{"_id":"581b95174f1c1bc032437de6","slug":"the-deal-was-made-in-11-thousand-daughter","type":"story","status":"publish","title_hn":"11 हजार में कर दिया था बेटी का सौदा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
11 हजार में कर दिया था बेटी का सौदा
बरेली, ब्यूरो
Updated Fri, 04 Nov 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संजयनगर के दुर्गानगर की सोनी गंगवार को अपहरण दूसरी जगह शादी कराने के लिए किया गया था। सोनी के माता-पिता ने इसके लिए दरबारी नाम के लड़के के पिता दोधराज से 11 हजार रुपये ले लिए थे। दोधराज लगातार शादी के लिए दबाव बना रहा था इसलिए अपहरण का तानाबाना बुना गया। सोनी को बरामद कर पुलिस ने उसकी मां और दोधराज को गिरफ्तार किया तो कहानी का सच सामने आ गया। सीओ तृतीय एएसपी आकाश तोमर ने इंस्पेक्टर बारादरी को तीन दिन में बाकी अभियुक्तों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को सोनी गंगवार अपने पति सोनू चौधरी के साथ कपड़े लेने के लिए बाइक से बाजार जा रही थी। सुबह 10.30 बजे संजय नगर के दुर्गानगर मोड़ पर सोनी को उसकी मां अनीता, पिता सुभाष गंगवार, भाई महेश गंगवार क्वालिस से उठा ले गए थे। उनके साथ सुभाष गंगवार का दोस्त गोविंदा और केसरपुर गांव का दरबारी भी था जिसके साथ शादी की बात तय हुई थी। सुभाष सोनी का सौतेला पिता है। अनीता को उसने ग्यारह हजार रुपये का लालच देकर दरबारी से शादी के लिए राजी कर लिया था। भैया दूज के दिन सोनी के अपहरण की प्लानिंग बनाकर भाई से उसे फोन कराया गया। अगवा करके ले जाने के बाद सोनी को दरबारी के मामा रुकुम सिंह, निवासी ग्राम महेशपुरा, थाना बिथरी चैनपुर के घर रखा गया। वहां सोनी की दरबारी से शादी करने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता की वजह से किसी की शादी करने की हिम्मत नहीं हुई। बाद में दरबारी और उसके घरवालों ने यह कहकर पीछा छुड़ाने की कोशिश की, लड़की अपवित्र हो गई है, इसलिए अब शादी नहीं करेंगे।
क्लालिस मालिक भी जेल जाएगा
सीओ तृतीय एएसपी आकाश तोमर ने बताया कि गोविंदा, महेश और सुभाष गंगवार की गिरफ्तार के लिए कोशिश की जा रही है। अपहरण में थाना भुता के इस्माईलपुर गांव के सुशील कुमार की क्वालिस का इस्तेमाल हुआ है। सुशील का नाम भी घटना मेें खोल दिया गया है।
विज्ञापन
प्रेमी के साथ हंसती चली गई
मां अनीता और दरबारी के पिता को जेल भेजने के बाद सोनी गंगवार प्रेमी के पति बने सोनू चौधरी के साथ ससुराल चली गई। सात अक्तूबर को ही उसने सोनू चौधरी से प्रेम विवाह किया था। परिवार वाले इसके खिलाफ थे। संजयनगर की रहने वाली सोनी गंगवार कोचिंग के दौरान दुर्गानगर कॉलोनी के सोनू चौधरी के संपर्क में आई। दोनों अलग-अलग बिरादरी के हैं, लेकिन एक-दूसरे को चाहने लगे थे। बताया जा रहा है कि छह अक्तूबर को इसी जिद पर परिवार वालों ने पिटाई की तो सोनी सोनू चौधरी घर पहुंच गई। परिवार वालों ने सात अक्तूबर को सोनू और सोनी की आर्य समाज मंदिर में शादी कराकरप्रमाण पत्र हासिल करके उसे बहू के रूप में स्वीकार कर लिया। 18 अक्तूबर को कोर्ट में बयान होने के बाद उसे छोड़ दिया था।
विज्ञापन
मंगलवार को सोनी गंगवार अपने पति सोनू चौधरी के साथ कपड़े लेने के लिए बाइक से बाजार जा रही थी। सुबह 10.30 बजे संजय नगर के दुर्गानगर मोड़ पर सोनी को उसकी मां अनीता, पिता सुभाष गंगवार, भाई महेश गंगवार क्वालिस से उठा ले गए थे। उनके साथ सुभाष गंगवार का दोस्त गोविंदा और केसरपुर गांव का दरबारी भी था जिसके साथ शादी की बात तय हुई थी। सुभाष सोनी का सौतेला पिता है। अनीता को उसने ग्यारह हजार रुपये का लालच देकर दरबारी से शादी के लिए राजी कर लिया था। भैया दूज के दिन सोनी के अपहरण की प्लानिंग बनाकर भाई से उसे फोन कराया गया। अगवा करके ले जाने के बाद सोनी को दरबारी के मामा रुकुम सिंह, निवासी ग्राम महेशपुरा, थाना बिथरी चैनपुर के घर रखा गया। वहां सोनी की दरबारी से शादी करने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता की वजह से किसी की शादी करने की हिम्मत नहीं हुई। बाद में दरबारी और उसके घरवालों ने यह कहकर पीछा छुड़ाने की कोशिश की, लड़की अपवित्र हो गई है, इसलिए अब शादी नहीं करेंगे।
विज्ञापन
क्लालिस मालिक भी जेल जाएगा
सीओ तृतीय एएसपी आकाश तोमर ने बताया कि गोविंदा, महेश और सुभाष गंगवार की गिरफ्तार के लिए कोशिश की जा रही है। अपहरण में थाना भुता के इस्माईलपुर गांव के सुशील कुमार की क्वालिस का इस्तेमाल हुआ है। सुशील का नाम भी घटना मेें खोल दिया गया है।
विज्ञापन
प्रेमी के साथ हंसती चली गई
मां अनीता और दरबारी के पिता को जेल भेजने के बाद सोनी गंगवार प्रेमी के पति बने सोनू चौधरी के साथ ससुराल चली गई। सात अक्तूबर को ही उसने सोनू चौधरी से प्रेम विवाह किया था। परिवार वाले इसके खिलाफ थे। संजयनगर की रहने वाली सोनी गंगवार कोचिंग के दौरान दुर्गानगर कॉलोनी के सोनू चौधरी के संपर्क में आई। दोनों अलग-अलग बिरादरी के हैं, लेकिन एक-दूसरे को चाहने लगे थे। बताया जा रहा है कि छह अक्तूबर को इसी जिद पर परिवार वालों ने पिटाई की तो सोनी सोनू चौधरी घर पहुंच गई। परिवार वालों ने सात अक्तूबर को सोनू और सोनी की आर्य समाज मंदिर में शादी कराकरप्रमाण पत्र हासिल करके उसे बहू के रूप में स्वीकार कर लिया। 18 अक्तूबर को कोर्ट में बयान होने के बाद उसे छोड़ दिया था।