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महिला अस्पताल ने फिर से दुष्कर्म का शिकार मासूम को किया भर्ती
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बरेली। तीन साल की एक बच्ची 12 मई को ताऊ की हैवानियत का शिकार हुई। महिला अस्पताल पहुंची इस मासूम का पूरा इलाज किए बगैर ही डॉक्टरों ने उसे परिजनों को टकरा दिया। मजबूरी में बच्ची के घरवालों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वह ठीक तो नहीं हुई लेकिन इलाज के नाम पर 40 हजार रुपये ऐंठ लिए गए। यह मामला जिला प्रोबेशन विभाग के पास पहुंचने के बाद दुष्कर्म पीड़ित बच्ची को महिला अस्पताल में फिर से भर्ती कर लिया गया है।
बच्ची की मां ने बुधवार को जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार को बताया था कि महिला अस्पताल में उसकी बेटी 12 से 23 मई तक तक भर्ती रही थी। उसका कहना था कि बच्ची पूरी तरह ठीक भी नहीं हो पाई थी, उससे पहले ही उसे अस्पताल के स्टाफ ने उसे छुट्टी दे दी गई। बच्ची को फिर से इलाज के लिए सतीपुर चौराहे के पास एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया करना पड़ा। यहां पांच दिन के इलाज के नाम पर बच्ची के पिता से चालीस हजार रुपये ले लिए गए। मां की गोद में यूरिनल बैग लगाए बच्ची दर्द से कराह रही थी। गुरुवार को महिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में बच्ची को भर्ती कर उसका फिर से इलाज शुरू हो गया है। चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची की हालत ठीक है। कुछ इन्फेक्शन है। तीन से चार दिन के इलाज के बाद बच्ची पूरी तरह ठीक हो जाएगी।
-महिला अस्पताल की सीएमएस और बच्ची की मां दोनों से ही मेरी बात हुई है। बच्ची का इलाज शुरू हो गया है। सीएमएस से यह आग्रह किया गया है कि बच्ची के पूरी तरह ठीक होने तक उसे अस्पताल में ही भर्ती रखा जाए। -नीता अहिरवार, जिला प्रोबेशन
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बच्ची की मां ने बुधवार को जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार को बताया था कि महिला अस्पताल में उसकी बेटी 12 से 23 मई तक तक भर्ती रही थी। उसका कहना था कि बच्ची पूरी तरह ठीक भी नहीं हो पाई थी, उससे पहले ही उसे अस्पताल के स्टाफ ने उसे छुट्टी दे दी गई। बच्ची को फिर से इलाज के लिए सतीपुर चौराहे के पास एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया करना पड़ा। यहां पांच दिन के इलाज के नाम पर बच्ची के पिता से चालीस हजार रुपये ले लिए गए। मां की गोद में यूरिनल बैग लगाए बच्ची दर्द से कराह रही थी। गुरुवार को महिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में बच्ची को भर्ती कर उसका फिर से इलाज शुरू हो गया है। चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची की हालत ठीक है। कुछ इन्फेक्शन है। तीन से चार दिन के इलाज के बाद बच्ची पूरी तरह ठीक हो जाएगी।
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-महिला अस्पताल की सीएमएस और बच्ची की मां दोनों से ही मेरी बात हुई है। बच्ची का इलाज शुरू हो गया है। सीएमएस से यह आग्रह किया गया है कि बच्ची के पूरी तरह ठीक होने तक उसे अस्पताल में ही भर्ती रखा जाए। -नीता अहिरवार, जिला प्रोबेशन
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