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डॉक्टर साहब बैठे रहे, दलाल ने लिख दी दवाई
बरेली
Updated Tue, 16 Feb 2016 02:01 AM IST
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बरेली। जिला अस्पताल में दलाल किस हद तक घुसपैठ किए हुए हैं, इसका नमूना सोमवार को देखने को मिला। ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ के कमरे में बैठे दलाल ने मरीज से पर्चा छीनकर उस पर बाजार की दवा लिख दी। इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से करने पर डॉक्टर को पूछताछ के लिए बुलवाया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। सीएमएस का कहना है कि मंगलवार को इस मामले पर बात की जाएगी।
जिला अस्पताल की ओपीडी में कुछ दिन पहले हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. टीएस आर्या को दिखाने के लिए मरीजाें की लाइन लगी थी। अब्बास भी अपना इलाज कराने के लिए आए थे। बारी आने पर उन्होंने डॉक्टर को दिखाया। डॉ. टीएस आर्या ने उनके पर्चे पर दवा लिखी। इसी दौरान वहां मौजूद एक दलाल ने पर्चा छीन लिया और उस पर कुछ दवाएं लिख दीं। मरीज को कुछ समझ नहीं आया। उसने दवा काउंटर से दवाएं लीं लेकिन दलाल द्वारा लिखी दवा नहीं दी गई। सोमवार को मरीज आकर सीधे सीएमएस से मिला। उसने पर्चा दिखाकर समस्या बताई। सीएमएस को जब पर्चे पर लिखी डॉक्टर के अलावा अन्य राइटिंग समझ नहीं आई तो उन्हाेंने मरीज को दवा काउंटर से दवा दिलवाई। सीएमएस ने बताया कि इस संबंध में पूछताछ के लिए डॉक्टर को बुलवाया गया, लेकिन तभी बोर्ड में जाने के लिए एक अन्य डॉक्टर के साथ वह बिना बातचीत के चले गए।
डॉक्टराें के कमरे में दलालों का कब्जा
दलाल रोजाना ओपीडी के आसपास चक्कर लगाते रहते हैं। मरीजों से कभी दवा तो कभी जांच कराने के नाम पर पैसा वसूलते हैं। मरीज को दवा लिखने वाले एमआर भी ओपीडी के समय पर डॉक्टराें के कमरे में बैठते हैं।
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मरीज मेरे पास मरीज पर्चा लेकर आया था, इसमें राइटिंग नहीं समझ सकी। मरीज को बाहर की दवा लिखी गई थी। पर्चा डॉ. टीएस आर्या का था। यह दवा किसने लिखी है मंगलवार को इस संबंध में पूछताछ की जाएगी। -डॉ. परवीन जहां, सीएमएस
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जिला अस्पताल की ओपीडी में कुछ दिन पहले हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. टीएस आर्या को दिखाने के लिए मरीजाें की लाइन लगी थी। अब्बास भी अपना इलाज कराने के लिए आए थे। बारी आने पर उन्होंने डॉक्टर को दिखाया। डॉ. टीएस आर्या ने उनके पर्चे पर दवा लिखी। इसी दौरान वहां मौजूद एक दलाल ने पर्चा छीन लिया और उस पर कुछ दवाएं लिख दीं। मरीज को कुछ समझ नहीं आया। उसने दवा काउंटर से दवाएं लीं लेकिन दलाल द्वारा लिखी दवा नहीं दी गई। सोमवार को मरीज आकर सीधे सीएमएस से मिला। उसने पर्चा दिखाकर समस्या बताई। सीएमएस को जब पर्चे पर लिखी डॉक्टर के अलावा अन्य राइटिंग समझ नहीं आई तो उन्हाेंने मरीज को दवा काउंटर से दवा दिलवाई। सीएमएस ने बताया कि इस संबंध में पूछताछ के लिए डॉक्टर को बुलवाया गया, लेकिन तभी बोर्ड में जाने के लिए एक अन्य डॉक्टर के साथ वह बिना बातचीत के चले गए।
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डॉक्टराें के कमरे में दलालों का कब्जा
दलाल रोजाना ओपीडी के आसपास चक्कर लगाते रहते हैं। मरीजों से कभी दवा तो कभी जांच कराने के नाम पर पैसा वसूलते हैं। मरीज को दवा लिखने वाले एमआर भी ओपीडी के समय पर डॉक्टराें के कमरे में बैठते हैं।
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मरीज मेरे पास मरीज पर्चा लेकर आया था, इसमें राइटिंग नहीं समझ सकी। मरीज को बाहर की दवा लिखी गई थी। पर्चा डॉ. टीएस आर्या का था। यह दवा किसने लिखी है मंगलवार को इस संबंध में पूछताछ की जाएगी। -डॉ. परवीन जहां, सीएमएस