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राज्यपाल ने कुलपति से मांगा शिक्षक कल्याण कोष का हिसाब-किताब
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MJP Rohilkhand university
कुलाधिपति के विशेष सचिव ने पत्र जारी कर 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
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रूटा ने की थी शिक्षक कल्याण कोष में अनियमितताओं की शिकायत
बरेली। राजभवन ने रूहलेखडं विश्वविद्यालय से शिक्षक कल्याण कोष का हिसाब - किताब तलब किया है। राज्यपाल/ कुलाधिपति के विशेष सचिव केयूर सी संपत की ओर से कुलपति को पत्र भेजकर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। रूहेलखंड विवि शिक्षक संघ (रूटा) ने शिक्षक कल्याण कोष में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।
रूटा के पदाधिकारी जानना चाहते थे कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शिक्षक कल्याण कोष में वर्षों से जमा होती आ रही करोड़ों रुपये की धनराशि का इस्तेमाल आखिर हो कहां रहा है। रूटा के महामंत्री टीएस चौहान ने शिक्षक कल्याण कोष में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय से संबद्घ 548 महाविद्यालयों के शिक्षक जो उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते हैं या प्रैक्टिकल आदि में शामिल होते हैं, उनके पारिश्रमिक का पांच फीसदी हिस्सा शिक्षक कल्याण कोष में जमा होता है। उनका कहना है कि हर साल यह धनराशि 80 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक होती है। इस धनराशि का इस्तेमाल शिक्षकों के इलाज, दवाई या दूसरी आपातकालीन जरूरतों के लिए किए जाने का प्राविधान है। लेकिन लंबे समय से इस फंड के खर्च का कोई हिसाब-किताब विवि ने तैयार नहीं किया है। शिक्षकों को यह नहीं बताया जा रहा है कि यह धनराशि कब और कहां खर्च हो रही है। रूटा महामंत्री का कहना था कि इसकी वजह से इस फंड में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है। रूटा की ओर से राजभवन तक मामले की शिकायत पहुंचाने के बाद कुलाधिपति के विशेष सचिव केयूर सी संपत ने कुलपति से पूूरे मामले की बिंदुवार आख्या 15 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने को कहा है।
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विश्वविद्यालय के जो भी फंड हैं, उसके खर्च में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। शिक्षक कल्याण कोष के मामले को भी जल्द दिखवाएंगे। -प्रोफेसर कृष्णपाल सिंह, कुलपति, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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रूटा ने की थी शिक्षक कल्याण कोष में अनियमितताओं की शिकायत बरेली। राजभवन ने रूहलेखडं विश्वविद्यालय से शिक्षक कल्याण कोष का हिसाब - किताब तलब किया है। राज्यपाल/ कुलाधिपति के विशेष सचिव केयूर सी संपत की ओर से कुलपति को पत्र भेजकर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। रूहेलखंड विवि शिक्षक संघ (रूटा) ने शिक्षक कल्याण कोष में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।
रूटा के पदाधिकारी जानना चाहते थे कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शिक्षक कल्याण कोष में वर्षों से जमा होती आ रही करोड़ों रुपये की धनराशि का इस्तेमाल आखिर हो कहां रहा है। रूटा के महामंत्री टीएस चौहान ने शिक्षक कल्याण कोष में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय से संबद्घ 548 महाविद्यालयों के शिक्षक जो उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते हैं या प्रैक्टिकल आदि में शामिल होते हैं, उनके पारिश्रमिक का पांच फीसदी हिस्सा शिक्षक कल्याण कोष में जमा होता है। उनका कहना है कि हर साल यह धनराशि 80 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक होती है। इस धनराशि का इस्तेमाल शिक्षकों के इलाज, दवाई या दूसरी आपातकालीन जरूरतों के लिए किए जाने का प्राविधान है। लेकिन लंबे समय से इस फंड के खर्च का कोई हिसाब-किताब विवि ने तैयार नहीं किया है। शिक्षकों को यह नहीं बताया जा रहा है कि यह धनराशि कब और कहां खर्च हो रही है। रूटा महामंत्री का कहना था कि इसकी वजह से इस फंड में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है। रूटा की ओर से राजभवन तक मामले की शिकायत पहुंचाने के बाद कुलाधिपति के विशेष सचिव केयूर सी संपत ने कुलपति से पूूरे मामले की बिंदुवार आख्या 15 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने को कहा है।
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विश्वविद्यालय के जो भी फंड हैं, उसके खर्च में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। शिक्षक कल्याण कोष के मामले को भी जल्द दिखवाएंगे। -प्रोफेसर कृष्णपाल सिंह, कुलपति, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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