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बहेड़ी इलाके में फिर दिखा तेंदुआ, दहशत
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बहेड़ी। नेपाल के जंगल से भटककर आया एक तेंदुआ इलाके में महीनों से घूूम रहा है। पहले उसने आमखेड़ा में कर्नल के फार्म में अपना आशियाना बना लिया था। अब इलाके भर में विचरण कर रहा है। वन विभाग उसकी सटीक लोकेशन न मिल पाने के कारण परेशान है। उधर, रंपुरा, गोपालपुर, बिहारीपुर गांवों के जंगल में तेंदुुआ देखे जाने से ग्रामीण दहशत में हैं।
नेपाली हाथियों के आतंक के बाद अब तेंदुए ने इलाके में चार महीने से दहशत मचा रखी है। दो माह पहले उसने जवाहपुर गांव में एक बच्ची पर हमला कर उसे उठा ले जाने की कोशिश की थी। ग्रामीणों ने बमुश्किल बच्ची को उसके चंगुल से मुक्त कराया था। इसके बाद से वह बहेड़ी, दमखोदा, देवरनियां इलाके में चहलकदमी कर रहा है।
वन विभाग के अफसरों के मुताबिक, आमखेड़ा में कर्नल के फार्म पर उसे जाल लगातार पकड़ने की कोशिश की गई तो उसने इलाका ही छोड़ दिया। इसके बाद उसे टांडाछंगा, परशुरामपुर, बंजरिया इलाके में देखा गया। बुधवार रात से रंपुरा, बिहारीपुर, गोपालपुर गांव में तेंदुए के पगचिह्न देखे गए हैं। गांववालों ने उसके दहाड़ने की आवाजें भी सुनी हैं। वन विभाग की एक टीम उसको पकड़ने के लिए घात लगाए हुए है और सटीक लोकेशन के इंतजार में है।
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तेंदुआ सिर्फ जंगल में ही घूम रहा है। वहां नीलगाय, कुत्तों, जंगली सुअर का शिकार कर रहा है। उसको पकड़ने के लिए मौके की तलाश है। उम्मीद है कि रास्ता मिलने पर वह जंगल में भी लौट सकता है। ग्रामीण अकेले जंगल में न जाएं, तेंदुआ हमेशा छिपकर वार करता है।
- रवींद्र कुमार सक्सेना, रेंजर वन विभाग बहेड़ी
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नेपाली हाथियों के आतंक के बाद अब तेंदुए ने इलाके में चार महीने से दहशत मचा रखी है। दो माह पहले उसने जवाहपुर गांव में एक बच्ची पर हमला कर उसे उठा ले जाने की कोशिश की थी। ग्रामीणों ने बमुश्किल बच्ची को उसके चंगुल से मुक्त कराया था। इसके बाद से वह बहेड़ी, दमखोदा, देवरनियां इलाके में चहलकदमी कर रहा है।
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वन विभाग के अफसरों के मुताबिक, आमखेड़ा में कर्नल के फार्म पर उसे जाल लगातार पकड़ने की कोशिश की गई तो उसने इलाका ही छोड़ दिया। इसके बाद उसे टांडाछंगा, परशुरामपुर, बंजरिया इलाके में देखा गया। बुधवार रात से रंपुरा, बिहारीपुर, गोपालपुर गांव में तेंदुए के पगचिह्न देखे गए हैं। गांववालों ने उसके दहाड़ने की आवाजें भी सुनी हैं। वन विभाग की एक टीम उसको पकड़ने के लिए घात लगाए हुए है और सटीक लोकेशन के इंतजार में है।
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तेंदुआ सिर्फ जंगल में ही घूम रहा है। वहां नीलगाय, कुत्तों, जंगली सुअर का शिकार कर रहा है। उसको पकड़ने के लिए मौके की तलाश है। उम्मीद है कि रास्ता मिलने पर वह जंगल में भी लौट सकता है। ग्रामीण अकेले जंगल में न जाएं, तेंदुआ हमेशा छिपकर वार करता है।
- रवींद्र कुमार सक्सेना, रेंजर वन विभाग बहेड़ी