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बढ़ते जा रहे हैं साइबरी ठगी के मामले
बरेली।
Updated Sun, 30 Apr 2017 01:07 AM IST
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cyber crime cases are increasing
- फोटो : cyber crime cases are increasing
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झारखंड की नक्सली बेल्ट में सक्रिय साइबर ठगों ने बरेली में चार महीनों में सवा सौ को जालसाजी का शिकार बनाया है। एटीएम , इश्योरेंस , मेट्रीमोनियल की आईडी , फर्जी ईमेल और फेसबुक के जरिए ये ठग अपने शिकार बनाते हैं। एसपी क्राइम मार्तण्ड प्रकाश के मुताबिक पिछले चार महीनों में साइबर ठगी के करीब सवा सौ मामलों की जांच साइबर सेल ने की है। सर्वाधिक शिकायतें एटीएम फ्रांड की हैं। फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर महंगी कार या लाटरी का झांसा देकर जालसाजी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश मामलों में लोग बदनामी के डर से थानों में तहरीर नहीं सौंपते हैं। जबकि खातों से निकला रुपया असलियत में ऑनलाइन शॉपिंग के लिए इस्तेमाल होता है। अगर चौबीस घंटों में साइबर सेल तक मामला पहुंच जाए तो रिकवरी के 80 फीसदी चांस होते हैं।
एटीएम धोखाधड़ी
-एटीएम ब्लॉक करने का झांसा
-वैधता खत्म होने का झांसा
-आधार कार्ड से लिंक करना
-शार्ट कोड मैसेज भेजकर ठगी
इंश्योरेंस कंपनी धोखाधड़ी
-एजेंट बदलने का झांसा देकर
-इंश्योरेंस में अच्छे ऑफर
-लकी ड्रा का ऑफर देकर
-एलआईसी एजेंट बनकर ठगी
फर्जी ईमेल आईडी धोखाधड़ी
-मोबाइल नंबर लकी ड्रा में चुनने का झांसा
-महंगी कार जीतने का झांसा देकर
-करोड़ों रुपये जीतने का झांसा देकर
-महंगे गिफ्ट का ऑफर
मेट्रीमोनियल फ्राड
-मेट्रीमोनियल साइट पर शादी के नाम पर दोस्ती करके ठगी
-रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठगी
फेसबुक फ्रेंड धोखाधड़ी
-फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर किसी बहाने खाते में रुपया जमा करवाना
एटीएम ठगी -- 98
फेसबुक पर ठगी -- 14
मेट्रीमोनियल साइट की ठगी - 03
इंश्योरेंस की ठगी - 02
फर्जी ईमेल आईडी से ठगी - 09
थाने की शिकायत में इनका करें जिक्र
एटीएम फ्रांड होने के बाद थाने में प्राथमिक सूचना में नाम, पता, मोबाइल नंबर, बैंक का नाम, बैंक खाता संख्या, एटीएम के 16 डिजिट, फर्जी कॉलर का मोबाइल नंबर, घटना का समय दिया जाना चाहिए। जरूरी हो तो बैंक से रजिस्टर रिफ्रेंस नंबर, टर्मिनल ओनर (पेटीएम, फ्लिप कार्ड) और ट्रांजेक्शन आईडी भी बैंक से जुटानी चाहिए। साइबर ठग एटीएम का 16 डिजिट का नंबर, वैलिडिटी तिथि, कार्ड का सीवीवी नंबर मांगते हैं।
थाने में डंप हो जाती है शिकायतें
अधिकारियों के मुताबिक साइबर ठगी के मामले थानों में ही डंप हो जाते हैं। सौ फीसदी मामले साइबर सेल तक नहीं पहुंचे। साइबर सेल ने चार महीनों में करीब 22 मामलों में ठगी का रुपया रिकवर करवाया है।
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फेसबुक की फर्जी आईडी को हम ब्लॉक करवा देते हैं। निर्धारित समय में शिकायत आने पर ऑनलाइन ठगी का रुपया भी रिकवरी करवा रहे हैं। बाकी लोगों की जागरूकता पर निर्भर करता है।
-मार्तण्ड प्रकाश, एसपी क्राइम
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एटीएम धोखाधड़ी
-एटीएम ब्लॉक करने का झांसा
-वैधता खत्म होने का झांसा
-आधार कार्ड से लिंक करना
-शार्ट कोड मैसेज भेजकर ठगी
इंश्योरेंस कंपनी धोखाधड़ी
-एजेंट बदलने का झांसा देकर
-इंश्योरेंस में अच्छे ऑफर
-लकी ड्रा का ऑफर देकर
-एलआईसी एजेंट बनकर ठगी
फर्जी ईमेल आईडी धोखाधड़ी
-मोबाइल नंबर लकी ड्रा में चुनने का झांसा
-महंगी कार जीतने का झांसा देकर
-करोड़ों रुपये जीतने का झांसा देकर
-महंगे गिफ्ट का ऑफर
मेट्रीमोनियल फ्राड
-मेट्रीमोनियल साइट पर शादी के नाम पर दोस्ती करके ठगी
-रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठगी
फेसबुक फ्रेंड धोखाधड़ी
-फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर किसी बहाने खाते में रुपया जमा करवाना
एटीएम ठगी -- 98
फेसबुक पर ठगी -- 14
मेट्रीमोनियल साइट की ठगी - 03
इंश्योरेंस की ठगी - 02
फर्जी ईमेल आईडी से ठगी - 09
थाने की शिकायत में इनका करें जिक्र
एटीएम फ्रांड होने के बाद थाने में प्राथमिक सूचना में नाम, पता, मोबाइल नंबर, बैंक का नाम, बैंक खाता संख्या, एटीएम के 16 डिजिट, फर्जी कॉलर का मोबाइल नंबर, घटना का समय दिया जाना चाहिए। जरूरी हो तो बैंक से रजिस्टर रिफ्रेंस नंबर, टर्मिनल ओनर (पेटीएम, फ्लिप कार्ड) और ट्रांजेक्शन आईडी भी बैंक से जुटानी चाहिए। साइबर ठग एटीएम का 16 डिजिट का नंबर, वैलिडिटी तिथि, कार्ड का सीवीवी नंबर मांगते हैं।
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थाने में डंप हो जाती है शिकायतें
अधिकारियों के मुताबिक साइबर ठगी के मामले थानों में ही डंप हो जाते हैं। सौ फीसदी मामले साइबर सेल तक नहीं पहुंचे। साइबर सेल ने चार महीनों में करीब 22 मामलों में ठगी का रुपया रिकवर करवाया है।
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फेसबुक की फर्जी आईडी को हम ब्लॉक करवा देते हैं। निर्धारित समय में शिकायत आने पर ऑनलाइन ठगी का रुपया भी रिकवरी करवा रहे हैं। बाकी लोगों की जागरूकता पर निर्भर करता है।
-मार्तण्ड प्रकाश, एसपी क्राइम