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खुलासा: वारदात से पहले तिकुनिया के एक होटल में रुके थे आरोपी, एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज भी किया पेश
Mon, 03 Jan 2022 09:14 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 03 Jan 2022 09:14 PM IST
सार
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड सोमवार को सीजेएम अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट के मुताबिक जिन पांच आरोपियों से जांच टीम ने पूछताछ की उन्होंने बताया कि वह पहले सीतापुर के होटल में रुके थे बाद में तिकुनिया के एक होटल में रुके थे। आरोपियों ने अपने बयान में यह स्वीकारा है।
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फाइल फोटो
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड के तीन महीने पूरे होते ही जांच टीम ने सीजेएम अदालत में मामले की जांच पूरी करते हुए 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। करीब तीन महीने तक चली जांच में विशेष अनुसंधान दल ने ये साफ कर दिया कि तीन अक्तूबर को तिकुनिया में हुई हिंसा को सोच समझकर हत्या के इरादे से अंजाम दिया गया था।
मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र को मुख्य आरोपी बनाते हुए पुलिस ने सभी 13 आरोपियों को भी मुल्जिम माना है। आरोप पत्र में पुलिस ने मंत्री टेनी के रिश्तेदार वीरेंद्र शुक्ला को भी आरोपी बनाया है। उन पर सबूत मिटाने व पुलिस को झूठी सूचना देने का आरोप है।
तीन महीने पहले तीन अक्तूबर की रात को दर्ज हुई एफआईआर में विवेचक विद्याराम दिवाकर ने कुल 13 आरोपियों पर आरोप तय किये थे। अब इसमें मंत्री के रिश्तेदार वीरेंद्र शुक्ला का भी नाम बढ़ाया गया है, उन पर मामले में साक्ष्य छुपाने का आरोप है।
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तिकुनिया कांड के तीन महीने पूरे होते ही विशेष अनुसंधान दल की तरफ से विवेचक विद्याराम दिवाकर ने सोमवार सुबह 11 बजकर 30 मिनट के करीब सीजेएम चिंताराम की अदालत में आरोप पत्र पेश किया, जिसके बाद वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने संक्षेप में पांच हजार पन्ने के आरोप पत्र की जानकारी सीजेएम चिंताराम को बताई और विवेचक की तरफ से आरोप पत्र दाखिल कराया।
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मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र को मुख्य आरोपी बनाते हुए पुलिस ने सभी 13 आरोपियों को भी मुल्जिम माना है। आरोप पत्र में पुलिस ने मंत्री टेनी के रिश्तेदार वीरेंद्र शुक्ला को भी आरोपी बनाया है। उन पर सबूत मिटाने व पुलिस को झूठी सूचना देने का आरोप है।
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तीन महीने पहले तीन अक्तूबर की रात को दर्ज हुई एफआईआर में विवेचक विद्याराम दिवाकर ने कुल 13 आरोपियों पर आरोप तय किये थे। अब इसमें मंत्री के रिश्तेदार वीरेंद्र शुक्ला का भी नाम बढ़ाया गया है, उन पर मामले में साक्ष्य छुपाने का आरोप है।
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तिकुनिया कांड के तीन महीने पूरे होते ही विशेष अनुसंधान दल की तरफ से विवेचक विद्याराम दिवाकर ने सोमवार सुबह 11 बजकर 30 मिनट के करीब सीजेएम चिंताराम की अदालत में आरोप पत्र पेश किया, जिसके बाद वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने संक्षेप में पांच हजार पन्ने के आरोप पत्र की जानकारी सीजेएम चिंताराम को बताई और विवेचक की तरफ से आरोप पत्र दाखिल कराया।
आरोप पत्र में गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्र को पुलिस ने मुख्य आरोपी बनाया जबकि मंत्री के रिश्तेदार वीरेंद्र शुक्ला का भी नाम चार्जशीट में बढ़ाया है। अब तक मामले में आशीष मिश्र समेत 13 आरोपियों की गिरफ़्तारी हुई थी, जो अभी जेल मे हैं।
चौदहवें आरोपी के नाम पर जांच टीम ने मंत्री के रिश्तेदार वीरेंद्र शुक्ला को भी साक्ष्य छिपाने के लिए आरोपी बनाया है। जानकारी के मुताबकि काफिले में इस्तेमाल हुई स्कॉर्पियो उन्हीं की थी, जिसके बारे में उन्होंने जांच टीम को सही जानकारी नहीं दी थी, जिसे संपूर्णानगर थाने से बरामद किया गया था।
वारदात से पहले तिकुनिया के एक होटल में रुके थे आरोपी
चार्जशीट के मुताबिक जिन पांच आरोपियों से जांच टीम ने पूछताछ की उन्होंने बताया कि वह पहले सीतापुर के होटल में रुके थे बाद में तिकुनिया के एक होटल में रुके थे। इनमें लतीफ उर्फ काले, शेखर भारती, नंदन सिंह बिष्ट, अंकित दास और सत्यम त्रिपाठी ने अपने बयान में यह स्वीकारा है। मामले से जुड़ा एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज भी पेश किया है। चार अलग अलग तरह के सीसीटीवी फुटेज जांच टीम ने पेश किये हैं।
चौदहवें आरोपी के नाम पर जांच टीम ने मंत्री के रिश्तेदार वीरेंद्र शुक्ला को भी साक्ष्य छिपाने के लिए आरोपी बनाया है। जानकारी के मुताबकि काफिले में इस्तेमाल हुई स्कॉर्पियो उन्हीं की थी, जिसके बारे में उन्होंने जांच टीम को सही जानकारी नहीं दी थी, जिसे संपूर्णानगर थाने से बरामद किया गया था।
वारदात से पहले तिकुनिया के एक होटल में रुके थे आरोपी
चार्जशीट के मुताबिक जिन पांच आरोपियों से जांच टीम ने पूछताछ की उन्होंने बताया कि वह पहले सीतापुर के होटल में रुके थे बाद में तिकुनिया के एक होटल में रुके थे। इनमें लतीफ उर्फ काले, शेखर भारती, नंदन सिंह बिष्ट, अंकित दास और सत्यम त्रिपाठी ने अपने बयान में यह स्वीकारा है। मामले से जुड़ा एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज भी पेश किया है। चार अलग अलग तरह के सीसीटीवी फुटेज जांच टीम ने पेश किये हैं।