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गुरु जी! पैसों के लिए इतना गिरे.. दो-चार नंबर वालों को भी पास कर गए
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बरेली। गुरु जी चंद पैसों के लिए अपना शिक्षक धर्म ही मिट्टी में मिला दिया। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के मूल्यांकन में कर्मचारियों ने दलाल की भूमिका निभाई तो गुरु जी ने भी माल जेब में आने के बाद तमाम फेल छात्रों को पास कर दिया। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुनर्मूल्यांकन में खुलासा हुआ है कि तीन दर्जन से ज्यादा ऐसे छात्र-छात्राओं के 35 से 40 नंबर तक बढ़ाकर पास कर दिया गया जिन्हें असलियत में बमुश्किल दो से पांच तक ही नंबर मिले थे। अब एक तो इन परीक्षकों को डिबार करने की तैयारी है, दूसरे इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिलने के बाद बीएससी के सभी छात्र-छात्राओं के अंकों का अवार्ड शीट और मूल्यांकन चार्ट से मिलान करने की तैयारी की जा रही है।
पिछले दिनों विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में हंगामा कर तीन कर्मचारियों पर मूल्यांकन में धांधली के आरोप लगाए थे। कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कर्मचारियों को तलब कर लिया और उनके मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें सांठगांठ के सबूत मिल गए। इसके बाद मामले की जांच के लिए उन्होंने प्रो. एके जैतली की निगरानी में कमेटी बना दी। तब से यह जांच जारी है और लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपों की पुष्टि के लिए जांच कमेटी बीएससी के कुछ अभ्यर्थियों की कापियों का पुनर्मूल्यांकन कराया। सूत्रों का कहना है कि सौ से अधिक कापियों की दो-दो शिक्षकों से जांच कराई गई तो इनमें से तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को दो से पांच अंक ही मिले जबकि कॉपियों में उन्हें 40-46 तक अंक दिए गए थे। अब इन अभ्यर्थियों को दोनों शिक्षकों के मूल्यांकन का औसत निकालकर अंक देने की तैयारी है। ऐसे में इनका फेल होना भी तय माना जा रहा है।
एजेंसी और अवार्ड शीट की धांधली पकड़ने की तैयारी
बढ़े नंबरों की इस गड़बड़ी में अभी परीक्षकों की धांधली सामने आई है। जांच समिति को अंदेशा है कि जब सौ कॉपियों में इतनी गड़बड़ी सामने आई तो यह मामला और भी बड़ा हो सकता है। ऐसे में जांच समिति अवार्ड शीट और मूल्यांकन चार्ट का मिलान करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी और कर्मचारियों से सेटिंग से मूल्यांकन चार्ट से अवार्ड शीट बनने तक भी धांधली की गई है। इस जांच में यह भी पकड़ा जाएगा, मगर इसके लिए मूल्यांकन विभाग से अनुमति मिलने की संभावना कम ही नजर आ रही है।
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डिबार होंगे परीक्षक
मूल्यांकन में धांधली पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय अब इन परीक्षकों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। इन सबको डिबार किया जाएगा। साथ ही कार्रवाई के लिए इनके कॉलेजों को भी लिखा जाएगा।
पुनर्मूल्यांकन में कई स्टूडेंट को दो-पांच नंबर ही मिले हैं जबकि मूल्यांकन में उन्हें 40 से ज्यादा तक नंबर दिए गए हैं। अन्य मामलों की जांच के लिए अब अवार्ड शीट और मूल्यांकन चार्ट का मिलान करने की तैयारी है।
- प्रो. एके जैतली, अध्यक्ष जांच कमेटी
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पिछले दिनों विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में हंगामा कर तीन कर्मचारियों पर मूल्यांकन में धांधली के आरोप लगाए थे। कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कर्मचारियों को तलब कर लिया और उनके मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें सांठगांठ के सबूत मिल गए। इसके बाद मामले की जांच के लिए उन्होंने प्रो. एके जैतली की निगरानी में कमेटी बना दी। तब से यह जांच जारी है और लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपों की पुष्टि के लिए जांच कमेटी बीएससी के कुछ अभ्यर्थियों की कापियों का पुनर्मूल्यांकन कराया। सूत्रों का कहना है कि सौ से अधिक कापियों की दो-दो शिक्षकों से जांच कराई गई तो इनमें से तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को दो से पांच अंक ही मिले जबकि कॉपियों में उन्हें 40-46 तक अंक दिए गए थे। अब इन अभ्यर्थियों को दोनों शिक्षकों के मूल्यांकन का औसत निकालकर अंक देने की तैयारी है। ऐसे में इनका फेल होना भी तय माना जा रहा है।
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एजेंसी और अवार्ड शीट की धांधली पकड़ने की तैयारी
बढ़े नंबरों की इस गड़बड़ी में अभी परीक्षकों की धांधली सामने आई है। जांच समिति को अंदेशा है कि जब सौ कॉपियों में इतनी गड़बड़ी सामने आई तो यह मामला और भी बड़ा हो सकता है। ऐसे में जांच समिति अवार्ड शीट और मूल्यांकन चार्ट का मिलान करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी और कर्मचारियों से सेटिंग से मूल्यांकन चार्ट से अवार्ड शीट बनने तक भी धांधली की गई है। इस जांच में यह भी पकड़ा जाएगा, मगर इसके लिए मूल्यांकन विभाग से अनुमति मिलने की संभावना कम ही नजर आ रही है।
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डिबार होंगे परीक्षक
मूल्यांकन में धांधली पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय अब इन परीक्षकों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। इन सबको डिबार किया जाएगा। साथ ही कार्रवाई के लिए इनके कॉलेजों को भी लिखा जाएगा।
पुनर्मूल्यांकन में कई स्टूडेंट को दो-पांच नंबर ही मिले हैं जबकि मूल्यांकन में उन्हें 40 से ज्यादा तक नंबर दिए गए हैं। अन्य मामलों की जांच के लिए अब अवार्ड शीट और मूल्यांकन चार्ट का मिलान करने की तैयारी है।
- प्रो. एके जैतली, अध्यक्ष जांच कमेटी