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फुटवियर देगा करिअर को नई राह
बरेली।
Updated Tue, 25 Apr 2017 01:31 AM IST
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फुटवियर देगा करिअर को नई राह
- फोटो : Footwear will give new career path
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कहते हैं आपका जूता आपके व्यक्तित्व को पहचान देता है, लेकिन अब फुटवियर आपके करिअर को भी नई राह देगा। फुटवियर डिजायन एंड डिवेलमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) में इसके लिए कई कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इनमें प्रवेश के लिए 22 मई तक आनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।
बरेली समेत देश के 24 परीक्षा केंद्रों पर नौ, दस और 11 जून को ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रवेश मेरिट के आधार पर मिलेगा। किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास अभ्यर्थी बीएससी में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। संचालित कोर्स, प्रवेश के लिए योग्यता और फीस की विस्तृत जानकारी वेबसाइट www.fddiindia.com पर उपलब्ध है। फुटवियर डिजाइन एंड डेवलमेंट इंस्टीट्यूट, फुसरतगंज, अमेठी के विभागाध्यक्ष और कनिष्ठ परामर्शदाता वरुण गुप्ता ने प्रेसवार्ता में बताया कि जूता निर्माण क्षेत्र में कुशल कामगारों की मांग पूरी करने के लिए केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की देखरेख में नोएडा में फुटवियर डिजायन एंड डिवेलमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) की स्थापना की गई थी। फुसरतगंज (अमेठी), कानपुर, जालंधर, चेन्नई, मुंबई में भी यह संस्थान हैं।
ये हैं कोर्स
बीएससी इन फुटवियर डिजायन एंड प्रोडक्शन, रिटेल एंड फैशन मर्चनडाइस और ‘फैशन लेदर एसेसरी डिजायन’
एमएससी इन ‘फुटवियर डिजायन एंड प्रोडक्शन’ और ‘रिटेल एंड फैशन मरचेंडाइस’
यह हैं संभावनाएं
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ग्लोबल बाजार में जूता निर्माण में भारत की भागीदारी 13 फीसदी है। देश में 2203 मिलियन जूते प्रति वर्ष बनाए जाते हैं। वरुण गुप्ता ने बताया कि एफडीडीआई से कोर्स करने वाले विद्यार्थियों का प्यूमा, सीटीसी, कॉविश फैशन, टाटा इंटरनेशनल, लैंडमार्क आदि कंपनियों में सेलेक्शन हुआ है। एफडीडीआई, फुरसतगंज के परामर्शदाता विकास भाटिया ने बताया कि पांच अप्रैल को लोकसभा में एफडीडीआई बिल पास हो चुका है। राज्यसभा में यह बिल पास होने के बाद एफडीडीआई को आईआईटी की तरह राष्ट्रीय महत्व के संस्थान की मान्यता मिल जाएगी।
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बरेली समेत देश के 24 परीक्षा केंद्रों पर नौ, दस और 11 जून को ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रवेश मेरिट के आधार पर मिलेगा। किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास अभ्यर्थी बीएससी में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। संचालित कोर्स, प्रवेश के लिए योग्यता और फीस की विस्तृत जानकारी वेबसाइट www.fddiindia.com पर उपलब्ध है। फुटवियर डिजाइन एंड डेवलमेंट इंस्टीट्यूट, फुसरतगंज, अमेठी के विभागाध्यक्ष और कनिष्ठ परामर्शदाता वरुण गुप्ता ने प्रेसवार्ता में बताया कि जूता निर्माण क्षेत्र में कुशल कामगारों की मांग पूरी करने के लिए केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की देखरेख में नोएडा में फुटवियर डिजायन एंड डिवेलमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) की स्थापना की गई थी। फुसरतगंज (अमेठी), कानपुर, जालंधर, चेन्नई, मुंबई में भी यह संस्थान हैं।
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ये हैं कोर्स
बीएससी इन फुटवियर डिजायन एंड प्रोडक्शन, रिटेल एंड फैशन मर्चनडाइस और ‘फैशन लेदर एसेसरी डिजायन’
एमएससी इन ‘फुटवियर डिजायन एंड प्रोडक्शन’ और ‘रिटेल एंड फैशन मरचेंडाइस’
यह हैं संभावनाएं
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ग्लोबल बाजार में जूता निर्माण में भारत की भागीदारी 13 फीसदी है। देश में 2203 मिलियन जूते प्रति वर्ष बनाए जाते हैं। वरुण गुप्ता ने बताया कि एफडीडीआई से कोर्स करने वाले विद्यार्थियों का प्यूमा, सीटीसी, कॉविश फैशन, टाटा इंटरनेशनल, लैंडमार्क आदि कंपनियों में सेलेक्शन हुआ है। एफडीडीआई, फुरसतगंज के परामर्शदाता विकास भाटिया ने बताया कि पांच अप्रैल को लोकसभा में एफडीडीआई बिल पास हो चुका है। राज्यसभा में यह बिल पास होने के बाद एफडीडीआई को आईआईटी की तरह राष्ट्रीय महत्व के संस्थान की मान्यता मिल जाएगी।
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