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आईपीएल सट्टे में बर्बाद हुए तो बन बैठे मासूम के किडनैपर

Sat, 27 May 2017 01:28 AM IST
बरेली। 
बरेली।  Updated Sat, 27 May 2017 01:28 AM IST
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If the IPL was wasted in betting, then sitting in Kidnaparoor of Innocent
If the IPL was wasted in betting, then sitting in Kidnaparoor of Innocent - फोटो : If the IPL was wasted in betting, then sitting in Kidnaparoor of Innocent
 पड़ोसी सरताज के दो साल के बेटे जैनुल का अपहरण कर फिरौती वसूलने वाले मुश्ताक और शारिक कामगार हैं। वे कभी मांझा बनाते हैं तो कभी-कभार कारचोबी का काम भी कर लेते हैं, इसीलिए सूदखोर भी उन्हें पैसा दे देते हैं। उन्होंने सूदखोरों से लिया गया पांच लाख रुपया आईपीएल सट्टे में गवां दिया। सट्टे से लखपति बनने के बजाए कर्जदार होने के बाद सूदखोरों के तकादे से परेशान होकर दोनों ने दो साल के मासूम के अपहरण की योजना बनाई और इसे बुधवार को अंजाम देकर किडनैपर बन गए। यह दोनों का पहला अपराध है। हालांकि बच्चे के घरवाले दो लाख रुपये फिरौती देने की बात कह रहे हैं, जबकि पुलिस को पकड़े गए आरोपियों ने एक लाख रुपये मिलना ही बताया है। इसमें से 86 हजार रुपये बरामद भी कर लिए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया। 
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किला क्षेत्र का स्वालेनगर मुस्लिम बाहुल्य मोहल्ला है। यहां ज्यादातर लोग मांझे और जरी कारचोबी का काम करते हैं। वहीं, मोहल्ले के सरताज सऊदी अरब में घोड़े की नाल लगाने की नौकरी करते हैं, जिनके घर शारिक का आना-जाना भी था। शारिक की दोस्ती पास ही रहने वाले मुश्ताक से हो गई। दोनों मांझे के साथ कभी-कभार जरी कारचोबी का काम भी कर लेते थे। लखपति बनने के चक्कर में आईपीएल में सट्टा लगाने के दौरान वे बर्बाद होते चले गए। काम के बहाने लोगों से कर्ज लेना शुरू कर दिया। कर्ज पर लिए गए पांच लाख रुपये सट्टे में हार गए। अब रकम चुकाने के लिए उन्होेंने अपराध का रास्ता चुना। चूंकि, सरताज विदेश में रहता है और उसकी पत्नी मैनाज व दो साल का बेटा जैनुल स्वालेनगर में रहते हैं, इसलिए दोनों ने जैनुल का अपहरण कर वसूली जाने वाली फिरौती की रकम से कर्ज चुकाने की योजना बना ली। बुधवार शाम के समय मुश्ताक मोहल्ले के चौक से जैनुल को उठाकर ले गया और शारिक यहां मांगी गई फिरौती की मध्यस्तता करता रहा। सरताज भी शारिक पर बेहद इत्मिनान करता था, इसलिए उसके कहने पर रुपये का इंतजाम किया गया और बृहस्पतिवार को रुपया बदायूं स्थित बड़े सरकार की दरगाह पर ले जाया गया। यहां बच्चा मिल गया और रुपया रख दिया गया। इसके बाद उनकी पोल खुली तो मोहल्ले में शोर मच गया। इस पर बृहस्पतिवार रात ही दोनों के खिलाफ किला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। किला इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह यादव और किला चौकी इंचार्ज दिनेश यादव ने रात में ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया और शुक्रवार को जेल भी भेज दिया। 
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फिर एक लाख कहां चले गए
जैनुल की दादी, नानी और मां दो लाख रुपये देकर जैनुल को छुड़ाने की बात कह रही हैं, जबकि पकड़े गए मुश्ताक और शारिक ने अपहरण कर फिरौती वसूलने की बात स्वीकार की। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें सिर्फ एक लाख रुपये ही दिए गए थे, जिनमें से 14 हजार रुपये खर्च हो गए और 86 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए। इसके साथ ही 1900 रुपये पुलिस को मुश्ताक की तलाशी में मिले। अब सवाल उठता है कि एक लाख रुपये कहां गए। 
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सब कुछ पता होने पर खामोश क्यों रहे पुलिस वाले 
बुधवार को स्वालेनगर के चौक में कव्वाली का प्रोग्राम चल रहा था। इसी दौरान जैनुल का अपहरण किया गया। यहां दो पुलिस वाले भी प्रोग्राम में कोई गड़बड़ी तो नहीं चेक करने गए थे, जिन्हें जैनुल के अपहरण के बारे में बताया गया था। इसके बाद फिरौती के लिए फोन आने शुरू हो गए। यह मामला पुलिस वालों के संज्ञान में भी आया, लेकिन उन्होंने न ही उच्चाधिकारियों को इसके बारे में अवगत कराया और न स्वयं ही कोई कार्रवाई की। पुलिस का तर्क था कि इस मामले में पहले कोई लिखित कार्रवाई नहीं की गई। 
एक सफेदपोश कराता है स्वालेनगर, बाकरगंज में सट्टा
बरेली। किला क्षेत्र के स्वालेनगर, बाकरगंज और इज्जतनगर के मिनी बाईपास से नीचे जाने वाले रास्ते पर स्थित मठलक्ष्मीपुर में रहने वाले ज्यादातर मुस्लिम युवक मांझा बनाने का काम करते हैं। इन क्षेत्रों में एक सफेदपोश नेता सट्टे का कारोबार करता है। आईपीएल में तो सट्टे का कारोबार जमकर हुआ। तीनों मोहल्लों में कई जगह खाली दुकानों में टीवी चलाकर मैच दिखाया जाता था और फिर उस पर हारजीत के लिए सट्टा लगाया जाता था। इसमें मुश्ताक और शारिक ही नहीं और भी कई युवक बर्बाद हुए हैं। कर्ज में डूबे यह युवक अब अपराध की राह पकड़ने लगे हैं।

दोनों युवकों ने दो साल के जैनुल को अगवा कर एक लाख की फिरौती वसूलने की बात स्वीकार की। उनके पास से वसूली गए फिरौती के एक लाख रुपये में से 86 हजार रुपया बरामद भी कर लिया गया। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 
- उपेंद्र सिंह यादव, इंस्पेक्टर, किला
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