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Bareilly News: क्यूएस रैंकिंग में शीर्ष सौ में आईवीआरआई, एआई पाठ्यक्रम पर जोर
Sat, 20 Jun 2026 01:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 20 Jun 2026 01:45 AM IST
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बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) की शैक्षणिक परिषद की 71वीं बैठक शुक्रवार को हुई। निदेशक राघवेंद्र भट्टा ने क्यूएस रैकिंग में शीर्ष सौ संस्थानों में शामिल होने पर सराहा। वैश्विक रैंकिंग, अधोसंरचना विस्तार और एआई शिक्षा पर अहम निर्णय लिए गए।
आईवीआरआई देश का पहला कृषि एवं पशु चिकित्सा संस्थान है जो क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में विश्व के शीर्ष सौ संस्थानों में जगह बनाने में सफल रहा। एनआईआरएफ रैंकिंग-2024 में संस्थान ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में अपना पांचवां स्थान बरकरार रखा है। निदेशक ने कहा कि विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के मुताबिक अधोसंरचना का विकास जारी है। नए छात्रावास और 25 करोड़ रुपये का मेगा टीचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा है। इंटर्नशिप भत्तों में असमानता दूर करने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी कोष बढ़ाने की बात कही।
नए संकाय सदस्यों की नियुक्ति और बढ़ती छात्र संख्या के लिए वाह्य वित्तपोषित परियोजना, अंतरराष्ट्रीय सहयोगात्मक अनुसंधान कार्यक्रमों पर भी जोर दिया जाएगा। बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा साइंस आधारित पाठ्यक्रमों को शामिल करने पर जोर दिया गया।
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शैक्षणिक विस्तार और छात्र कल्याण पर रहेगा जोर
प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस कार्यक्रम के दूसरे बैच को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत उद्योग विशेषज्ञों को शिक्षण गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा। बाहरी विश्वविद्यालयों से आने वाले छात्रों के प्रवेश के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाने का सुझाव दिया गया।
प्रवेश के समय लिए जाएंगे जरूरी दस्तावेज
बंगलूरू, मुक्तेश्वर, कोलकाता और भोपाल स्थित क्षेत्रीय परिसरों में अनुसंधान कार्य के लिए निर्णय लिए गए। विद्यार्थियों से प्रवेश के समय ही आवश्यक अंडरटेकिंग ली जाएगी। इसका उद्देश्य भविष्य में आवास और प्रशासनिक समस्याओं से बचना है। निदेशक ने बताया कि पांच वर्षों में संस्थान की प्रवेश क्षमता दोगुनी हो गई है। अभी एक हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा मिल सकेगी।
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आईवीआरआई देश का पहला कृषि एवं पशु चिकित्सा संस्थान है जो क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में विश्व के शीर्ष सौ संस्थानों में जगह बनाने में सफल रहा। एनआईआरएफ रैंकिंग-2024 में संस्थान ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में अपना पांचवां स्थान बरकरार रखा है। निदेशक ने कहा कि विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के मुताबिक अधोसंरचना का विकास जारी है। नए छात्रावास और 25 करोड़ रुपये का मेगा टीचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा है। इंटर्नशिप भत्तों में असमानता दूर करने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी कोष बढ़ाने की बात कही।
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नए संकाय सदस्यों की नियुक्ति और बढ़ती छात्र संख्या के लिए वाह्य वित्तपोषित परियोजना, अंतरराष्ट्रीय सहयोगात्मक अनुसंधान कार्यक्रमों पर भी जोर दिया जाएगा। बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा साइंस आधारित पाठ्यक्रमों को शामिल करने पर जोर दिया गया।
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शैक्षणिक विस्तार और छात्र कल्याण पर रहेगा जोर
प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस कार्यक्रम के दूसरे बैच को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत उद्योग विशेषज्ञों को शिक्षण गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा। बाहरी विश्वविद्यालयों से आने वाले छात्रों के प्रवेश के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाने का सुझाव दिया गया।
प्रवेश के समय लिए जाएंगे जरूरी दस्तावेज
बंगलूरू, मुक्तेश्वर, कोलकाता और भोपाल स्थित क्षेत्रीय परिसरों में अनुसंधान कार्य के लिए निर्णय लिए गए। विद्यार्थियों से प्रवेश के समय ही आवश्यक अंडरटेकिंग ली जाएगी। इसका उद्देश्य भविष्य में आवास और प्रशासनिक समस्याओं से बचना है। निदेशक ने बताया कि पांच वर्षों में संस्थान की प्रवेश क्षमता दोगुनी हो गई है। अभी एक हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा मिल सकेगी।