{"_id":"5d224df28ebc3e6cb713b83a","slug":"drda-bareilly-news-bly3677086181","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीआरडीए में बीमा फाइल गुम होने से मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीआरडीए में बीमा फाइल गुम होने से मचा हड़कंप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। डीआरडीए में कर्मचारियों की बीमा फाइल समेत अन्य रिकार्ड गुम होने से हड़कंप मच गया है। विभागीय अफसरों ने स्टाफ से फाइल के बारे में पूछताछ की। पटल बाबुओं ने फाइल अपने पास होेने से इनकार किया है। पूछताछ में पटल बाबुओं ने अपने ही विभाग के एक पूर्व कर्मचारी पर फाइल गुम करने का शक जताया है। कुछ कर्मचारियों ने पूर्व कर्मचारी से फोन पर भी फाइल के बारे में पूछा तो वह फाइल की जानकारी होने से मुकर गया।
विकास भवन के डीआरडीए दफ्तर में कुछ दिन पूर्व कर्मचारियों की बीमा फाइल, एनआरएलएम की प्रचार सामग्री समेत कई महत्वपूर्ण रिकार्ड गायब हो गए थे। तबसे पूरा स्टाफ बहुत परेशान है। अमर उजाला ने इस बारे में पांच जुलाई को समाचार भी प्रकाशित किया था।
डीआरडीए के सूत्रों ने बताया कि कर्मचारियों की बीमा फाइल और एनआरएलएम की प्रचार सामग्री समेत 2016 से पहले खोले गए स्वयं सहायता समूहों के खातों के रिकार्ड विभाग का ही पूर्व कर्मचारी गट्ठर बांधकर ले गया है। उसे न तो स्टाफ ने रोका, न ही अफसरों ने। पूर्व कर्मचारी पिछले साल रिटायर हो चुका है, लेकिन उसने एनआरएलएम की गतिविधियों में स्वयं को लगातार बनाए रखने के लिए न तो डीआरडीए दफ्तर जाना छोड़ा, न ही पुराने रिकार्ड में हेरफेर करना। व्हाट्सएप पर एनआरएलएम का जो सरकारी ग्रुप बना है, पूर्व कर्मचारी ही उसका एडमिन है और वह ब्लॉकों पर अनाधिकृत तरीके से दिशा निर्देश जारी करता रहता है।
विज्ञापन
बीमा की फाइल तलाशी जा रही है। जल्द ही मिल जाएगी। व्हाट्सएप ग्रुप से उस व्यक्ति को खुद हट जाना चाहिए, लेकिन कुछ लोग मान न मान, मै तेरा मेहमान की तरह बने रहते हैं। मैं एनआरएलएम में नया ग्रुप बनवाकर किसी और एडमिन बनवा दूंगा। उस ग्रुप से स्टाफ खुद ब खुद हट जाएगा।
- वीके यादव, पीडी डीआरडीए
विज्ञापन
विकास भवन के डीआरडीए दफ्तर में कुछ दिन पूर्व कर्मचारियों की बीमा फाइल, एनआरएलएम की प्रचार सामग्री समेत कई महत्वपूर्ण रिकार्ड गायब हो गए थे। तबसे पूरा स्टाफ बहुत परेशान है। अमर उजाला ने इस बारे में पांच जुलाई को समाचार भी प्रकाशित किया था।
विज्ञापन
डीआरडीए के सूत्रों ने बताया कि कर्मचारियों की बीमा फाइल और एनआरएलएम की प्रचार सामग्री समेत 2016 से पहले खोले गए स्वयं सहायता समूहों के खातों के रिकार्ड विभाग का ही पूर्व कर्मचारी गट्ठर बांधकर ले गया है। उसे न तो स्टाफ ने रोका, न ही अफसरों ने। पूर्व कर्मचारी पिछले साल रिटायर हो चुका है, लेकिन उसने एनआरएलएम की गतिविधियों में स्वयं को लगातार बनाए रखने के लिए न तो डीआरडीए दफ्तर जाना छोड़ा, न ही पुराने रिकार्ड में हेरफेर करना। व्हाट्सएप पर एनआरएलएम का जो सरकारी ग्रुप बना है, पूर्व कर्मचारी ही उसका एडमिन है और वह ब्लॉकों पर अनाधिकृत तरीके से दिशा निर्देश जारी करता रहता है।
विज्ञापन
बीमा की फाइल तलाशी जा रही है। जल्द ही मिल जाएगी। व्हाट्सएप ग्रुप से उस व्यक्ति को खुद हट जाना चाहिए, लेकिन कुछ लोग मान न मान, मै तेरा मेहमान की तरह बने रहते हैं। मैं एनआरएलएम में नया ग्रुप बनवाकर किसी और एडमिन बनवा दूंगा। उस ग्रुप से स्टाफ खुद ब खुद हट जाएगा।
- वीके यादव, पीडी डीआरडीए