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Bareilly News: साइबर ठगों को खाते मुहैया कराने वाला बदायूं का जाबिर गिरफ्तार
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बरेली। विभिन्न राज्यों के साइबर ठगों को खाते उपलब्ध कराने वाले बदायूं निवासी जाबिर खान को साइबर थाना पुलिस ने कैंट के वीरांगना चौक से गिरफ्तार कर लिया। जाबिर पहले भी साइबर अपराधों में जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि साइबर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को कैंट के वीरांगना चौक से संदिग्ध युवक को पकड़ा। आरोपी ने अपना नाम जाबिर खान और खुद को गांव बिछरुइया थाना बिनावर जिला बदायूं का निवासी बताया। जाबिर के पास से मोबाइल, पैनकार्ड, यूपीआई, बैंक पासबुक आदि डिजिटल साक्ष्य मिले। जाबिर की वॉट्सएप पर चैट भी मिली है, जिसमें उसके द्वारा साइबर ठगों से कमीशन के बारे में बातचीत की गई है। जाबिर के पास से दो संदिग्ध बैंक खाता नंबर मिले जिसको समन्वय पोर्टल पर डालकर जांच की गई। इन खातों के संबंध में तमिलनाडु और दिल्ली में साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई गई हैं। जाबिर साइबर ठगी में गौतमबुद्ध नगर से जेल जा चुका है। अब बरेली साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई के बाद कोर्ट ने उसे जेल भेजा है।
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खाते उपलब्ध करवाकर लेता था कमीशन
जाबिर ने स्वीकार किया है कि वह पेशेवर साइबर ठग है। जाबिर ने पुलिस को बताया कि वह सीधे-साधे लोगों के खाते बैंक में खुलवाकर उनसे लिंक नंबर का सिमकार्ड, एटीएम कार्ड और चेकबुक साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता है और उसके बदले अपना कमीशन प्राप्त कर लेता है। अपने कमीशन में वह मामूली रकम खाताधारक को देता है।
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एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि साइबर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को कैंट के वीरांगना चौक से संदिग्ध युवक को पकड़ा। आरोपी ने अपना नाम जाबिर खान और खुद को गांव बिछरुइया थाना बिनावर जिला बदायूं का निवासी बताया। जाबिर के पास से मोबाइल, पैनकार्ड, यूपीआई, बैंक पासबुक आदि डिजिटल साक्ष्य मिले। जाबिर की वॉट्सएप पर चैट भी मिली है, जिसमें उसके द्वारा साइबर ठगों से कमीशन के बारे में बातचीत की गई है। जाबिर के पास से दो संदिग्ध बैंक खाता नंबर मिले जिसको समन्वय पोर्टल पर डालकर जांच की गई। इन खातों के संबंध में तमिलनाडु और दिल्ली में साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई गई हैं। जाबिर साइबर ठगी में गौतमबुद्ध नगर से जेल जा चुका है। अब बरेली साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई के बाद कोर्ट ने उसे जेल भेजा है।
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खाते उपलब्ध करवाकर लेता था कमीशन
जाबिर ने स्वीकार किया है कि वह पेशेवर साइबर ठग है। जाबिर ने पुलिस को बताया कि वह सीधे-साधे लोगों के खाते बैंक में खुलवाकर उनसे लिंक नंबर का सिमकार्ड, एटीएम कार्ड और चेकबुक साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता है और उसके बदले अपना कमीशन प्राप्त कर लेता है। अपने कमीशन में वह मामूली रकम खाताधारक को देता है।
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