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अमावस्या : श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर की पूजा-अर्चना
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कछला। अमावस्या पर गंगाघाट आस्था से सराबोर रहा। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर घाट पर पूजा-अर्चना की। आश्रमों में संकीर्तन हुआ और संतों समेत पुरोहितों को दक्षिणा भेंट की गई।
गंगाघाट को स्नान मंगलवार तड़के से शुरू हो गया। बदायूं जिले समेत आसपास के जिलों और राजस्थान से आए श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के बाद सबसे पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। मंत्रोच्चार के बीच घाट पर ही पूजा-अर्चना की गई। दोपहर तक श्रद्धालुओं के आने-जाने का क्रम रहा। बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए गए। इसके अलावा श्रद्धालुओं में से कई परिवार के लोगों ने महिलाओं की मौजूदगी में आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठान कराए। महिलाओं ने संकीर्तन किया। संतों और पुरोहितों का पूजन के बाद दक्षिणा भेंट की गई। उन्हें भोजन भी कराया गया। बच्चों ने खेलकूद के संसाधनों को लुत्फ उठाया। अमावस्या पर राजस्थान के श्रद्धालुओं में गंगा स्नान के बाद पूजन का खास महत्व बताया गया है। संवाद
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गंगाघाट को स्नान मंगलवार तड़के से शुरू हो गया। बदायूं जिले समेत आसपास के जिलों और राजस्थान से आए श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के बाद सबसे पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। मंत्रोच्चार के बीच घाट पर ही पूजा-अर्चना की गई। दोपहर तक श्रद्धालुओं के आने-जाने का क्रम रहा। बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए गए। इसके अलावा श्रद्धालुओं में से कई परिवार के लोगों ने महिलाओं की मौजूदगी में आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठान कराए। महिलाओं ने संकीर्तन किया। संतों और पुरोहितों का पूजन के बाद दक्षिणा भेंट की गई। उन्हें भोजन भी कराया गया। बच्चों ने खेलकूद के संसाधनों को लुत्फ उठाया। अमावस्या पर राजस्थान के श्रद्धालुओं में गंगा स्नान के बाद पूजन का खास महत्व बताया गया है। संवाद
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