फांसी पर लटक गई शिक्षिका
नवाबगंज थाना क्षेत्र के हिमकरा गांव की शिक्षामित्र आशा कुछ महीने पहले ही टीचर बनी थी। वह पड़ोस के गांव मुड़िया बिशन सहाय स्थित प्राइमरी स्कूल में तैनात थी। जबकि पति राजेंद्र सिंह लखीमपुर के एक प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं। आशा के ससुर रामभरोसे मुड़िया बिशन सहाय प्राइमरी स्कूल से हेडमास्टर पद से रिटायर हुए हैं। आशा सास-ससुर और ददिया सास के साथ गांव में रहती थी। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह ससुर के साथ घर लौटी थी। ग्रामीणों के मुताबिक दोपहर करीब डेढ़ बजे सास खाना खाने के लिए आशा को बुलाने अपने दूसरे घर में गई तो बेड के ऊपर दुपट्टे के सहारे छत के कुंडे पर लटकी बहू को देखकर उसके होश उड़ गए। उसने हंसिया से दुपट्टा काटा तो आशा बेड पर गिर गई। शोर सुनकर ससुर रामभरोसे और पड़ोस के लोग पहुंच गए, लेकिन तब तक आशा दम तोड़ चुकी थी। बेड पर कई तकियां ऊपर-नीचे रखी थीं। इसकी सूचना मिलने पर नवाबगंज से मायके वाले पहुंच गए। उन्होंने मौके पर पहुंचते ही मारपीट और घर में तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे अफरातफरी का माहौल बन गया। इस बीच पहुंची पुलिस ने किसी तरह मायके वालों को शांत कराया। फील्ड यूनिट ने भी मौके पर जाकर छानबीन की। फिर मायके वालों ने नवाबगंज थाने जाकर पति राजेंद्र, ससुराल रामभरोसे, सास और ननद पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। शिक्षिका आशा और राजेंद्र की शादी फरवरी 2014 में हुई थी। राजेंद्र के बड़े भाई डॉ. ओमकार सिंह बदायूं में चिकित्साधिकारी हैं। नवाबगंज के मोहल्ला गुलशनगर मोहल्ले के रहने वाले आशा के पिता नत्थूलाल भी रिटायर्ड टीचर हैं।
कोट
तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभी तक घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली जाएगी।
बृजेश श्रीवास्तव, एसपी देहात