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रूहेलखंड में भी रामवृक्ष यादव का बड़ा नेटवर्क

Thu, 09 Jun 2016 01:02 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Thu, 09 Jun 2016 01:02 AM IST
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Yadav's largest network of Ruhelkhand Ramvriksh
रामवृक्ष यादव का फाइल फोटो
मथुरा के जवाहरबाग कांड के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव का बरेली मंडल और खीरी में भी बड़ा नेटवर्क था। राजपाल, महेश, शाही, विजय समेत 15 नाम हैं जो रामवृक्ष के साथी रहे हैं और अब पुलिस के रडार पर आ गए हैं। इनमें से एक थाना बारादरी के मोहल्ला जोगीनवादा का राजपाल एक बेटे के घायल होने के बाद  दूसरे बच्चों को छोड़ने पहली पत्नी के पास जोगीनवादा आया और फिर मथुरा  चला गया। 
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बाबा जय गुरुदेव को जिंदा घोषित करने की मांग को लेकर 21 सितंबर 2013 को प्रशासन की अनुमति लिए बगैर जोगीनवादा इलाके मेंबनखंडीनाथ मंदिर स्थित रामलीला मैदान में रामवृक्ष यादव ने राजपाल और उसके साथियों की मदद से ही सभा करने की कोशिश की थी। रामवृक्ष सत्याग्रह करने से पहले कई बार बरेली आया था। यहां उसने अपने समर्थकों के साथ गोपनीय बैठकें भी की थीं, लेकिन बाबा के ही चेलों का दूसरा गुट इसका विरोध कर रहा था। दूसरे गुट के सभा का विरोध करने पर रामवृक्ष की बरेली के चेलों ने काफी मदद की थी। रामवृक्ष यादव के नेतृत्व में भीड़ ने बारादरी कोतवाली में घुसकर पुलिस पर हमला किया था, लेकिन राजपाल का उस मुकदमे में नाम नहीं था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक राजपाल की पहली पत्नी जोगीनवादा स्थित उसके पैतृक आवास पर रहती है। रामवृक्ष की शरण में जाने के बाद राजपाल ने दूसरी शादी कर ली थी। मथुरा में हिंसा के दौरान राजपाल के बेटे को गोली लगी है। उसका इलाज चल रहा है। घटना के अगले ही दिन बच्चों को लेकर राजपाल बरेली आया था। वह उन्हें पहली पत्नी के पास छोड़कर वापस चला गया। खुफिया एजेंसियां राजपाल के बारे में छानबीन करने मेें जुटी हैं। घटना के दिन पुलिस राजपाल के घर उनके बेटे को गोली लगने का मैसेज देने गई थी। अब उनके बारे में बारीकी से छानबीन की जा रही है।   
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संदिग्धों पर खुफिया विभाग की नजर
बरेली के थाना बारादरी इलाके के गुसाईं गौटिया के रहने वाले महेश भदौरिया, उनके साथी रामौतार शाही और भगीरथ, इज्जतनगर के विजय कुमार और दीनानाथ गंगवार समेत कई लोगों ने रामवृक्ष का साथ दिया था। इसके अलावा बदायूं बिनावर के सूबेदार, हजरतपुर के रामवीर, दातागंज के गांव सिमरी बौरा के चरन सिंह, सेहरामऊ उत्तरी पीलीभीत के विजयपाल प्रजापति, प्रेमनारायण, पहाड़पुर लखीमपुर  खीरी के छोटेलाल ने रामवृक्ष का साथ दिया था। उसकी टीम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ लोग भी शामिल थे। रूहेलखंड में बदायूं के हजरतपुर इलाके के राकेश बाबू गुप्ता ने रामवृक्ष यादव का नेटवर्क तैयार कराया था। इसलिए रामवृक्ष के बाद  रुहेलखंड इलाके में रहने वाले बाबा जयगुरूदेव के समर्थक राकेश को ही मानते हैं।  
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-मथुरा से आने वाले लोगोें पर निगाह रखकर उनके बारे में जानकारी कराई जा रही है। रामवृक्ष ने बरेली में भी बवाल किया था। इसलिए उससे जुड़े लोगों के यहां भी होने की संभावना है। जिन लोगों के बारे में मथुरा से आने की जानकारी मिली है, उनसे पूछताछ कराने के बाद मथुरा के अधिकारियों को बताया गया है- आरके भारद्वाज, एसएसपी
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