फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   father-in-law said that the son-in-law had left his parents the court said that his thinking was tainted

Bareilly: ससुर बोला... माता-पिता से अलग रहे दामाद, कोर्ट ने कहा- ये सोच दूषित; महिला पर लगाया जुर्माना

Sat, 18 Oct 2025 06:53 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 18 Oct 2025 06:53 AM IST
सार

बरेली में कोर्ट ने महिला के खर्च का मुकदमा खारिज कर दिया। उस पर जुर्माना भी लगाया। मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला और उसके माता-पिता पर तल्ख टिप्पणी भी की। 

विज्ञापन
father-in-law said that the son-in-law had left his parents the court said that his thinking was tainted
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI

विस्तार

अगर घर बसाना है तो दामाद को बेटी के साथ अपने माता-पिता से अलग रहना होगा, ये बात एक पिता ने कही। इनकी शह पर बेटी ने पति व ससुरालीजनों के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए भारी-भरकम खर्च की मांग की। बरेली के पारिवारिक कोर्ट के न्यायाधीश ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि महिला के पिता का ये वाक्य उनके दूषित सोच, संस्कार व परिवेश को परिलक्षित करते हैं। इसमें वैवाहिक संस्कारों का कोई मूल्य नहीं है। कोर्ट ने मामले को खारिज कर महिला पर जुर्माना भी लगाया है।

विज्ञापन


मूल रूप से बारादरी क्षेत्र के माधोबाड़ी की रहने वाली युवती की शादी वर्ष 2018 में मुरादाबाद के ब्रजेश से हुई। ब्रजेश शिक्षक हैं। शादी के एक साल के भीतर ही दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया। वर्ष 2020 में महिला ने ससुरालीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। 15 लाख रुपये मांगने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन


पत्नी है उच्च शिक्षा प्राप्त 
महिला ने बताया वह कुछ काम नहीं जानती, इसलिए उसे खर्चा दिलवाया जाए। वहीं, ब्रजेश ने कोर्ट में बताया कि उसकी साधारण कमाई से पत्नी के शौक पूरे नहीं हो रहे। वह चाहती है कि मैं अपने माता-पिता का घर बिकवाकर अपना हिस्सा ले लूं और उसके साथ मायके में रहूं। जबकि पत्नी उच्च शिक्षा प्राप्त है और माह में 25 हजार तक कमा लेती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चार साल से चल रही सुनवाई में फैसला देते हुए पारिवारिक कोर्ट के जज ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि महिला ऐसा तब कह रही है, जबकि उसके स्वयं के तीन भाई हैं। भविष्य में उसके भाई की पत्नियां भी माता-पिता से अलग रहने का दबाव बनाएंगी। महिला के मुकदमे को खारिज कर उस पर 10 हजार का जुर्माना लगाते हुए विपक्षी को देने के लिए कहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed