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एसओ भुता और पुष्पेंद्र कोर्ट में तलब
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 24 Jun 2016 01:26 AM IST
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अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) सुशील कुमार ने पशु तस्कर अफजाल के स्थान पर पुष्पेंद्र को जेल भेजने के मामले को गंभीरता से लेते हुए एसओ भुता और आरोपी पुष्पेंद्र दोनों को शुक्रवार को तलब किया है। एसओ भुता से तो पूरे घटनाक्रम का ब्योरा लिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर आरोपी पुष्पेंद्र से पूछा जाएगा कि उसने यह शिकायत अबतक क्यों नहीं की। उधर जेल प्रशासन ने इस घटनाक्रम के बाद बंदी पुष्पेंद्र को जिला कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट कर दिया है।
कुख्यात पशु तस्कर अफजाल के नाम से भुता थाने की पुलिस ने 19 मार्च को थाना सुभाष नगर के महेशपुरा ठकुरान निवासी पुष्पेंद्र सिंह को गोकशी में जेल भेज दिया था। उसके 11 दिन बाद 30 मार्च को विवेचना अधिकारी ने इस मुकदमे में चार्जशीट लगा दी थी। उसी के बाद से बंदी के बयान हो गए, गवाही भी हो रही हैं। इसी बीच बंदी की ओर से जेल के माध्यम से शिकायती पत्र भेजे जाने को अदालत ने गंभीरता से लिया है। हालांकि यह पत्र 17 जून को भेजा गया था, जिसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है। उसी के बाद अदालत ने एसओ से पूरा ब्योरा तलब किया है।
एसएसपी ने सीओ फरीदपुर को सौंपी जांच
बरेली। एसएसपी आरके भारद्वाज ने अफजाल के स्थान पर पुष्पेंद्र को जेल भेजने की खबर को संज्ञान में लेते हुए जांच बैठा दी है। उन्होंने सीओ फरीदपुर से पांच दिन के अंदर इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि यह प्रकरण प्रथम दृष्टया गंभीर लग रहा है, सीओ की रिपोर्ट का इंतजार है। उसी के बाद ही इस मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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तीन पते हैं अफजाल के
बरेली। पुलिस अभिलेख में अफजाल पुत्र भूरे खां के तीन पते लिखे हुए हैं। राजेंद्र नगर बरेली निवासी शमशाद के मारुति वैन में ही गोमांस पकड़ा गया था। उसके अनुसार अफजाल अस्थाई रूप से राजेंद्र नगर का रहने वाला है। जबकि स्थाई निवासी ग्यासपुर का है, जिसका थाना बीसलपुर जिला पीलीभीत है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि जिला कारागार के अभिलेखों में अफजाल का पता शाहजहांपुुर जिले का है। उसे मोहल्ला झंडा के थाना सदर, शाहजहांपुर निवासी बताया गया है। उसकी मां का नाम शकीना और भाई छोटे खां है।
पुलिस की कहानी में छेद ही छेद
बरेली। पुलिस की मानें तो मार्च के महीने में लोगों ने सूचना दी थी कि मारुति कार नंबर यूपी 32- बीडी- 3504 में गोमांस जा रहा है। जब पुलिस ने पीछा किया तो गाड़ी के चालक आदि भाग गए थे और गाड़ी के अंदर से गोमांस पकड़ा गया था। बाद में गाड़ी मालिक राजेंद्र नगर निवासी शमशाद को नोटिस भेजकर तलब किया गया। एसओ भुता ने बताया कि शमशाद ने कहा था कि उसकी गाड़ी को अफजाल पुत्र भूरे खां चला रहा था और वही लेकर गया था। एसओ ने बताया कि गाड़ी का मालिक शमशाद ही आरोपी अफजाल को लेकर आया था। जिसको 19 मार्च को गोकशी के आरोप में जेल भेज दिया गया। उसके बाद 30 मार्च को इस प्रकरण में चार्जशीट लगा दी गई। उसी दिन विवेचना अधिकारी रोशन सिंह रिटायर हो गए।
गांव छोड़ चुकी है पुष्पेंद्र की मां, बहन और भाई
बरेली। महेशपुरा के लोगों का कहना है कि 1990 में रक्षपाल सिंह की मौत के बाद परिवार ने गांव छोड़ दिया है। पुष्पेंद्र के पिता पीडब्लूडी में नौकरी करते थे, उनके स्थान पर पुष्पेंद्र की मां सत्यवती ठाकुर की नौकरी लगी थी। भाई शैलेंद्र और बहन नीलम है। गांव छोड़ने के कुछ दिनों तक वह सुभाषनगर इलाके में रहते थे, अब वह और किसी स्थान पर रह रहे हैं।
एसओ बोले, कोर्ट में देखेंगे के स डायरी
एसओ भुता गौरव सिंह यादव का कहना है कि यह प्रकरण मेरे कार्यकाल का नहीं है। इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं है। थाने के अभिलेख से यह स्थिति मिली है, शुक्रवार को कोर्ट में जमा केस डायरी का परीक्षण करने के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी।
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कुख्यात पशु तस्कर अफजाल के नाम से भुता थाने की पुलिस ने 19 मार्च को थाना सुभाष नगर के महेशपुरा ठकुरान निवासी पुष्पेंद्र सिंह को गोकशी में जेल भेज दिया था। उसके 11 दिन बाद 30 मार्च को विवेचना अधिकारी ने इस मुकदमे में चार्जशीट लगा दी थी। उसी के बाद से बंदी के बयान हो गए, गवाही भी हो रही हैं। इसी बीच बंदी की ओर से जेल के माध्यम से शिकायती पत्र भेजे जाने को अदालत ने गंभीरता से लिया है। हालांकि यह पत्र 17 जून को भेजा गया था, जिसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है। उसी के बाद अदालत ने एसओ से पूरा ब्योरा तलब किया है।
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एसएसपी ने सीओ फरीदपुर को सौंपी जांच
बरेली। एसएसपी आरके भारद्वाज ने अफजाल के स्थान पर पुष्पेंद्र को जेल भेजने की खबर को संज्ञान में लेते हुए जांच बैठा दी है। उन्होंने सीओ फरीदपुर से पांच दिन के अंदर इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि यह प्रकरण प्रथम दृष्टया गंभीर लग रहा है, सीओ की रिपोर्ट का इंतजार है। उसी के बाद ही इस मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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तीन पते हैं अफजाल के
बरेली। पुलिस अभिलेख में अफजाल पुत्र भूरे खां के तीन पते लिखे हुए हैं। राजेंद्र नगर बरेली निवासी शमशाद के मारुति वैन में ही गोमांस पकड़ा गया था। उसके अनुसार अफजाल अस्थाई रूप से राजेंद्र नगर का रहने वाला है। जबकि स्थाई निवासी ग्यासपुर का है, जिसका थाना बीसलपुर जिला पीलीभीत है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि जिला कारागार के अभिलेखों में अफजाल का पता शाहजहांपुुर जिले का है। उसे मोहल्ला झंडा के थाना सदर, शाहजहांपुर निवासी बताया गया है। उसकी मां का नाम शकीना और भाई छोटे खां है।
पुलिस की कहानी में छेद ही छेद
बरेली। पुलिस की मानें तो मार्च के महीने में लोगों ने सूचना दी थी कि मारुति कार नंबर यूपी 32- बीडी- 3504 में गोमांस जा रहा है। जब पुलिस ने पीछा किया तो गाड़ी के चालक आदि भाग गए थे और गाड़ी के अंदर से गोमांस पकड़ा गया था। बाद में गाड़ी मालिक राजेंद्र नगर निवासी शमशाद को नोटिस भेजकर तलब किया गया। एसओ भुता ने बताया कि शमशाद ने कहा था कि उसकी गाड़ी को अफजाल पुत्र भूरे खां चला रहा था और वही लेकर गया था। एसओ ने बताया कि गाड़ी का मालिक शमशाद ही आरोपी अफजाल को लेकर आया था। जिसको 19 मार्च को गोकशी के आरोप में जेल भेज दिया गया। उसके बाद 30 मार्च को इस प्रकरण में चार्जशीट लगा दी गई। उसी दिन विवेचना अधिकारी रोशन सिंह रिटायर हो गए।
गांव छोड़ चुकी है पुष्पेंद्र की मां, बहन और भाई
बरेली। महेशपुरा के लोगों का कहना है कि 1990 में रक्षपाल सिंह की मौत के बाद परिवार ने गांव छोड़ दिया है। पुष्पेंद्र के पिता पीडब्लूडी में नौकरी करते थे, उनके स्थान पर पुष्पेंद्र की मां सत्यवती ठाकुर की नौकरी लगी थी। भाई शैलेंद्र और बहन नीलम है। गांव छोड़ने के कुछ दिनों तक वह सुभाषनगर इलाके में रहते थे, अब वह और किसी स्थान पर रह रहे हैं।
एसओ बोले, कोर्ट में देखेंगे के स डायरी
एसओ भुता गौरव सिंह यादव का कहना है कि यह प्रकरण मेरे कार्यकाल का नहीं है। इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं है। थाने के अभिलेख से यह स्थिति मिली है, शुक्रवार को कोर्ट में जमा केस डायरी का परीक्षण करने के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी।