिलेगी, उस पर विचार कर सुधार या संशोधन किया जाएगा। सभी आपत्तियां डीएम की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा 11 अप्रैल तक निस्तारित कर दी जाएंगी।
- टीसी पांडेय, जिला पंचायतराज अधिकारी।
2. पंचायतराज मंत्री रहा हूं। परिसीमन संबंधी नियमावली से पूरी तरह वाकिफ हूं। लेकिन बरेली में इस बार हुए परिसीमन में नियमों को सत्ता पक्ष के लोगों के हित में ताक पर रख दिया गया है। प्रजातंत्र की सबसे बड़ी नर्सरी कही जाने वाली पंचायत में सरकारी स्तर पर हो रहे खेल पर कमिश्नर का ध्यान आकृष्ट कर समुचित कार्रवाई की मांग की है।
- धर्मपाल सिंह, भाजपा के प्रदेश महामंत्री और आंवला विधायक।
3. हैरत में हूं कि पूरा का पूरा गांव हवाई सैर कराते हुए इस परिसीमन में दूरदराज के वार्डों में मिला दिया गया है। जिम्मेदार अधिकारी अकेले में अपनी गलती स्वीकारते हैं लेकिन अधिकृत तौर पर इसे सुधारने में कोई रुचि नहीं रखते। यही हाल रहा तो जनहित और पंचायत व्यवस्था के हित में हाईकोर्ट में न्याय की गुहार करूंगा।
- वीरेंद्र सिंह, बसपा नेता और बिथरी चैनपुर विधायक।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us