Budaun News: मजदूरी लेने ठेकेदार के पास जा रहा था युवक, बस की टक्कर से मौत; खबर सुन पत्नी हुई बेहोश
बरेली-मथुरा हाईवे पर गांव फूलपुर के पास रविवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। डबल डेकर बस की टक्कर से बाइक सवार मजदूर की मौत हो गई। वह ठेकेदार के पास मजदूरी लेने जा रहा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जयपुर से बरेली जाने वाली डबल डेकर बस ने बाइक सवार 30 वर्षीय अजय उर्फ बबलू को रौंद दिया। बबलू की मौके पर ही मौत हो गई। वह ठेकेदार से मजूदरी के रुपये लेने सिकंदराबाद गांव जा रहा था। हादसे के बाद ड्राइवर बस लेकर कोतवाली गेट पर पहुंच गया।
हादसा रविवार सुबह करीब आठ बजे गांव फूलपुर के पास हुआ। बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी निवासी अजय मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव सिकंदराबाद निवासी ठेकेदार की देखरेख में गांवों में निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक से जुड़े काम करता था।
पिछले कई दिनों से उसे मेहनताना नहीं मिला था। अजय की दो दिन पहले ठेकेदार से बात हुई तो उसने गांव आकर रुपये ले जाने की कह दिया था। छोटे भाई विनय के मुताबिक, रुपये लेने के लिए अजय बाइक लेकर घर से निकला था। वह हेलमेट लगाए था। सामने से उसे डबल डेकर बस ने चपेट में ले लिया।
कार को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा
बस में सवार यात्री बरेली के गोंटिया निवासी शमशाद ने बताया कि हादसा सामने से कार को बचाने की कोशिश में हुआ। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने शव कब्जे में ले लिया। बस लेकर ड्राइवर कोतवाली पहुंच गया। शव की शिनाख्त हादसे के करीब एक घंटे बाद हो पाई। मृतक अजय की दो संतान में सात साल का बेटा प्रशांत और पांच वर्षीय बेटी प्रिया है। हादसे के बाद से पत्नी सुषमा बदहवास हो गई।
बिना परमिट दौड़ती हैं डबल डेकर कई बसें
बरेली-जयपुर और बदायूं-दिल्ली रूट पर पिछले कई महीनों से निजी बसें संचालित हो रही हैं। इनमें चार-पांच डबल डेकर बसें भी शामिल हैं। निजी बसों में बरेली के अलावा बदायूं, कासगंज तो दूसरी तरफ से जयपुर से चलकर मथुरा, हाथरस आदि से भी सवारियों को बैठाया जाता है।
ऐसा भी नहीं कि पुलिस और परिवहन विभाग के अफसरों को निजी बसों के संचालन के बारे में जानकारी नहीं हो। सबकुछ संज्ञान में होने के बाद भी हाईवे पर इन्हें रोकने की कोशिश नहीं की जाती है। हादसे के बाद बस से कोतवाली के सामने सवारियां उतारी गईं तो एक-दो लोग बकरे लेकर नीचे उतरते नजर आए।