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दवाओं के शोध में आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस अपनाने की जरूरत
Sun, 01 Dec 2019 06:40 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 01 Dec 2019 06:40 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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21वीं इंडो-अफ्रीकन कान्फ्रेंस में दुनिया भर से आए विशेषज्ञों ने फार्मास्युटिकल साइंसेज एवं रिसर्च से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। दवाओं के रिसर्च में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार ने कहा कि आज हर दिन एक नई बीमारी सामने आ रही है। इसलिए चिकित्सा एवं दवाओं के क्षेत्र में सतत एवं प्रभावी अनुसंधान जरूरी हो गया है।
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आईएमए में आयोजित कार्यक्रम में फाउंडेशन ऑफ फार्मेसी प्रोफेशनल्स के अध्यक्ष डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि विश्व बाजार में भारत की जेनरिक दवाओं मेें 20 प्रतिशत और जेनरिक वैक्सीन में 50 प्रतिशत की भागीदारी है। लेकिन रिवेन्यू के मामले में भारत का प्रतिशत महज एक है। जबकि अमेरिका का 33 प्रतिशत और पश्चिमी यूरोप की 22 प्रतिशत की भागीदारी है।
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उन्होंने क्लीनिकल रिसर्च के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मुख्यत: रोबोटिक्स एवं न्यूरल नेटवर्क के इस्तेमाल पर जोर दिया। कार्यक्रम में तीन सांइटिफिक लेक्चर, 28 ओरल प्रेजेंटेशन सम्मिलित रहे और 650 से अधिक डेलिगेट्स ने भाग लिया।
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मलेशिया की माहसा विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर वेट्रीसेल्वन सुब्रमन्यन ने कहा कि टारगेटेड कैंसर थेरेपी का प्रचलन बढ़ रहा है। इथियोपिया के गोंडार विश्वविद्यालय के डॉ. दिगंबर बालकृष्ण अंबिकार ने ट्रांजिशनल फार्माकोलॉजी पर कहा कि अब कम समय में तथा न्यूनतम साइड इफेक्ट के साथ वाले एंटीबायोटिक्स पर काम हो रहा है।
शोभित यूनिवर्सिटी के प्रो. वाइस चांसलर डा.रंजीत सिंह, हेमवंती नंदन बहुगुणा विश्विविद्यालय के डा.अजय सीमाल्टी, पंडित रवि शंकर शुक्ला यूनिवर्सिटी रायपुर (छत्तीसगढ़) के डा. अंबर व्यास, डीआरए अमेटी यूनिवर्सिटी (नोएडा) के डा. विकेश कुमार शुक्ला, एमएएचएसए यूनिवर्सिटी के डा.वेटरीसेल्वन सुब्रमन्यन, शिवालिक कैंपस देहरादून के प्रो.गणेश कुमार ने भी विचार रखे। इन सभी वक्ताओं को एपीपी की ओर से सम्मानित भी किया गया। इस दौरान एपीपी की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
प्रो. एके शर्मा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने प्रो. एके. शर्मा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया। डॉ. रवि मेहरा, डॉ. एमपी आर्य, डा. मनीष शर्मा एवं गगन दीप सिंह बेदी को एपीपी की लाइफ टाइम मेंबरशिप प्रदान की गई। आरके. इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी के चेयरमैन डा. रवि मेहरा एवं आर्य कालेज आफ फार्मेसी के चेयरमैन डा. एमपी आर्य और डा. हेमेंद्र गौतम ने आभार व्यक्त किया। संचालन नवजोत कौर और डा. अजीत यादव ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. विपिन अग्रवाल, डॉ. मुक्त सक्सेना, डॉ. पंकज मिश्रा, डॉ. अभिषेक सक्सेना, डॉ. प्रवीन कुमार अशोक, जतिन जायसवाल, डॉ. विकेश शुक्ला, डॉ. नवनीत वर्मा, डॉ. सुषील कुमार, डॉ. ज्ञानेन्द्र कुमार आदि ने सहयोग किया।