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Bareilly News: नवाबगंज चीनी मिल नहीं करेगी गन्ना पेराई, बहेड़ी पर भी संशय
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बरेली। पिछले सत्र में खरीदे गए गन्ने का भुगतान करने में असमर्थ नवाबगंज की ओसवाल ओवरसीज चीनी मिल इस बार गन्ना पेराई नहीं करेगी। वहीं, बहेड़ी की केसर इंटरप्राइजेज चीनी मिल के चलने पर भी संशय बरकरार है। प्रबंधन ने धन की व्यवस्था होने पर ही मिल चालू करने की बात कही है। इन दोनों चीनी मिलों पर 69 हजार किसानों का 203.45 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।
जिले में 1.86 लाख गन्ना किसान हैं। 1.03 लाख हेक्टेयर जमीन पर गन्ना बोया जाता है। यह गन्ना जिले की चीनी मिलों के अलावा पीलीभीत और रामपुर जिले की सीमावर्ती मिलों को आवंटित जाता है। इस सत्र में सेमीखेड़ा, मीरगंज और फरीदपुर चीनी मिल चालू हो गई है। नई बनी त्रिवटीनाथ चीनी मिल भी इसी सत्र से गन्ना पेराई करेगी। बहेड़ी और नवाबगंज चीनी मिल में पेराई अब तक शुरू नहीं हुई है।
नवाबगंज की चीनी मिल पर 24 हजार किसानों का 58 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। नवाबगंज मिल के न चलने से इस क्षेत्र के किसानों को बहेड़ी, मीरगंज, फरीदपुर और पीलीभीत की एलएच शुगर मिल से संबद्ध किया गया है। बहेड़ी की मिल पर 45 हजार किसानों का 146 करोड़ रुपये बकाया है।
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बहेड़ी चीनी मिल के गन्ने की आपूर्ति में 30 प्रतिशत कटौती की गई है। चीनी मिल के सीईओ शरत मिश्र ने बताया कि कोशिश है कि 31 दिसंबर तक बकाया चुकता कर दें। यदि धन की व्यवस्था हो जाएगी तो 17-18 नवंबर से मिल चालू करेंगे। संवाद
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जिले की चीनी मिलों को आवंटित गन्ना
चीनी मिल - आवंटित गन्ना
बहेड़ी - 124.50 लाख क्विंटल
फरीदपुर - 122.06 लाख क्विंटल
सेमीखेड़ा - 73.10 लाख क्विंटल
मीरगंज - 64.05 लाख क्विंटल
त्रिवटीनाथ - 40.54 लाख क्विंटल
वर्जन-
बहेड़ी चीनी मिल के प्रबंधन ने बुधवार सुबह से किसानों को पर्चियां जारी करने के लिए कहा है। यदि यह पर्ची जारी नहीं करते हैं तो मिल चलने पर संशय है। तीन मिलें चालू हो गई हैं। - दिलीप कुमार सैनी, जिला गन्ना अधिकारी
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जिले में 1.86 लाख गन्ना किसान हैं। 1.03 लाख हेक्टेयर जमीन पर गन्ना बोया जाता है। यह गन्ना जिले की चीनी मिलों के अलावा पीलीभीत और रामपुर जिले की सीमावर्ती मिलों को आवंटित जाता है। इस सत्र में सेमीखेड़ा, मीरगंज और फरीदपुर चीनी मिल चालू हो गई है। नई बनी त्रिवटीनाथ चीनी मिल भी इसी सत्र से गन्ना पेराई करेगी। बहेड़ी और नवाबगंज चीनी मिल में पेराई अब तक शुरू नहीं हुई है।
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नवाबगंज की चीनी मिल पर 24 हजार किसानों का 58 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। नवाबगंज मिल के न चलने से इस क्षेत्र के किसानों को बहेड़ी, मीरगंज, फरीदपुर और पीलीभीत की एलएच शुगर मिल से संबद्ध किया गया है। बहेड़ी की मिल पर 45 हजार किसानों का 146 करोड़ रुपये बकाया है।
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बहेड़ी चीनी मिल के गन्ने की आपूर्ति में 30 प्रतिशत कटौती की गई है। चीनी मिल के सीईओ शरत मिश्र ने बताया कि कोशिश है कि 31 दिसंबर तक बकाया चुकता कर दें। यदि धन की व्यवस्था हो जाएगी तो 17-18 नवंबर से मिल चालू करेंगे। संवाद
जिले की चीनी मिलों को आवंटित गन्ना
चीनी मिल - आवंटित गन्ना
बहेड़ी - 124.50 लाख क्विंटल
फरीदपुर - 122.06 लाख क्विंटल
सेमीखेड़ा - 73.10 लाख क्विंटल
मीरगंज - 64.05 लाख क्विंटल
त्रिवटीनाथ - 40.54 लाख क्विंटल
वर्जन-
बहेड़ी चीनी मिल के प्रबंधन ने बुधवार सुबह से किसानों को पर्चियां जारी करने के लिए कहा है। यदि यह पर्ची जारी नहीं करते हैं तो मिल चलने पर संशय है। तीन मिलें चालू हो गई हैं। - दिलीप कुमार सैनी, जिला गन्ना अधिकारी