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शिक्षक हत्याकांड: मायके न गई होतीं तो अवधेश से पहले अन्नपूर्णा मारी जातीं
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बरेली। विनीता और उसके घरवालों का इरादा अवधेश से पहले उनकी मां अन्नपूर्णा देवी की हत्या करने का था। अवधेश की हत्या से कुछ दिन पहले ही विनीता के कहने पर सुपारी किलर उसकी सास की हत्या करने फिरोजाबाद पहुंचे थे लेकिन इत्तफाक से अन्नपूर्णा देवी अपने मायके गई हुई थीं लिहाजा उनकी हत्या की साजिश टल गई। फिर विनीता ने आनन-फानन पहले अवधेश को ही रास्ते से हटाने का फैसला लिया।
शुक्रवार को थाना इज्जतनगर पहुंचकर हाजिर हुई पति अवधेश की हत्या की मुख्य आरोपी विनीता ने पुलिस की पूछताछ में कई राज उगले। उसने पुलिस को बताया कि अवधेश का अपनी मां अन्नपूर्णा देवी से गहरा जुड़ाव था। फोन पर उनसे लंबी बातचीत करना अवधेश की दिनचर्या का खास हिस्सा था। परिवार ही नहीं वह स्कूल की सारी गतिविधियों को भी अपनी मां के साथ साझा करते थे। मां की इजाजत के बगैर कोई काम करने को तैयार नहीं होते थे, परिवार के बंधनों से मुक्त होकर जल्द रईस बनने और खुलकर जिंदगी जीने के सपने देखने वाली विनीता के लिए यह सबसे बड़ा सिरदर्द था। इसी वजह से उसने यह सोचकर अपनी सास की हत्या की योजना बनाई थी कि इसके बाद अवधेश उसके चंगुल में आने से नहीं बच पाएंगे।
विनीता ने पुलिस को बताया कि उसने हिस्ट्रीशीटर शेर सिंह उर्फ चीकू को अवधेश नहीं बल्कि अन्नपूर्णा देवी की हत्या की सुपारी दी थी। इसके बाद कई दिनों तक शेर सिंह अन्नपूर्णा देवी की रेकी करके यह भी पता करता रहा कि वह किस समय घर से बाहर निकलती हैं। सारी जानकारी जुटाने के बाद अवधेश की हत्या से दो-तीन दिन पहले आरोपी अन्नपूर्णा देवी की हत्या करने फिरोजाबाद पहुंचे लेकिन इत्तफाक से अन्नपूर्णा देवी अपने मायके चली गईं। उनकी हत्या का मामला टलते देखने के बाद ही उसने आनन-फानन अवधेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के मुताबिक 12 अक्तूबर को शेर सिंह और उसके मायके के लोग बरेली पहुंचे और रात में घर में ही अवधेश की हत्या कर दी गई।
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आत्महत्या करने वाले संभल के सिपाही नहीं, आगरा के प्रेमी अमित ने दिया हत्या में साथ
पुलिस अफसरों ने उन चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें विनीता से फेसबुक मेसेंजर पर चैट करने वाले संभल के सिपाही अंकित के अवधेश की हत्या में फंसने के डर से गोली मारकर आत्महत्या कर लेने की बात कही जा रही है। अफसरों का कहना है कि सिपाही का अवधेश की हत्या में शामिल होने का कोई प्रमाण नहीं था लिहाजा उसे ऐसा कोई डर होने का सवाल ही नहीं उठता। वैसे भी उसके पिता ने एक हेड कांस्टेबल पर उसकी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसकी जांच चल रही है।
पत्नी विनीता के साथ अवधेश की हत्या में पुलिस ने सात और नामों का खुलासा किया है। इनमें विनीता के पिता अनिल सिंह, भाई प्रदीप, बहन ज्योति, नारखी के हिस्ट्रीशीटर शेर सिंह उर्फ चीकू और भोला उर्फ अशोक, एटा के सकरौली का पप्पू जाटव और आगरा के एत्मादपुर निवासी उसका प्रेमी अमित सिसौदिया पुत्र रामबहादुर शामिल हैं। अवधेश की मां अन्नपूर्णा देवी को भी विनीता के आगरा के अमित से प्रेमप्रसंग की जानकारी थी पर उसका सही नाम उन्हें नहीं पता था। अफसरों का कहना है कि विनीता के तमाम लोगों से नजदीकी संबंध थे। संभल के हयातनगर थाने में तैनात सिपाही अंकित भी इनमें से एक था और उसकी उससे फेसबुक पर चैटिंग होती थी। 27 अक्तूबर को सिपाही अंकित की साथी हेड कांस्टेबल देवेंद्र की पिस्टल से चली गोली से मौत होने के बाद अफवाह उड़ा दी गई कि अंकित ने अवधेश की हत्या में फंसने के डर से आत्महत्या कर ली।
पुलिस अफसरों का कहना है कि अभी यह भी साबित नहीं हुआ है कि सिपाही अंकित ने आत्महत्या की है या उसकी हत्या हुई है। अंकित के पिता राजवर्धन ने हेड कांस्टेबल देवेंद्र और निजी फालवर अमित कुमार के खिलाफ 27 अक्तूबर को ही हत्या की रिपोर्ट थाना हयातनगर में दर्ज कराई थी जिसकी जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि अंकित ने आत्महत्या की थी या उसकी हत्या की गई। आत्महत्या के लिए बेवजह हेड कांस्टेबल को फंसाने की भी बात में दम नहीं लगता। पुलिस के मुताबिक इंस्पेक्टर हयातनगर विद्युत गोयल ने अंकित की कॉल डिटेल और फेसबुक की जांच कराई है। इसमें विनीता से उसकी दोस्ती की बात तो पता लगी लेकिन ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे उसका नाम अवधेश की हत्या से जोड़ा जा सके।
अगस्त के बाद बरेली नहीं आया सिपाही अंकित
सिपाही अंकित फेसबुक मेसेंजर पर विनीता से घंटों चैट करता था। उनकी मोबाइल पर भी लंबी बातें होती थीं। पुलिस की जांच में इसके प्रमाण मिले हैं। आखिरी बार अगस्त में वह बरेली आया था मगर इसके बाद ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जो उसके बरेली आने की पुष्टि करता हो। पुलिस का कहना है कि अवधेश की हत्या से अंकित का कोई वास्ता साबित होना मुश्किल है। उसका कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला लिहाजा किसी भी दृष्टि से यह साबित होना मुश्किल है कि उसने अवधेश की हत्या में फंसने के डर से आत्महत्या की।
अंकित के पिता बोले- मेरे बेटे की हत्या को आत्महत्या न बताया जाए
बिजनौर के चांदपुर थाने के गांव खेकड़ी निवासी अंकित के पिता राजवर्धन सिंह ने अमर उजाला को बताया कि अंकित 2015 बैच का सिपाही था। उसकी शादी की तैयारी चल रही थी। उसके आत्महत्या करने का कोई कारण नहीं है, उसकी हत्या की गई जिसके लिए हेड कांस्टेबल देवेंद्र और मौके पर मौजूद निजी फॉलवर अमित दोषी हैं। उन्होंने रिपोर्ट करा दी है, उन्हें सजा कराने हाईकोर्ट तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि बगैर किसी प्रमाण के यह कहना आपत्तिजनक है कि उनके बेटे ने आत्महत्या की है।
विनीता को जेल भेजा, बीस को आएगा चीकू
शनिवार को विनीता को अदालत ने न्यायिक हिरासत में 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। अदालत में उसके इर्द-गिर्द पुलिस का कड़ा सुरक्षा घेरा रहा और उसे मीडिया से बात नहीं करने दी गई। पुलिस के मुताबिक बाकी आरोपियों की तलाश जारी है, फिरोजाबाद जेल से हिस्ट्रीशीटर शेर सिंह उर्फ चीकू को लाने के लिए भी कोर्ट में रिमाइंडर दाखिल किया गया है। एसएसपी ने बताया कि उसे बीस नवंबर को बरेली लाने की तारीख तय हुई है।
विनीता को जेल भेज दिया गया है। बाकी आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। विनीता ने पहले अपनी सास की हत्या कराने की कोशिश की थी पर उनके कहीं चले जाने से योजना कामयाब नहीं हो सकी। पुलिस फिरोजाबाद जेल से शेर सिंह को लाकर भी पूछताछ करेगी। संभल के सिपाही अंकित का इस हत्याकांड से कोई लेनादेना नहीं है। उसकी मौत के मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज है जिसकी जांच हयातनगर पुलिस कर रही है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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शुक्रवार को थाना इज्जतनगर पहुंचकर हाजिर हुई पति अवधेश की हत्या की मुख्य आरोपी विनीता ने पुलिस की पूछताछ में कई राज उगले। उसने पुलिस को बताया कि अवधेश का अपनी मां अन्नपूर्णा देवी से गहरा जुड़ाव था। फोन पर उनसे लंबी बातचीत करना अवधेश की दिनचर्या का खास हिस्सा था। परिवार ही नहीं वह स्कूल की सारी गतिविधियों को भी अपनी मां के साथ साझा करते थे। मां की इजाजत के बगैर कोई काम करने को तैयार नहीं होते थे, परिवार के बंधनों से मुक्त होकर जल्द रईस बनने और खुलकर जिंदगी जीने के सपने देखने वाली विनीता के लिए यह सबसे बड़ा सिरदर्द था। इसी वजह से उसने यह सोचकर अपनी सास की हत्या की योजना बनाई थी कि इसके बाद अवधेश उसके चंगुल में आने से नहीं बच पाएंगे।
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विनीता ने पुलिस को बताया कि उसने हिस्ट्रीशीटर शेर सिंह उर्फ चीकू को अवधेश नहीं बल्कि अन्नपूर्णा देवी की हत्या की सुपारी दी थी। इसके बाद कई दिनों तक शेर सिंह अन्नपूर्णा देवी की रेकी करके यह भी पता करता रहा कि वह किस समय घर से बाहर निकलती हैं। सारी जानकारी जुटाने के बाद अवधेश की हत्या से दो-तीन दिन पहले आरोपी अन्नपूर्णा देवी की हत्या करने फिरोजाबाद पहुंचे लेकिन इत्तफाक से अन्नपूर्णा देवी अपने मायके चली गईं। उनकी हत्या का मामला टलते देखने के बाद ही उसने आनन-फानन अवधेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के मुताबिक 12 अक्तूबर को शेर सिंह और उसके मायके के लोग बरेली पहुंचे और रात में घर में ही अवधेश की हत्या कर दी गई।
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आत्महत्या करने वाले संभल के सिपाही नहीं, आगरा के प्रेमी अमित ने दिया हत्या में साथ
पुलिस अफसरों ने उन चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें विनीता से फेसबुक मेसेंजर पर चैट करने वाले संभल के सिपाही अंकित के अवधेश की हत्या में फंसने के डर से गोली मारकर आत्महत्या कर लेने की बात कही जा रही है। अफसरों का कहना है कि सिपाही का अवधेश की हत्या में शामिल होने का कोई प्रमाण नहीं था लिहाजा उसे ऐसा कोई डर होने का सवाल ही नहीं उठता। वैसे भी उसके पिता ने एक हेड कांस्टेबल पर उसकी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसकी जांच चल रही है।
पत्नी विनीता के साथ अवधेश की हत्या में पुलिस ने सात और नामों का खुलासा किया है। इनमें विनीता के पिता अनिल सिंह, भाई प्रदीप, बहन ज्योति, नारखी के हिस्ट्रीशीटर शेर सिंह उर्फ चीकू और भोला उर्फ अशोक, एटा के सकरौली का पप्पू जाटव और आगरा के एत्मादपुर निवासी उसका प्रेमी अमित सिसौदिया पुत्र रामबहादुर शामिल हैं। अवधेश की मां अन्नपूर्णा देवी को भी विनीता के आगरा के अमित से प्रेमप्रसंग की जानकारी थी पर उसका सही नाम उन्हें नहीं पता था। अफसरों का कहना है कि विनीता के तमाम लोगों से नजदीकी संबंध थे। संभल के हयातनगर थाने में तैनात सिपाही अंकित भी इनमें से एक था और उसकी उससे फेसबुक पर चैटिंग होती थी। 27 अक्तूबर को सिपाही अंकित की साथी हेड कांस्टेबल देवेंद्र की पिस्टल से चली गोली से मौत होने के बाद अफवाह उड़ा दी गई कि अंकित ने अवधेश की हत्या में फंसने के डर से आत्महत्या कर ली।
पुलिस अफसरों का कहना है कि अभी यह भी साबित नहीं हुआ है कि सिपाही अंकित ने आत्महत्या की है या उसकी हत्या हुई है। अंकित के पिता राजवर्धन ने हेड कांस्टेबल देवेंद्र और निजी फालवर अमित कुमार के खिलाफ 27 अक्तूबर को ही हत्या की रिपोर्ट थाना हयातनगर में दर्ज कराई थी जिसकी जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि अंकित ने आत्महत्या की थी या उसकी हत्या की गई। आत्महत्या के लिए बेवजह हेड कांस्टेबल को फंसाने की भी बात में दम नहीं लगता। पुलिस के मुताबिक इंस्पेक्टर हयातनगर विद्युत गोयल ने अंकित की कॉल डिटेल और फेसबुक की जांच कराई है। इसमें विनीता से उसकी दोस्ती की बात तो पता लगी लेकिन ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे उसका नाम अवधेश की हत्या से जोड़ा जा सके।
अगस्त के बाद बरेली नहीं आया सिपाही अंकित
सिपाही अंकित फेसबुक मेसेंजर पर विनीता से घंटों चैट करता था। उनकी मोबाइल पर भी लंबी बातें होती थीं। पुलिस की जांच में इसके प्रमाण मिले हैं। आखिरी बार अगस्त में वह बरेली आया था मगर इसके बाद ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जो उसके बरेली आने की पुष्टि करता हो। पुलिस का कहना है कि अवधेश की हत्या से अंकित का कोई वास्ता साबित होना मुश्किल है। उसका कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला लिहाजा किसी भी दृष्टि से यह साबित होना मुश्किल है कि उसने अवधेश की हत्या में फंसने के डर से आत्महत्या की।
अंकित के पिता बोले- मेरे बेटे की हत्या को आत्महत्या न बताया जाए
बिजनौर के चांदपुर थाने के गांव खेकड़ी निवासी अंकित के पिता राजवर्धन सिंह ने अमर उजाला को बताया कि अंकित 2015 बैच का सिपाही था। उसकी शादी की तैयारी चल रही थी। उसके आत्महत्या करने का कोई कारण नहीं है, उसकी हत्या की गई जिसके लिए हेड कांस्टेबल देवेंद्र और मौके पर मौजूद निजी फॉलवर अमित दोषी हैं। उन्होंने रिपोर्ट करा दी है, उन्हें सजा कराने हाईकोर्ट तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि बगैर किसी प्रमाण के यह कहना आपत्तिजनक है कि उनके बेटे ने आत्महत्या की है।
विनीता को जेल भेजा, बीस को आएगा चीकू
शनिवार को विनीता को अदालत ने न्यायिक हिरासत में 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। अदालत में उसके इर्द-गिर्द पुलिस का कड़ा सुरक्षा घेरा रहा और उसे मीडिया से बात नहीं करने दी गई। पुलिस के मुताबिक बाकी आरोपियों की तलाश जारी है, फिरोजाबाद जेल से हिस्ट्रीशीटर शेर सिंह उर्फ चीकू को लाने के लिए भी कोर्ट में रिमाइंडर दाखिल किया गया है। एसएसपी ने बताया कि उसे बीस नवंबर को बरेली लाने की तारीख तय हुई है।
विनीता को जेल भेज दिया गया है। बाकी आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। विनीता ने पहले अपनी सास की हत्या कराने की कोशिश की थी पर उनके कहीं चले जाने से योजना कामयाब नहीं हो सकी। पुलिस फिरोजाबाद जेल से शेर सिंह को लाकर भी पूछताछ करेगी। संभल के सिपाही अंकित का इस हत्याकांड से कोई लेनादेना नहीं है। उसकी मौत के मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज है जिसकी जांच हयातनगर पुलिस कर रही है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी