Bareilly Weather: रात में चली धूलभरी आंधी, बिजली गुल होने से लोगों की बढ़ी परेशानी
बरेली में सोमवार को दिनभर भीषण गर्मी के बाद शाम को मौसम में बदलाव आया। रात करीब नौ बजे तेज आंधी चली, जिससे शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में सोमवार को दिनभर भीषण गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। शाम ढलने के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। रात में आंधी से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि, धूल भरी हवा ने परेशान किया। वहीं मंगलवार सुबह उमस और गर्मी ने फिर प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया। मौसम विभाग ने 28 और 29 मई को बारिश के आसार जताए हैं।
मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक शहर में अचानक निम्न वायुदाब का क्षेत्र बनने से रात करीब नौ बजे के बाद तेज हवा चलने लगी। हालांकि, कुछ देर बाद झोंके साथ चली हवा ने आंधी का अहसास कराया। गति 60 किमी प्रति घंटे दर्ज की गई। उन्होंने तीन दिन तक गर्मी और तेज हवा का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं, अनुकूल माहौल बनने पर कुछ इलाकों में बूंदाबांदी और रिमझिम की भी बात कही है। सोमवार को दिन भर तेज धूप से अधिकतम पारा एक डिग्री बढ़त के बाद 41.9 डिग्री और न्यूनतम 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नमी 42 फीसदी रही।
आंधी के कारण शहर की बत्ती गुल
शहर में सोमवार रात आई आंधी के बाद ज्यादातर इलाकों में बिजली गुल हो गई। शहर का एक बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब गया। आंधी रुकने के बाद देर रात तक विद्युत निगम के इंजीनियर व लाइनमैन आपूर्ति चालू करने में जुटे रहे। शहर में 9:30 बजे अचानक तेज आंधी आई। आंधी के दौरान फाल्ट की आशंका पर सभी 27 उपकेंद्रों से आपूर्ति बंद कर दी गई। रात 10 बजे आपूर्ति चालू करने के लिए लाइनमैन व इंजीनियर लगाए गए। बारी-बारी इन उपकेंद्रों को चालू किया जाता रहा। कई उपकेंद्र देररात तक नहीं चालू हो सके।
वहीं, कुतुबखाना में रविवार को एक हजार केवीए का ट्रांसफार्मर फुंकने के कारण पांच फीडरों की आपूर्ति ठप रही। सोमवार की दोपहर नया ट्रांसफार्मर लगाने के बाद आपूर्ति बहाल की गई। वहीं राजेंद्रनगर के दुर्गानगर में ट्रिपिंग के कारण दोपहर दो से चार बजे तक लाइट नहीं रही। अन्य कई इलाकों में भी संकट रहा। इस बाबत अधिशासी अभियंता 33 केवी राजवीर सिंह ने बताया कि आंधी थमने के बाद उपकेंद्रों को शुरू किया जा रहा है।