फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   frood absconding million bogus company

एक करोड़ ठगकर फर्जी कंपनी फरार

Sat, 02 Jul 2016 01:12 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Sat, 02 Jul 2016 01:12 AM IST
विज्ञापन
शहर में ठगी का एक और मामला सामने आया है। दिल्ली से आई अलास्का इंटरनेशनल नाम की फर्जी कंपनी लोगों से एक करोड़ रुपये ठगकर चंपत हो गई है। कंपनी ने एडवांस में लोगों से पैसा लेकर मोती से माला बनाने का ठेका दिया था। कहा कि माला बनाकर लाने पर जमा पैसे के साथ कमीशन भी दिया जाएगा। लालच में आकर किसी ने 15 हजार तो किसी ने डेढ़ लाख रुपये के मोती के पैकेट बुक करा लिए। अब कंपनी तीन दिन से फरार है। 
विज्ञापन

ठगे गए लोग प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट लिखाने गए तो उन्हें वहां से भगा दिया गया। कंपनी का फोन नंबर भी स्विच ऑफ जा रहा है। राजेंद्रनगर शील चौराहे के पास अलास्का इंटरनेशनल नाम से कार्यालय महेंद्र सिंह और मनीष कुमार ने दो माह पहले खोला था। अखबार में विज्ञापन निकाला और लोगों को जोड़ना शुरू किया। एक- एक करके करीब 200 लोग जुड़ गए। कंपनी ऑर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाने के लिए लोगाें को मोती और बीड्स पैसे लेकर देती थी। इसका पैसा एडवांस जमा करती थी, सामान वापस मिलने पर 60 रुपये कमीशन एक पैकेट पर दिया जाता। दो माह पहले शुरू हुई कंपनी को पहले माह का भुगतान एक जुलाई को करना था। लेकिन उसने 28 जून को अपना बोरिया बिस्तर समेट लिया। किसी को पता नहीं चला। 29 जून को कर्मचारियों ने ऑफिस बंद देखा तो उन्होंने मनीष व महेंद्र को फोन किया। उन्होंने बताया कि ऑफिस बदल रहे हैं, लेकिन 30 जून से उन दोनों के फोन स्विच ऑफ है। वे ऑफिस से अपना इंवर्टर भी ले गए। 
विज्ञापन

कंपनी ने ऐसे बनाया बेवकूफ 
कंपनी ने अपना हेड ऑफिस 38 बसंत कांप्लेक्स वीर सावरकर ब्लाक शकरपुर दिल्ली बताया है। कार्यालय पर लगे बोर्ड के अनुसार कंपनी क्वालिटी पर्ल, बीड ग्लास, रेनबो, रुद्राक्ष इंब्रॉयडरी बीड व आर्टिफिशियल ज्वेलरी का काम करती थी। इसके लिए लोगों को मोती व बीड बुनने के ठेके दिए जाते थे। 1500 रुपये एडवांस जमा करके 900 ग्राम का मोती का एक पैकेट लोगों को देते थे जिसकी असल कीमत दो सौ रुपये भी नहीं। लोग 60 रुपये कमीशन पर 25 माला एक पैकेट से बुनते। माला देने पर उन्हें एक साथ पैसा मिलता। इसी का लालच उसने दिया और लोग फंसते चले गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले कहा आफिस बदल रहे हैं
मकान मालिक त्रिलोकी सिंह उर्फ पप्पू ने बताया कि उन्हाेंने यूनाइडेट प्रॉपर्टीज के ब्रोकर गोल्डी व जसवीर सिंह के कहने पर महेश व महेंद्र को मकान दिया था। उनसे किरायानामा भी लिखाया था। हालांकि उन्हाेंने अपनी आईडी नहीं दी थी, आईडी देने का वादा किया था। कौशांबी में एनके ओबराय में पहले ये ऑफिस चला चुके थे, जिसकी बात ब्रोकर ने बताई थी। इस शर्त पर मकान दिया। त्रिलोकी सिंह ने बताया कि उन्होंने दो माह का किराया नहीं दिया। जब दबाव बनाया तो वह ऑफिस बदलने को कहने लगा। इस पर कुछ लोगों ने अपना एडवांस वापस ले लिया। इससे पहले कई लोग एडवांस वापस मांगते वह भाग गया। इस पर तहरीर प्रेमनगर थाने में दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed