Bareilly News: बीडीए सीमा में शामिल 35 गांवों के लिए बनेगी महायोजना, डेढ़ लाख की आबादी को मिलेगी विकास की राह
बरेली के 35 गांवों के लिए विकास की नई राह खुलेगी। ये गांव बीडीए सीमा में शामिल है। इन गांवों के विकास का खाका महायोजना-2031 में खींचा जा चुका है।
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बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) सीमा क्षेत्र में शामिल 35 गांवों के लिए महायोजना बनेगी। इससे नियोजित विकास का रास्ता साफ होगा। इन गांवों में रहने वाली डेढ़ लाख से अधिक की आबादी के लिए विकास की नई राह खुलेगी। इन गांवों में सड़क, नाली व अन्य सुविधाओं का विस्तार होगा। नए बिल्डर आएंगे। प्राधिकरण की योजनाओं के लिए स्थान मिलेगा। मानचित्र की स्वीकृति व कंपाउंडिंग आदि से बीडीए की आमदनी होगी, जिसे विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। बीडीए की नाथधाम और एमएसएमई टाउनशिप के आकार लेने से भी इन गांवों का विकास होगा।
शासन की स्वीकृति पर जून 2024 में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की सीमा में सदर तहसील के पांच, आंवला के 14 और फरीदपुर के 16 गांव शामिल किए गए थे। अब इन गांवों के विकास के लिए महायोजना बनाई जानी है। इसके लिए टेंडर निकाले जाएंगे। चयनित फर्म स्थलीय सर्वेक्षण करेगी।
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मुख्य नगर नियोजक की देखरेख में शहरीकरण के लिए महायोजना बनेगी। महायोजना प्रकाशित कर आपत्तियां ली जाएंगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद बीडीए बोर्ड की बैठक में उसे अनुमोदित कराया जाएगा। प्रक्रिया में छह से आठ महीने तक लग सकते हैं।
सदर तहसील : लहवरी, भगवतीपुर, कमुआ कलां, नरोत्तम नगला, भीकमपुर माफी।
आंवला तहसील : अखा एहतमाली, अखा मुस्तकिल, कोहनी परतापुर, मजनूपुर, भोजपुर, रफियाबाद, कैमुआ, सरदारनगर, चाढ़पुर, आलमपुर जाफराबाद, नवदिया, बढ़रई कुईंया, मिलक मंशारामपुर, वाहनपुर।
फरीदपुर तहसील : दहलऊ, समोची, खमरिया, वाहनपुर, जेड़, मेगीनगला, गौसगंज सराय, नौगवां, उदयपुर मोहनलाल, सराय पट्टी सब्दलपुर, सरकड़ा, इनायतपुर, मकसूदनपुर, रसुइया, नवदिया देहा जब्ती, मटिया नगला।
- बिना रोकटोक के कहीं भी कोई निर्माण करते हैं। मानचित्र पास नहीं होते। आबादी के बीच उद्योग चल रहे हैं और खेती भी हो रही है।
- पूरी जमीन खेती की है। किसी जमीन का भू-उपयोग चिह्नित नहीं है।
- कृषि क्षेत्र में भू-आच्छादन 10 फीसदी है। भूतल अनुपात 0.2 फीसदी तक है।
- ग्राम पंचायतों के पास सीमिति बजट होता है। उसी से विकास कार्य होते हैं।
- निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य। ग्रीन बेल्ट, औद्योगिक और आबादी क्षेत्र अधिसूचित होंगे।
- भू-उपयोग चिह्नित होगा। अवैध निर्माण को नोटिस देकर ध्वस्त किया जा सकेगा।
- कृषि क्षेत्र में भू-अच्छादन 40 फीसदी हो जाएगा। भूतल अनुपात 1.5 से 3.5 फीसदी तक हो जाएगा।
- बीडीए अपने बजट से चौड़ी सड़कें, सीवर और जल निकासी का सिस्टम बनवाएगा।
गांवों में चल रहे ये विकास कार्य
बीडीए सीमा क्षेत्र में पहले से शामिल गांवों के विकास का खाका महायोजना-2031 में खींचा जा चुका है। अब इसे धरातल पर उतारने की तैयारी है। जल निकासी के लिए नालों के काम शुरू हुए हैं। अब्दुल्लापुर माफी में नाला बन रहा है। मोहनपुर में नाला प्रस्तावित है। नवदिया झादा में नाले के लिए 64 लाख रुपये का टेंडर हो गया है।
मुख्य नगर नियोजक अजय सिंह ने बताया कि महायोजना के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सात दिनों में इसका प्रकाशन कराएंगे। महायोजना के धरातल पर उतरते ही इन 35 गांवों के विकास को रफ्तार मिलेगी।