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Bareilly News: कर्मचारी की मौत का प्रमाण नहीं, पत्नी 25 साल से ले रही पेंशन

Fri, 02 Oct 2026 02:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2026 02:52 AM IST
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No proof of employee's death; wife has been drawing pension for 25 years.
बरेली। पूर्ति विभाग के कर्मचारी रहे अशोक मोहन की पत्नी के नाम पर वर्ष 2001 से जारी पारिवारिक पेंशन अब जांच के दायरे में है। आईजीआरएस पर दर्ज शिकायत के मुताबिक, संबंधित पेंशन फाइल में न तो अशोक मोहन का मृत्यु प्रमाणपत्र है, न ही गुमशुदगी से संबंधित पुलिस अभिलेख। अब मुख्य कोषाधिकारी ने तहसील प्रशासन समेत संबंधित विभागों से रिकॉर्ड मांगा है।
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अधिवक्ता दर्शन सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी है, जबकि सुभाषनगर निवासी मनोज शर्मा, जनकपुरी निवासी आशीष कुमार व अन्य ने आईजीआरएस पर शिकायत की है। शिकायत में पेंशन स्वीकृति और भुगतान के आधार की जांच कराने की मांग की गई है। यह भी पूछा है कि अगर संबंधित कर्मचारी की मृत्यु या गुमशुदगी से जुड़े अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं तो पेंशन की स्वीकृति किन दस्तावेजों के आधार पर हुई है।
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कोषागार की ओर से तहसीलदार, एसडीएम और खाद्य एवं रसद विभाग को पत्र भेजकर संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इसमें कर्मचारी की मृत्यु या गुमशुदगी से संबंधित रिकॉर्ड के साथ पेंशन पाने वाली महिला की पात्रता से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए हैं। पेंशनभोगी महिला ने पुनर्विवाह तो नहीं किया है, इसका भी सत्यापन कराने के लिए कहा है।
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रिकॉर्ड के अनुसार, अशोक मोहन की पत्नी के रूप में रेखा उर्फ लेखा कुमारी के नाम पर वर्ष 2001 में बिजनौर से पारिवारिक पेंशन का भुगतान शुरू हुआ था। वर्ष 2008 में पेंशन का भुगतान बरेली कोषागार से होने लगा। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, बिजनौर के पूर्ति कार्यालय से संपर्क करने पर भी अशोक मोहन का मृत्यु प्रमाणपत्र उपलब्ध होने की जानकारी नहीं मिली। शिकायत में गुमशुदगी से संबंधित पुलिस रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

लापता कर्मचारी के मामले में भी दस्तावेज जरूरी
कोषागार कर्मियों के अनुसार, लापता सरकारी कर्मचारी के मामले में आश्रित को पारिवारिक पेंशन देने के लिए अभिलेखों का होना जरूरी है। इसमें गुमशुदगी की सूचना, पुलिस और संबंधित विभाग की कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए अशोक मोहन के मामले में पेंशन स्वीकृति के समय कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे, यह जांच का हिस्सा है।


इन सवालों के चाहिए जवाब
- अशोक मोहन की मृत्यु का आधिकारिक रिकॉर्ड कहां है।
- यदि वह लापता हुए थे तो गुमशुदगी कहां दर्ज हुई थी।
- पुलिस की तलाश और रिपोर्ट से जुड़े अभिलेख कहां हैं।
- वर्ष 2001 में पारिवारिक पेंशन किस आधार पर स्वीकृत हुई।
- पीपीओ जारी करने से पहले किन दस्तावेजों का सत्यापन किया।
- बरेली कोषागार में स्थानांतरण के लिए कौन से अभिलेख लगाए।

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आईजीआरएस शिकायत के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। वर्ष 2008 में पीपीओ के आधार पर बरेली कोषागार से पेंशन दी जा रही है। विभागों से संबंधित अभिलेख मांगे हैं। नियमों के विपरीत भुगतान की पुष्टि हुई तो कार्रवाई की जाएगी। - शैलेश कुमार, मुख्य कोषाधिकारी
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