Fake IAS Case: बरेली में आलीशान घर में महारानी की तरह रहती थी विप्रा शर्मा, पुलिस ने तलाशी ली तो रह गई दंग
बरेली में बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी की आरोपी विप्रा शर्मा आलीशान घर में रहती थी। उसके रहन-सहन से पड़ोसी भी उसे अधिकारी समझते थे, लेकिन जब उसकी पोल खुली तो वे हैरान रह गए। उसके घर की तलाशी ली तो पुलिस भी हैरत में थी।
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बरेली में खुद को आईएएस बताकर लाखों रुपये की ठगी करने की आरोपी विप्रा शर्मा आलीशान घर में इतने रुतबे से रहती थी कि किसी को उसके फर्जी अधिकारी होने पर शक ही नहीं हो सका। उसके घर की तलाशी ली तो पुलिस भी हैरत में थी। पुलिस को घर से करीब दो सौ जोड़ी ब्रांडेड कंपनी के कपड़े मिले। अधिकांश कपड़ों से टैग ही नहीं हटे थे। विप्रा शर्मा की पोल खुली तो पड़ोसी भी हैरान रह गए।
पहला मामला दर्ज होने के बाद जब बारादरी थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह व उनकी टीम ने विप्रा शर्मा व उसकी बहनों की गिरफ्तारी की तो भी आरोपी बहनें शुरू में पुलिस को दबाव में लेने की कोशिश करती रही। हालांकि पीड़ित को पुलिस के साथ देखकर तीनों बहनें माजरा समझ गईं और मामला रफादफा करने का प्रयास करने लगीं। पुलिस ने उनकी एक न सुनी और उन्हें थाने ले आई। इससे पहले साक्ष्य जुटाने के लिए परिजनों की मौजूदगी में ही विप्रा के घर की तलाशी ली गई।
बुजुर्ग पड़ोसी भी देते थे सम्मान
बेहद पढ़े लिखे लोगों की कॉलोनी गोल्डन ग्रीन पार्क में पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ की तो वह लोग भी विप्रा की असलियत जानकर हैरत में थे। पड़ोस में रहने वाले बुजुर्ग वकील भी यहां थे। उन्होंने बताया कि सामने पड़ने पर विप्रा को वह खुद ही अभिवादन कर लेते थे। उन्हें इस बात पर गौरव की अनुभूति होती थी कि उनके पड़ोस की कोई लड़की इतने बड़े पद पर है। जब उसकी सच्चाई सामने आई तो होश उड़ गए।
सौंदर्य प्रसाधनों से भरी मिली रैंक
बारादरी थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह के मुताबिक आलीशान घर में सुख सुविधा और विलासिता के सभी इंतजाम थे। लाइट जाने पर जनरेटर की भी व्यवस्था थी और नौकर भी थे। अलमारियां खोलने पर महिला पुलिसकर्मी हैरत में पड़ गईं। नामी ब्रांडों के करीब दो सौ जोड़ी कपड़े मौजूद थे। अधिकांश कपड़े बिल्कुल नए थे। उन पर कीमत व कंपनी का टैग भी लगा था। टैग देखकर लगा कि कोई भी कपड़ा सस्ता या हल्के ब्रांड का नहीं था। जूते और सैंडल का भी कमोवेश ऐसा ही हाल था। इसके साथ ही काफी तादाद में नामी ब्रांडों के साबुन, शैंपू, तेल, सौंदर्य प्रसाधन आदि मौजूद थे।
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विप्रा और उसके गिरोह पर 22 मामले दर्ज
फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा और उसकी बहनों ने कई बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाया। उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी। पहली रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कई पीड़ित सामने आए और मामले दर्ज कराए। विप्रा और उसके गिरोह के खिलाफ अब तक 22 मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस विप्रा और उसके साथियों की कुंडली खंगाल रही है।