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Bareilly News: कुआं डांडा गेहूं केंद्र पर प्रभारी और कर्मचारी मिले नदारद
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भुता। क्षेत्र में कुआं डांडा स्थित राजकीय गेहूं क्रय केंद्र पर सिर्फ बैनर लगा मिला। केंद्र पर किसानों के लिए पानी पीने व बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी। केंद्र प्रभारी भी क्रय केंद्र पर मौजूद नहीं थे। क्षेत्र के किसानों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को गेहूं खरीद केंद्र पर 12:00 बजे तक प्रभारी ज्ञान सिंह नहीं पहुंचे थे। चौकीदार ने बताया कि केंद्र प्रभारी अभी नहीं आए हैं। क्रय केंद्र पर किसानों के लिए ठंडा पानी पीने, बैठने आदि की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। वहां पर कांटे पर भी धूल जमी दिख रही थी। केंद्र पर गेहूं भरने के लिए कोई वारदाना भी नहीं था।
किसान छत्रपाल गंगवार व त्रिभुवन सिंह ने बताया कि केंद्र प्रभारी अभी नहीं आए हैं। छोटे-किसान केंद्रों के चक्कर काटते रहते हैं। आखिर में प्राइवेट दुकानदारों के हाथों अपना गेहूं कम दाम में बेच कर चले जाते हैं। उन्हें अपने गेहूं की सरकारी कीमत नहीं मिल पाती है। इससे छोटे किसानों को भारी नुकसान होता है। उधर, केंद्र प्रभारी ज्ञान सिंह ने फोन पर बताया कि वह गांव-गांव जाकर गेहूं खरीद रहे हैं। इसलिए केंद्र पर नहीं हैं। बताया, अब तक 6000 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।
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बुधवार को गेहूं खरीद केंद्र पर 12:00 बजे तक प्रभारी ज्ञान सिंह नहीं पहुंचे थे। चौकीदार ने बताया कि केंद्र प्रभारी अभी नहीं आए हैं। क्रय केंद्र पर किसानों के लिए ठंडा पानी पीने, बैठने आदि की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। वहां पर कांटे पर भी धूल जमी दिख रही थी। केंद्र पर गेहूं भरने के लिए कोई वारदाना भी नहीं था।
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किसान छत्रपाल गंगवार व त्रिभुवन सिंह ने बताया कि केंद्र प्रभारी अभी नहीं आए हैं। छोटे-किसान केंद्रों के चक्कर काटते रहते हैं। आखिर में प्राइवेट दुकानदारों के हाथों अपना गेहूं कम दाम में बेच कर चले जाते हैं। उन्हें अपने गेहूं की सरकारी कीमत नहीं मिल पाती है। इससे छोटे किसानों को भारी नुकसान होता है। उधर, केंद्र प्रभारी ज्ञान सिंह ने फोन पर बताया कि वह गांव-गांव जाकर गेहूं खरीद रहे हैं। इसलिए केंद्र पर नहीं हैं। बताया, अब तक 6000 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।
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