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Lok Sabha Elections: बदायूं की जनता ने 10 बार बाहरी नेताओं को पहुंचाया संसद, सिर्फ सात बार स्थानीय जीते

Mon, 01 Apr 2024 12:56 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 01 Apr 2024 12:56 PM IST
सार

बदायूं में लोकसभा के लिए अब तक 17 बार चुनाव हुए। जनता ने स्थानीय नेताओं से ज्यादा बाहरी नेताओं पर भरोसा जताया है। 10 बार बाहर से आए नेता सांसद बने। पढ़िए अब तक चुनावी इतिहास...  
 

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local leaders became MPs only seven times from budaun in 17 lok sabha elections
स्थानीय नेता बदन सिंह, मोहम्मद असरार और करन सिंह बदायूं के सांसद रहे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं में विकास की उम्मीद में बाहर से आए नेताओं को स्थानीय मतदाताओं ने सिर आंखों पर बैठाया और जिताया लेकिन यह बात दीगर है कि बुनियादी सुविधाओं के लिए भी बदायूं की जनता इंतजार कर रही है। चिकित्सा सेवाओं की बात हो या फिर सड़कों का हाल हो। उम्मीदें पूरीं नहीं हुईं। 

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लोकसभा के लिए अब तक 17 बार चुनाव हुए। स्थानीय नेताओं से ज्यादा जनता ने बाहरी नेताओं पर भरोसा किया। सबसे ज्यादा भरोसा सलीम इकबाल शेरवानी पर रहा। दूसरा स्थान धर्मेंद्र यादव का है। साल 1952 से 1980 तक 28 साल में सात बार चुनाव हुए और प्रत्येक बार स्थानीय नेता ही सांसद चुने गए  लेकिन 1984 में पहली बार सलीम इकबाल शेरवानी को जब कांग्रेस ने उतारा तो सीट स्थानीय नेताओं के हाथ से खिसक गई। जनता ने विकास की उम्मीद करते हुए उन पर विश्वास व्यक्त कर दिया। 
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सलीम इकबाल शेरवानी पहली बदायूं से सांसद बन गए। फिर 1984 से 2019 तक 35 साल में दस बार लोकसभा के लिए चुनाव हुए और प्रत्येक बाहर बाहरी नेता के सिर पर ही जीत का ताज सजा। प्रयागराज के सलीम इकबाल शेरवानी पांच बार, सैफई के धर्मेंद्र यादव दो बार, मध्य प्रदेश के शरद यादव, शाहजहांपुर के स्वामी चिन्मयानंद और लखनऊ की संघमित्रा मौर्य एक-एक बार सांसद रहीं।   

वर्ष         पार्टी             प्रत्याशी    
1952    कांग्रेस      बदन सिंह  स्थानीय
1957    कांग्रेस      रघुवीर सहाय स्थानीय
1962   जनसंघ     ओमकार सिंह स्थानीय
1967    बीजेएस   ओमकार सिंह स्थानीय
1971    कांग्रेस    करन सिंह यादव स्थानीय
1977   बीएलडी   ओमकार सिंह स्थानीय
1980    कांग्रेस    मो. असरार अहमद स्थानीय 
1984   कांग्रेस     सलीम शेरवानी  बाहरी
1989  जनता दल   शरद यादव बाहरी
1991  भाजपा    स्वामी चिन्मयानंद बाहरी
1996    सपा      सलीम शेरवानी बाहरी
1998    सपा      सलीम शेरवानी बाहरी
1999    सपा     सलीम शेरवानी बाहरी
2004    सपा     सलीम शेरवानी बाहरी
2009    सपा     धर्मेद्र यादव      बाहरी        
2014    सपा     धर्मेद्र यादव      बाहरी 
2019   भाजपा संघमित्रा मौर्य    बाहरी

भाजपा ने छेड़ा स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा
सपा पर सियासी वार के लिए भाजपा के उम्मीदवार दुर्विजय सिंह ने स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा चुनाव प्रचार के पहले ही दिन छेड़ दिया। अब सपा के नेता कह रहे हैं कि बाहरी नेताओं को तो भाजपा ने भी लड़ाया और जिताया है तब उनका यह मुद्दा कहां था। इसका जवाब देते हुए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने कहा कि मुद्दा सियासी शिगूफा है। 

भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि 35 साल से किसी भी प्रमुख दल ने स्थानीय व्यक्ति को टिकट नहीं दिया पर भाजपा ने अबकी बार बाहरी व्यक्ति को चुनाव लड़ाने की राजनीतिक दलों की परंपरा को तोड़ दिया है, अब विपक्षी दल बताएं? वे स्थानीय के मुद्दे  पर क्या कहेंगे। 

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि बदायूं लोकसभा क्षेत्र दुर्विजय सिंह भी बाहरी हैं। उनका पैतृक गांव आंवला लोकसभा क्षेत्र में है। वह खुद बरेली में रहते हैं और सिर्फ चुनाव के लिए आए हैं। अगर वे खुद को स्यानीय बता रहे हैं तो बदायूं के किसी मुद्दे पर संघर्ष किया हो तो बताएं।  

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