घरेलू हिंसा रोकेंगी मोहल्ले की ‘पावर एंजिल्स’
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गांव की महिलाएं तो थाने तक आती हैं, लेकिन शहर की महिलाएं अभी भी सकुचा रही हैं। इसलिए मोहल्ले से ऐसी महिलाओं को जुटाया जाएगा जो घरेलू हिंसा के खिलाफ खड़ी हाेंगी। इसके पीछे सोच है कि ये महिलाएं उसी मोहल्ले से हाेंगी तो इन्हें घरेलू हिंसा की खबर जल्दी मिलेगी। इसके बाद इनका काम शुरू होगा। उन्हाेंने बताया कि जिन मामलों का निस्तारण नहीं हो रहा है उनमें पीड़िताें की काउंसलिंग कराई जा रही है। इसलिए ऐसा न समझें कि कोई केस आयोग में पेंडिंग है। हर बार पुलिस द्वारा पीड़िताआें की शिकायत दर्ज न करने की बात सामने आती है, इस पर उन्होंने कहा कि इसके लिए ही सरकार ने ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान बनाया है। साथ ही तेजाब व आग से जली महिलाओं के लिए मंडल स्तर पर बर्न यूनिट को और उन्नत बनाने का मुद्दा सरकार के सामने रखा जाएगा।
राशन कार्ड में महिलाओं को मुखिया बनाने का विरोध गलत
राशन कार्ड में महिलाओं को मुखिया बनाए जाने को लेकर कई मुस्लिम संगठनाें द्वारा ऐतराज जताए जाने पर जरीना उस्मानी ने कहा कि इनका विरोध गलत है। प्रजातंत्र में लोगों को बोलने का अधिकार है और सरकार को काम करने का। उन्हाेंने बताया कि विरोध जताने कुछ उलेमा उनके पास भी आए थे। कुछ मौलवियाें ने कहा कि यह गलत है। मैंने उनसे सिर्फ इतना कहा कि मरने के बाद जब बंदे ऊपर जाते हैं तो उनको भी भगवान मां के नाम से बुलाता है। जब अल्लाह इसे नहीं बदल सकते तो हम इंसान क्याें औरताें को उठना देना नहीं चाहते। इसलिए विरोध करने वाले इस मुद्दे को भूल जाएं तो अच्छा।