मार डाले मुकुल के बुजुर्ग पैरोकार
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बुधवार शाम उनके घर से बदबू आने पर मोहल्ले के लोगों को अनहोनी का शक हुआ। किसी व्यक्ति ने इसकी खबर पुलिस को दी। रात करीब 10.45 बजे कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। काफी खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस ने दरवाजा तोड़ दिया। पुलिस ने जब घर को खंगाला तो दोनों के शव किचन में पड़े पाए गए। दोनों के सिर पर गहरे घावों के अलावा शरीर पर भी कई जगह जख्म थे। फर्श पर पड़ा खून काला पड़ चुका था। ऐसा लगता है कि दंपति की हत्या वजनदार रॉड से की गई होगी। दंपति का एक बेटा और एक बेटी बाहर रहते हैं। दूसरे बेटे मुकुल गुप्ता को तीन जून, 2007 को बरेली में पुलिस ने एक फर्जी एनकाउंटर में मार दिया था। इस मामले में कई पुलिस कर्मियों पर केस चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर आईजी विजय सिंह मीना ने भी एसएसपी से पूरे मामले की जानकारी ली। आईजी ने कहा कि बुुजुर्ग दंपति की मौत के मामले में कई बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। मामले की निष्पक्ष विवेचना कराकर दोषियों का पता कराया जाएगा।