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मंत्री जी! इतनी पतली सीवर लाइन.. कहीं पूरा सिस्टम न ‘फंस’ जाए
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बरेली। पिछले 50 साल में शहर की आबादी तो छह गुना से भी ज्यादा बढ़ चुकी है लेकिन सेंट्रल सीवर में पाइप अब भी उतनी मोटाई के ही डाले जा रहे हैं जितनी मोटाई के 50 साल पहले डाले गए थे। मेयर उमेश गौतम ने इस वजह से पूरे प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए नगर विकास मंत्री को पत्र लिखा है और जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोक दिया जाए क्योंकि अगर गलत सीवर लाइन पड़ गई तो सरकारी पैसे की बर्बादी के साथ पूरा सिस्टम भी कटघरे में खड़ा हो जाएगा।
शहर में 54.85 करोड़ रुपये की लागत से सीवर की 12.74 किमी. लंबी ट्रंक लाइन बिछाई जा रही है। 26 अगस्त को केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री संतोष गंगवार और मेयर उमेश गौतम ने इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था। उस दौरान भी मेयर ने सीवर लाइन में डाले जाने वाले पाइप के व्यास पर सवाल उठाया था, लेकिन इस पर किसी ने कोई खास ध्यान नहीं दिया। अब मेयर ने इस पर दोबारा सवाल उठाते हुए नगर विकास मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि शहर में करीब 50 साल पहले सीवर लाइन डाली गई थी। तब शहर की आबादी दो लाख थी और पाइपलाइन का व्यास 250-1500 मिलीमीटर था। मौजूदा समय में शहर की आबादी लगभग 16 लाख हो गई है, लेकिन पाइप का व्यास अब भी 250-1500 मिलीमीटर ही है। मेयर ने आशंका जताई है कि आबादी के हिसाब से इतनी क्षमता की पाइपलाइन से भविष्य में दिक्कतें सामने आएंगी। उन्होंने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने और तब तक इसका काम रुकवाने की मांग की है।
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खुदी सड़कों से लोग परेशान, लग रहा जाम
जल निगम ने ईसाइयों की पुलिया से मालियों की पुलिया के बीच और श्यामगंज चौराहे से कालीबाड़ी तक पाइपलाइन बिछा दी है। इसे बिछाने के लिए सड़क की गहरी खुदाई की गई है। अभी यहां मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। जगह-जगह पाइप भी पड़े हुए हैं, जिसके चलते सड़क पर मिट्टी बिखरी होने के साथ ही जाम भी लग रहा है।
निर्माण कार्यों पर भी उठाया सवाल
पिछले दिनों मेयर उमेश गौतम ने नगर निगम में निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद से अब तक किसी भी कार्य का शिलान्यास या उद्घाटन नहीं कराया गया है। ऐसा लगता है कि निर्माण कार्यों में धांधली की गई है, जिसके चलते निर्माण विभाग उनसे उद्घाटन कराने से बच रहा है।
शहर की आबादी पहले की अपेक्षा काफी बढ़ चुकी है और सीवर लाइन का साइज कम है। इसको लेकर शिकायत करने पर नगर विकास मंत्री ने जल निगम के एमडी एवं अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग कराई है और जांच कराने की बात कही है।
- उमेश गौतम, मेयर
सीवर लाइन का प्रोजेक्ट विशेषज्ञों ने डिजायन किया है। तकनीक के अनुसार इसका साइज ठीक है और कोई दिक्कत नहीं है। मेयर के साथ मीटिंग करके प्रोजेक्ट के बारे में उन्हें विस्तृत जानकारी देकर सारे तथ्यों से अवगत कराएंगे।
- संजय कुमार, एक्सईएन, जल निगम
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शहर में 54.85 करोड़ रुपये की लागत से सीवर की 12.74 किमी. लंबी ट्रंक लाइन बिछाई जा रही है। 26 अगस्त को केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री संतोष गंगवार और मेयर उमेश गौतम ने इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था। उस दौरान भी मेयर ने सीवर लाइन में डाले जाने वाले पाइप के व्यास पर सवाल उठाया था, लेकिन इस पर किसी ने कोई खास ध्यान नहीं दिया। अब मेयर ने इस पर दोबारा सवाल उठाते हुए नगर विकास मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि शहर में करीब 50 साल पहले सीवर लाइन डाली गई थी। तब शहर की आबादी दो लाख थी और पाइपलाइन का व्यास 250-1500 मिलीमीटर था। मौजूदा समय में शहर की आबादी लगभग 16 लाख हो गई है, लेकिन पाइप का व्यास अब भी 250-1500 मिलीमीटर ही है। मेयर ने आशंका जताई है कि आबादी के हिसाब से इतनी क्षमता की पाइपलाइन से भविष्य में दिक्कतें सामने आएंगी। उन्होंने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने और तब तक इसका काम रुकवाने की मांग की है।
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खुदी सड़कों से लोग परेशान, लग रहा जाम
जल निगम ने ईसाइयों की पुलिया से मालियों की पुलिया के बीच और श्यामगंज चौराहे से कालीबाड़ी तक पाइपलाइन बिछा दी है। इसे बिछाने के लिए सड़क की गहरी खुदाई की गई है। अभी यहां मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। जगह-जगह पाइप भी पड़े हुए हैं, जिसके चलते सड़क पर मिट्टी बिखरी होने के साथ ही जाम भी लग रहा है।
निर्माण कार्यों पर भी उठाया सवाल
पिछले दिनों मेयर उमेश गौतम ने नगर निगम में निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद से अब तक किसी भी कार्य का शिलान्यास या उद्घाटन नहीं कराया गया है। ऐसा लगता है कि निर्माण कार्यों में धांधली की गई है, जिसके चलते निर्माण विभाग उनसे उद्घाटन कराने से बच रहा है।
शहर की आबादी पहले की अपेक्षा काफी बढ़ चुकी है और सीवर लाइन का साइज कम है। इसको लेकर शिकायत करने पर नगर विकास मंत्री ने जल निगम के एमडी एवं अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग कराई है और जांच कराने की बात कही है।
- उमेश गौतम, मेयर
सीवर लाइन का प्रोजेक्ट विशेषज्ञों ने डिजायन किया है। तकनीक के अनुसार इसका साइज ठीक है और कोई दिक्कत नहीं है। मेयर के साथ मीटिंग करके प्रोजेक्ट के बारे में उन्हें विस्तृत जानकारी देकर सारे तथ्यों से अवगत कराएंगे।
- संजय कुमार, एक्सईएन, जल निगम