फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Jalavishak is then called 'Tandava', the devotee is said to be a drunken priest

जलाभिषेक पर फिर ‘तांडव’, भक्त बोले शराबी है पुजारी

Wed, 15 Nov 2017 01:54 AM IST
Updated Wed, 15 Nov 2017 01:54 AM IST
विज्ञापन
Jalavishak is then called 'Tandava', the devotee is said to be a drunken priest
मं‌िददिर के पदा‌िध्‍ाधिकारी से कहा सुनी करते लाोग

विज्ञापन
श्री त्रिवटी नाथ मंदिर में शाम को बाबा का शृंगार के बाद जलाभिषेक न करने देने पर भक्तों ने हंगामा कर दिया। लोगों का कहना है कि प्राचीन परंपरा को खत्म किया जा रहा है। आरोप लगाया कि पुजारी शराबी है। वहीं मंदिर कमेटी को जलाभिषेक करने पर कोई आपत्ति नहीं है। बाबा का शाम को शृंगार छह दिन पहले से ही शुरू हुआ है। 
मंगलवार रात करीब सवा आठ बजे कई श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए शिवालय पहुंचे, लेकिन पुजारियों ने यह कहते हुए उन्हें जलाभिषेक करने से रोक दिया कि अब बाबा का शृंगार हो चुका है, लिहाजा जलाभिषेक नहीं हो सकता। इसे लेकर भक्तों की पुजारियों से झड़प हो गई। श्रद्धालु रवि गोयल, अनिल अग्रवाल, राजेश शर्मा, धीरज, प्रमोद कुमार, प्रमोद माहेश्वरी, संजय अग्रवाल, अमित माहेश्वरी आदि का कहना था कि पुरानी परंपरा को बंद नहीं किया जा सकता है। यहां भगवान भोलेनाथ शिवलिंग रूप में स्वयं प्रकट हुए हैं, इसलिए किसी भी समय जलाभिषेक किया जा सकता है। शृंगार के लिए मना नहीं है, लेकिन जलाभिषेक बंद नहीं होना चाहिए। श्रद्धालु एक सप्ताह से जल नहीं चढ़ा पा रहे हैं। पुजारियों ने जल चढ़ाने वाले पात्र भी हटा दिए हैं। इतना ही नहीं आक्रोशित लोगों ने कहा कि शनिवार को बुजुर्ग सुधा साहनी को जल नहीं चढ़ाने दिया। लोगों ने पुजारी पर शराब पीने का के नशे में भी रहने का भी आरोप लगाया है।  
विज्ञापन



शृंगार के बाद स्नान उचित नहीं
गोधुलि बेला में बाबा का शृंगार होता है। इसके बाद जल चढ़ाने का महत्व नहीं होता है। आचार्य मुकेश मिश्र ने धर्मशास्त्र निर्णय सिंधु और शिव पुराण का हवाला देते हुए बताया कि शृंगार आरती के बाद जलाभिषेक नहीं करना चाहिए। यह ठीक उसी तरह से है जैसे हम स्नान के बाद वस्त्र आदि धारण करते हुए शृंगार करते हैं और अगर कोई उसके बाद हमारे ऊपर जल डाल दे तो हमें क्रोध ही आएगा। इसलिए शृंगार के बाद स्नान नहीं किया जा सकता है।  
विज्ञापन
विज्ञापन



वर्जन 
पुजारी शाम को अगर बाबा का शृंगार कर रहे हैं, तो उन्हें करने दीजिए। जिसे जल चढ़ाना है, वह जल चढ़ाए, उन्हें किसी ने नहीं रोका है। 
- हरिओम, कोषाध्यक्ष मंदिर कमेटी

वर्जन
हम बाबा का शृंगार करेंगे। इसके बाद जिसे जल चढ़ाना है, वह जल चढ़ाए। किसी को रोका नहीं गया है। हाथ से लोटे छीनना और नशा करने का आरोप गलत है। पान मसाला जरूर खाता हूं। 
पंडित मनोज मिश्रा, पुजारी शिवालय, त्रिवटीनाथ मंदिर। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed