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अब रिपोर्ट के लिए नहीं होगी मारमारी, मेसेज से मिलेगी जानकारी
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भारत में कोरोना (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : demo pics
कोरोना जांच रिपोर्ट की जानकारी न होने पर अक्सर होती है नोंकझोंक
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बरेली। कोरोना जांच रिपोर्ट का इंतजार करने वाले संदिग्ध संक्रमितों के लिए अब स्वास्थ्य विभाग नई पहल शुरू करने जा रहा है। इसके तहत अस्पताल और घरों पर क्वारंटीन संदिग्धों को उनकी रिपोर्ट मोबाइल पर भेजी जाएगी। इस पहल से एक ओर जहां रिपोर्ट के इंतजार में परेशान लोगों को राहत मिलेगी, वहीं स्वास्थ्य विभाग को डिस्चार्ज के दौरान अलग से कोई रिपोर्ट नहीं देनी होगी।
कोरोना की जांच के बाद लोगों को रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार रहता है। कई बार रिपोर्ट मिलने में देरी होने पर रोगियों की स्वास्थ्य टीम से नोकझोंक की घटनाएं भी सामने आई हैं। लोग अस्पताल के कंट्रोल रूम नंबर पर कॉल करके भी रिपोर्ट जानने का प्रयास करते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल शुरू करने जा रहा है। अब जांच कराने वाले के फोन पर एसएमएस के जरिये रिपोर्ट भेजी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि मेसेज मिलने से निगेटिव रिपोर्ट वालों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं रहेगी। डिस्चार्ज होकर घर जाने पर पड़ोसियों के सवालों के जवाब के तौर पर उन्हें मेसेज दिखाया जा सकता है।
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कोरोना की जांच के बाद लोगों को रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार रहता है। कई बार रिपोर्ट मिलने में देरी होने पर रोगियों की स्वास्थ्य टीम से नोकझोंक की घटनाएं भी सामने आई हैं। लोग अस्पताल के कंट्रोल रूम नंबर पर कॉल करके भी रिपोर्ट जानने का प्रयास करते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल शुरू करने जा रहा है। अब जांच कराने वाले के फोन पर एसएमएस के जरिये रिपोर्ट भेजी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि मेसेज मिलने से निगेटिव रिपोर्ट वालों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं रहेगी। डिस्चार्ज होकर घर जाने पर पड़ोसियों के सवालों के जवाब के तौर पर उन्हें मेसेज दिखाया जा सकता है।
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बशर्ते सही दर्ज कराया हो मोबाइल नंबर
तीन सौ बेड के अस्पताल और मेडिकल मोबाइल यूनिट की ओर से संदिग्ध संक्रमितों की सैंपलिंग की जा रही है। ये जांच के लिए आईवीआरआई भेजे जाते हैं। रिपोर्ट की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को मिलती है। हालांकि, इस बीच लेटलतीफी होने से लोग रिपोर्ट जानने को बेकरार रहते हैं। वहीं, रिपोर्ट मिलने के बाद मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया जाता है। जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आती है, उनके पास इसका कोई प्रमाण नहीं होता, इससे लोग उन पर संदेह करते हैं। अफसरों ने बताया कि मेसेज से रिपोर्ट मिलने पर यह सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। बशर्ते लोगों ने मोबाइल नंबर सही दर्ज कराया हो। अगर गलत नंबर होगा तो वे खुद ही परेशान होंगे।
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