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जेसीबी से हो रही खुदाई में फिर से कटी पॉवर कॉरपोरेशन की अंडरग्राउंड केबल

Sat, 22 Aug 2020 02:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2020 02:08 AM IST
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JCB undergoing excavation again cut off power cable's underground cable
कटी केबल देखते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

10 दिन में हुआ दूसरा बड़ा फाल्ट, घंटों बिजली गुल रहने से उबला पुराना शहर
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पावर कॉरपोरेशन ने फाल्ट के लिए सेतु निगम को जिम्मेदार ठहराते हुए थाने में दी तहरीर

बरेली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बड़ा फाल्ट होने से घंटों सप्लाई गुल रही, ठीक दस दिन बाद शुक्रवार को उसी लाइन में जेसीबी से खुदाई के दौरान केबल कटने से बड़ा धमाका हो गया। इससे उमस और गर्मी में ज्यादातर पुराना शहर की आबादी घंटों प्रभावित रही। पावर कॉरपोरेशन के अफसरों ने इस फाल्ट के लिए सेतु निगम को जिम्मेदार ठहराते हुए थाने में तहरीर भी दी है। बार-बार केबल कटने से दोनों विभागों में तनातनी है।
पहले 11 अगस्त को दोपहर 12 बजे केबल बॉक्स बर्स्ट हो गया था। घंटों फाल्ट सही करने की कोशिश हुई। सफलता नहीं मिलने पर महानगर लाइन से सिस्टम जोड़कर प्रभावित इलाकों में सप्लाई दी गई। उस दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी थी, लेकिन चीफ इंजीनियर कार्यालय ने फाल्ट होने की दशा में वैकल्पिक व्यवस्था की कोई तैयारी नहीं कराई थी। संबंधित क्षेत्रों में देर रात तक ब्लैक आउट होने पर मामला मध्यांचल विद्युत वितरण निगम तक पहुंचा था। इसके बावजूद विभाग ने इससे कोई सबक नहीं लिया और शुक्रवार दोपहर अंडरग्राउंड केबल खुदाई से क्षतिग्रस्त हो गई। तेज धमाका हुआ तो आसपास दहशत फैल गई। पता चला कि सेतु निगम का ठेकेदार जेसीबी मशीन से खुदाई करा रहा था।
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दरअसल, मानक के अनुरूप केबल गहराई में नहीं बिछी थी, इसलिए जेसीबी के संपर्क में आते ही धमाका हो गया। केबल के ऊपर की रबर युक्त इंसुलेशन परत राख हो गई और जगतपुर सबस्टेशन ठप हो गया। इससे जुड़े दर्जनों इलाकों में करीब 17 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हो गए। एक्सईएन अनिल कुमार गर्ग ने करीब तीन घंटे बाद एक बार फिर महानगर लाइन से वैकल्पिक सप्लाई दिलाई, क्योंकि क्षतिग्रस्त केबल से सप्लाई फिलहाल होना संभव नहीं है। इसकी मरम्मत अथवा नई केबल बिछाकर ही सप्लाई शुरू हो पाएगी।
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चीफ इंजीनियर ने सेतु निगम अफसरों को हड़काया

दस दिन में दूसरी बार फाल्ट होने से पावर कॉरपोरेशन अफसरों में खलबली मची हुई है। जोनल चीफ इंजीनियर तारिक मतीन ने सीधे सेतु निगम अफसरों को फोन करके नाराजगी जताई और एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। हालांकि सेतु निगम अफसरों ने अपना पक्ष रखा और बताया कि लाइनें शिफ्ट करने के लिए कई बार पत्र लिखा गया है लेकिन कोई नहीं सुन रहा है। निगम अफसरों ने पत्राचार और रिमाइंडर की प्रतियां भी बिजली अफसरों को उपलब्ध करा दीं। इस पर चीफ इंजीनियर कार्यालय ने चुप्पी साध ली।

मामला थाने पहुंचा, तहरीर दी गई

चीफ इंजीनियर ने सेतु निगम अफसरों से बात करने के बाद थाने में एफआईआर कराने के निर्देश दिए। इसके बाद संबंधित सबस्टेशन के जेई प्रदीप भारती ने थाना बारादरी में तहरीर दे दी है। इसमें कहा गया है कि जेबीसी से लापरवाही से खुदाई करने चलते अंडरग्राउंड केबल में धमाका हुआ है। हजारों लोगों की सप्लाई गुल हो गई है। इससे करीब 17 लाख रुपये की क्षति हुई है।

लाइन फाल्ट मामला मुख्यालय तक गूंजा

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर केबल बॉक्स बर्स्ट होने से घंटो सप्लाई गुल होने का मामला मुख्यालय तक गूंजा था। प्रबंध निदेशक मध्यांचल वितरण निगम ने इस पर जांच कराई तो चीफ इंजीनियर कार्यालय में हड़कंप मचा था। अफसरों ने अपने बचाव में तथ्य छिपाकर आख्या दे दी थी, लेकिन दस दिन में फिर उसी सप्लाई लाइन में बड़ा फाल्ट होने से अफसर परेशान दिखे। हालांकि इस बार इसका ठीकरा सेतु निगम पर फोड़ने में जुटे हैं।

‘हमने तीन महीने पहले ही चेताया था’

सेटेलाइट फ्लाईओवर प्रोजेक्ट में बाधा बन रहीं बिजली, पानी और सीवर लाइनें शिफ्ट करने के लिए संबंधित विभागोें से कह दिया गया था, लेकिन बिजली विभाग से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। करीब सवा तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट थमा दिया। अनापशनाप एस्टीमेट को संशोधित करने को कहा तब 60 लाख रुपये कर दिया। पावर कॉरपोरेशन को यह धनराशि निर्गत कर दी गई फिर भी अब तक काम पूरा नहीं हुआ है। तीन माह पहले मई में फिर से मानचित्र सहित रिमाइंडर दिया गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। शासन लगातार प्रोजेक्ट जल्द पूरा करने पर जोर दे रहा है पर बिजली अफसर सहयोग नहीं कर रहे हैं, जबकि यहां खुद चीफ इंजीनियर कार्यालय है। निर्माण स्थल पर बिजली विभाग अपना स्टाफ लगाए और बताए कि कहां केबल है। हमें विभाग ने बिजली लाइन संबंधी मानचित्र तक नहीं दिया है। इस असहयोग से प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहा है। कम गहराई पर केबल बिछी होने से कट रही हैं। - वीके सेन, उप परियोजना प्रबंधन सेतु निगम

खुदाई करने से पहले हमें नहीं बताया गया

सेटेलाइट प्रोजेक्ट पर सेतु निगम कार्य कर रहा है। हमेशा आग्रह किया जाता है कि खुदाई कराने से पहले सूचित कर दिया जाए, लेकिन आज तक ऐसा नहीं किया गया है। इस मनमानी से अंडरग्राउंड 33 केवी केबल क्षतिग्रस्त होती है। इससे बड़ा हादसा भी हो सकता है। केबल फाल्ट होने से घंटों संबंधित इलाकों में सप्लाई ठप हो जाती है। प्रभावित लोगों का आक्रोश हमें झेलना पड़ता है। सेतु निगम मनमाने तरीके से काम करा रहा है, जनहित में सहयोग मिलना चाहिए। इस बार केबल कटने पर बड़ा हादसा हो सकता था। विभाग ने सेतु निगम पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी है। - अनिल कुमार गर्ग, एक्सईएन बिजली विभाग
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