Bareilly: टीबी रोगियों को उपमुख्यमंत्री ने दिया पोषाहार, कहा- बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए सरकार संकल्पित
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए सरकार संकल्पित है। रिक्त पदों को भरा जा रहा है। अफसर और स्टाफ द्वारा किसी तरह की लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
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साल 2025 तक देश को क्षय रोग से मुक्त कराने के लिए चल रहे प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संगठन और अफसरों द्वारा गोद लिए क्षय रोगियों को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पोषाहार वितरित किया। कार्यक्रम में 50 रोगियों को पोषाहार वितरित किया जाना था, मगर उपमुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक तीन रोगियों को पोषाहार दिया। इसके बाद अफसरों ने क्रमवार वितरण जारी रखा।
तीन सौ बेड अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार सुबह से ही उपमुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारियां जारी रहीं। 50 क्षय रोगी आयोजन में निर्धारित समय पर पहुंचे थे, मगर उपमुख्यमंत्री घंटे भर की देरी से पहुंचे। तब तक तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी बंद हो चुकी थी। लिहाजा, निरीक्षण के बजाय सीधे आयोजन स्थल पहुंचकर वितरण कार्यक्रम में शामिल हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने का आहवान किया। ताकि उत्तर प्रदेश से महामारी खत्म हो सके। तीन रोगियों को पोषाहर वितरण के बाद उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों से वार्ता की।
'बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए सरकार संकल्पित'
उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए सरकार संकल्पित है। रिक्त पदों को भरा जा रहा है। अफसर और स्टाफ द्वारा किसी तरह की लापरवाही मिलने पर कडी कार्रवाई की चेतावनी दी। राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार ने मरीजों को जल्द स्वस्थ होने के लिए पोषाहार का सेवन करने, दवा का कोर्स पूरा करने, किसी तरह की समस्या आने पर क्षय रोग केंद्र पर संपर्क करने का सुझाव दिया। यहां एडी हेल्थ डॉ. एके चौधरी, सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह, डीटीओ डॉ. केके मिश्रा आदि अफसर मौजूद रहे।
'कमरे में लगी कुंडी अफसरों ने खुलवाई'
वार्ता के बाद जैसे ही उपमुख्यमंत्री रवाना होने के लिए आगे बढ़े मौजूद कुछ लोग उन्हें अपने साथ सीएमएस कार्यालय में लेकर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री के कार्यालय में प्रवेश करते ही उन्होंने अंदर से कुंडी लगा दी और एसपीजी बाहर रह गई। इससे परिसर में हलचल मच गई। मौजूद अफसर पास का कक्ष खुलवाकर कार्यालय में पहुंचे और कुंडी खुलवाई तो एसपीजी अंदर जा सकी। प्रकरण चर्चा का विषय बना रहा।