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नए शैक्षणिक सत्र में एकाग्रता और लिखावट पर होगा फोकस

Fri, 01 Apr 2022 01:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2022 01:48 AM IST
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Focus will be on concentration and handwriting in the new academic session
प्रतीकात्मक
शिक्षकों के मुताबिक, कोरोना काल में प्रभावित हुई बच्चों की एकाग्रता और लेखनशैली
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बरेली। स्कूलों ने नए शिक्षण सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोविड काल के दो साल बाद स्कूलों में नए शिक्षण सत्र में विधिवत पढ़ाई शुरू होगी। स्कूलों का कहना है कि दो साल बाद बच्चे स्कूल आएंगे तो पहली प्राथमिकता उनकी एकाग्रता और लिखावट में सुधार की होगी। इसके लिए योजना बनाकर पढ़ाई कराने की तैयारी है।
कोविड काल में शिक्षा प्रणाली पूरी तरह बदल गई। जो बच्चे मोबाइल से दूर रहते थे, उनके हाथ में मोबाइल आ गया। कारण, पढ़ाई ऑनलाइन हो गई थी। दो साल तक ऑनलाइन पढ़ाई के चलते बच्चे मोबाइल के आदी हो गए। ऑनलाइन पढ़ाई के कुछ फायदे रहे तो नुकसान भी हुए। सबसे बड़ा दुष्परिणाम बच्चों की एकाग्रता में कमी और लेखनशैली बिगड़ने के रूप में सामने आया। निजी स्कूलों से लेकर सरकारी स्कूलों तक के शिक्षकों का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र में सबसे ज्यादा फोकस बच्चों की एकाग्रता और लिखावट में सुधार करने पर होगा।
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शिक्षकों से बात
नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों की लेखन क्षमता बढ़ाने और लिखावट को अच्छा करने की रणनीति बनाई जा रही है। इस पर काम करने की जरूरत है। हम यह करेंगे भी। इसके लिए यदि अलग से विशेष कक्षाएं संचालित करानी पड़ीं तो वे भी कराएंगे। - राजेश यादव, मदर्स पब्लिक स्कूल
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कोविड काल में लगातार ऑनलाइन पढ़ाई ने बच्चों की एकाग्रता पर प्रभाव डाला है। इसमें कोई शक नहीं है। इस साल भी इस पर काम किया गया और नए सत्र में भी काउंसलर की मदद से इस दिशा में काम किया जाएगा। - राजीव ढींगरा, अल्मा मातेर
बच्चों की लेखन क्षमता तो बहुत कम हो गई है। लिखावट भी बिगड़ गई है। नए शैक्षणिक सत्र में विशेष कक्षाएं लगाकर बच्चों की लिखावट को बेहतर करने का प्रयास होगा। - सत्येंद्र पाल, शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय

कोविड काल के बाद जब बच्चे स्कूल आए तो पुराना पढ़ा भूल गए थे। इस साल उसे दोबारा ठीक कराया है। अब अगला फोकस लिखावट और बच्चों की याददाश्त को विकसित करने के लिए अलग-अलग एक्टिविटी कराने पर होगा। - सारिका सक्सेना, शिक्षिका, प्राथमिक विद्यालय
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