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बरेली में 854 शिक्षकों के पद रिक्त लेकिन फिलहाल सिर्फ तबादले के लिए आवेदन
सार
- 20 जनवरी 2020 तक होंगे ऑनलाइन आवेदन
- 21-25 जनवरी तक ट्रांसफर के लिए काउंसलिंग
- 21-05 फरवरी तक आवेदनों का सत्यापन
- 06-20 फरवरी तक दावे, आपत्ति पर सुनवाई और निस्तारण
- 15 मार्च को तबादले के लिए पात्रों की सूची जारी होगी
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विस्तार
बेसिक शिक्षा विभाग में मची हलचल
मनमाफिक जिलों में तैनाती के लिए शिक्षकों ने अफसरों के साथ शुरू की जोड़तोड़
बरेली। बेसिक शिक्षा परिषद के सहायक अध्यापकों के अंतरजनपदीय तबादलों की प्रक्रिया शुरू होते ही शिक्षकों में हलचल तेज हो गई है। मुख्यालय के निर्देश पर बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने रिक्त पदों की सूचना शासन को भेज दी है। इसके मुताबिक जिले में समायोजन के लिए करीब 854 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है जो 20 जनवरी तक चलेगी। ऐसे में शिक्षक मनमुताबिक तैनाती के लिए ‘सांठगांठ’ में जुट गए हैं।
नए शासनादेश के तहत जिन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है, वे तबादले के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। साथ ही, क्रमिक रूप से वेतन भुगतान पर किसी कारणवश रोक वाले शिक्षक भी आवेदन नहीं कर सकेंगे। बता दें कि करीब छह माह पहले जारी शासनादेश में यह नियम शामिल नहीं किए गए थे। रिक्त पदों का आकलन करने के लिए बनाए गए नियम में भी खामियां थीं। उन पर सवाल उठे तो पिछले शासनादेश पर रोक लगाने के बाद अब नया शासनादेश जारी किया गया है। अब नई तबादला नीति में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके शिक्षक भी आवेदन कर सकते हैं। पहले यह अवधि पांच वर्ष के लिए थी। वहीं, महिला शिक्षक एक वर्ष की सेवा पूरी होने पर ही स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकती हैं। विधवा, तलाकशुदा, सैनिक की पत्नी और दिव्यांग शिक्षकों को बोनस अंक देकर तबादले में वरीयता दी जाएगी। शिक्षक के खुद या पति-पत्नी के गंभीर बीमार होने पर भी तबादले में वरीयता मिलेगी। लेकिन किसी भी पुरुष या महिला शिक्षक को गृह ग्राम पंचायत के स्कूल में तैनाती नहीं मिलेगी।
कितने पद हैं रिक्त
- प्राइमरी में सहायक अध्यापक के 532 पद लेकिन प्रधानाध्यापक का पद रिक्त नहीं
- जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक के 299 पद और प्रधानाध्यापक के 23 पद रिक्त
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मनमाफिक जिलों में तैनाती के लिए शिक्षकों ने अफसरों के साथ शुरू की जोड़तोड़
बरेली। बेसिक शिक्षा परिषद के सहायक अध्यापकों के अंतरजनपदीय तबादलों की प्रक्रिया शुरू होते ही शिक्षकों में हलचल तेज हो गई है। मुख्यालय के निर्देश पर बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने रिक्त पदों की सूचना शासन को भेज दी है। इसके मुताबिक जिले में समायोजन के लिए करीब 854 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है जो 20 जनवरी तक चलेगी। ऐसे में शिक्षक मनमुताबिक तैनाती के लिए ‘सांठगांठ’ में जुट गए हैं।
नए शासनादेश के तहत जिन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है, वे तबादले के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। साथ ही, क्रमिक रूप से वेतन भुगतान पर किसी कारणवश रोक वाले शिक्षक भी आवेदन नहीं कर सकेंगे। बता दें कि करीब छह माह पहले जारी शासनादेश में यह नियम शामिल नहीं किए गए थे। रिक्त पदों का आकलन करने के लिए बनाए गए नियम में भी खामियां थीं। उन पर सवाल उठे तो पिछले शासनादेश पर रोक लगाने के बाद अब नया शासनादेश जारी किया गया है। अब नई तबादला नीति में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके शिक्षक भी आवेदन कर सकते हैं। पहले यह अवधि पांच वर्ष के लिए थी। वहीं, महिला शिक्षक एक वर्ष की सेवा पूरी होने पर ही स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकती हैं। विधवा, तलाकशुदा, सैनिक की पत्नी और दिव्यांग शिक्षकों को बोनस अंक देकर तबादले में वरीयता दी जाएगी। शिक्षक के खुद या पति-पत्नी के गंभीर बीमार होने पर भी तबादले में वरीयता मिलेगी। लेकिन किसी भी पुरुष या महिला शिक्षक को गृह ग्राम पंचायत के स्कूल में तैनाती नहीं मिलेगी।
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कितने पद हैं रिक्त
- प्राइमरी में सहायक अध्यापक के 532 पद लेकिन प्रधानाध्यापक का पद रिक्त नहीं
- जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक के 299 पद और प्रधानाध्यापक के 23 पद रिक्त