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Bareilly News: कल खत्म हो रहा खरमास... 16 से गूंजेगी शहनाई
Sun, 14 Jan 2024 04:00 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 14 Jan 2024 04:00 PM IST
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बरेली। एक माह से चल रहा खरमास 15 जनवरी को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद 16 जनवरी से शहनाई गूंजने लगेगी और सभी शुभ कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
ज्योतिषाचार्य कृष्ण के. शर्मा के अनुसार 15 जनवरी को दोपहर 3:27 मिनट पर सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होते ही खरमास समाप्त हो जाएगा। 16 जनवरी से विवाह, मुंडन, नामकरण, भूमि पूजन आदि मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। पौष के महीने की समाप्ति के बाद वैवाहिक कार्यक्रम होने लगेंगे। शादी-विवाह में सबसे खास महत्व शुभ मुहूर्त का होता है। बिना शुभ मुहूर्त के शादी विवाह करना अमंगल माना जाता है। गुरु अस्त होने के कारण इस साल वैशाख के महीने में लग्न यानी शुभ मुहूर्त की कमी है।
उन्होंने बताया कि 16 जनवरी से विवाह मुहूर्त शुरू होगा। 26 अप्रैल तक विवाह मुहूर्त रहेंगे। इसके अलावा मई और जून के महीने में कोई भी विवाह मुहूर्त शुभ नहीं है। जुलाई माह में फिर से विवाह मुहूर्त निकलेंगे और बैंड-बाजे बजेंगे। 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु चिर निद्रा में पाताल लोक के राजा बली के यहां विश्राम करेंगे।
देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी के एक दिन पूर्व तक कोई भी विवाह या मांगलिक कार्यक्रम नहीं होगा। 12 नवंबर, 2024 को देवउठनी एकादशी पर फिर से विवाह मुहूर्त और मांगलिक कार्यक्रम शुरू होंगे और 15 दिसंबर तक लगातार चलेंगे। इस तरह 16 दिसंबर से एक बार फिर विवाह मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे।
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ज्योतिषाचार्य कृष्ण के. शर्मा के अनुसार 15 जनवरी को दोपहर 3:27 मिनट पर सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होते ही खरमास समाप्त हो जाएगा। 16 जनवरी से विवाह, मुंडन, नामकरण, भूमि पूजन आदि मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। पौष के महीने की समाप्ति के बाद वैवाहिक कार्यक्रम होने लगेंगे। शादी-विवाह में सबसे खास महत्व शुभ मुहूर्त का होता है। बिना शुभ मुहूर्त के शादी विवाह करना अमंगल माना जाता है। गुरु अस्त होने के कारण इस साल वैशाख के महीने में लग्न यानी शुभ मुहूर्त की कमी है।
उन्होंने बताया कि 16 जनवरी से विवाह मुहूर्त शुरू होगा। 26 अप्रैल तक विवाह मुहूर्त रहेंगे। इसके अलावा मई और जून के महीने में कोई भी विवाह मुहूर्त शुभ नहीं है। जुलाई माह में फिर से विवाह मुहूर्त निकलेंगे और बैंड-बाजे बजेंगे। 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु चिर निद्रा में पाताल लोक के राजा बली के यहां विश्राम करेंगे।
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देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी के एक दिन पूर्व तक कोई भी विवाह या मांगलिक कार्यक्रम नहीं होगा। 12 नवंबर, 2024 को देवउठनी एकादशी पर फिर से विवाह मुहूर्त और मांगलिक कार्यक्रम शुरू होंगे और 15 दिसंबर तक लगातार चलेंगे। इस तरह 16 दिसंबर से एक बार फिर विवाह मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे।
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