{"_id":"58d4217e4f1c1b61371a17d3","slug":"police-imprisoned-in-their-own-police-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपने ही थाने में कैद हो गई पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अपने ही थाने में कैद हो गई पुलिस
बरेली।
Updated Fri, 24 Mar 2017 01:16 AM IST
विज्ञापन
Police imprisoned in their own police station
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थानों पर कभी ताला नहीं लगता, लेकिन शहर के महिला थाने में बृहस्पतिवार को ऐसे हालात पैदा हो गए कि मजबूरन ताला जड़ना पड़ा। इससे यहां की पुलिस ही थाने मेें कैद हो गई। दरअसल, बुधवार रात महिला थाना पुलिस ने सीओ प्रथम के आवास से मानसिक रूप से कमजोर महिला को पकड़ा। उसे महिला थाने लाया गया। यहां उससे निपटने में पुलिस के पसीने छूट गए। वह कहीं भाग न जाए, इसलिए थाना प्रभारी ने गेट पर ताला डलवा दिया। पता चला कि वह शाहजहांपुर निवासी है तो उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
डीएम कंपाउंड स्थित सीओ प्रथम सुशील कुमार के आवास पर बुधवार रात करीब ढाई बजे पत्थरबाजी की सूचना पर कोतवाली पुलिस दौड़ पड़ी। कुछ देर में एसपी ट्रैफिक ओपी यादव ने भी फोन कर एक महिला के घर में घुसने की सूचना दी। महिला जोर-जोर से चिल्ला रही थी। कोतवाली पुलिस ने महिला को बुला लिया। महिला थाना पुलिस ने पहुंचकर महिला को कब्जे में लिया। महिला मानसिक रूप से कमजोर थी। पुलिस मुश्किल से उसे लेकर महिला थाने पहुंची।
महिला पुलिसकर्मियों के छूटे पसीने
महिला थाना पहुंचने के बाद महिला ने हंगामा कर दिया। कार्यालय की फाइलें उठाकर फेंक दीं। थाना प्रभारी की मेज पर रखे दस्तावेज भी फाड़ दिए। महिला को संभालने में महिला पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। वह थाने से कहीं चली न जाए, इसलिए थाने में ताला डाल दिया गया। महिला की वजह से थाना पुलिस कैद में हो गई। मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पहुंचने वाले वादियों के लिये भी दिक्कत पेश आई।
विज्ञापन
कांस्टेबल के साथ शाहजहांपुर भेजा
महिला से पूछताछ में उसने एक मोबाइल नंबर दिया। पुलिस ने संपर्क किया तो शाहजहांपुर में उसके परिवार से बात हुई। शाम को एक महिला कांस्टेबल और होमगार्ड के साथ महिला को शाहजहांपुर भेजा गया। पुलिस ने महिला को परिवार के सुपुर्द कर दिया।
सीओ प्रथम के आवास से महिला को पकड़ा था। वह मानसिक रूप से कमजोर है, इसलिए इस तरह की हरकतें कीं। उसे शाहजहांपुर में उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है। थाने पर ताला इसलिए डाला गया ताकि वह कहीं भाग न जाए।
- रेनू पाल, महिला थाना प्रभारी।
विज्ञापन
डीएम कंपाउंड स्थित सीओ प्रथम सुशील कुमार के आवास पर बुधवार रात करीब ढाई बजे पत्थरबाजी की सूचना पर कोतवाली पुलिस दौड़ पड़ी। कुछ देर में एसपी ट्रैफिक ओपी यादव ने भी फोन कर एक महिला के घर में घुसने की सूचना दी। महिला जोर-जोर से चिल्ला रही थी। कोतवाली पुलिस ने महिला को बुला लिया। महिला थाना पुलिस ने पहुंचकर महिला को कब्जे में लिया। महिला मानसिक रूप से कमजोर थी। पुलिस मुश्किल से उसे लेकर महिला थाने पहुंची।
विज्ञापन
महिला पुलिसकर्मियों के छूटे पसीने
महिला थाना पहुंचने के बाद महिला ने हंगामा कर दिया। कार्यालय की फाइलें उठाकर फेंक दीं। थाना प्रभारी की मेज पर रखे दस्तावेज भी फाड़ दिए। महिला को संभालने में महिला पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। वह थाने से कहीं चली न जाए, इसलिए थाने में ताला डाल दिया गया। महिला की वजह से थाना पुलिस कैद में हो गई। मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पहुंचने वाले वादियों के लिये भी दिक्कत पेश आई।
विज्ञापन
कांस्टेबल के साथ शाहजहांपुर भेजा
महिला से पूछताछ में उसने एक मोबाइल नंबर दिया। पुलिस ने संपर्क किया तो शाहजहांपुर में उसके परिवार से बात हुई। शाम को एक महिला कांस्टेबल और होमगार्ड के साथ महिला को शाहजहांपुर भेजा गया। पुलिस ने महिला को परिवार के सुपुर्द कर दिया।
सीओ प्रथम के आवास से महिला को पकड़ा था। वह मानसिक रूप से कमजोर है, इसलिए इस तरह की हरकतें कीं। उसे शाहजहांपुर में उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है। थाने पर ताला इसलिए डाला गया ताकि वह कहीं भाग न जाए।
- रेनू पाल, महिला थाना प्रभारी।