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ट्रैक्टर-ट्राली में जा घुसी कार, तीन की मौत

Mon, 23 May 2016 01:34 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Mon, 23 May 2016 01:34 AM IST
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Be entered in the tractor - trolley car , killing three
हादसा
 नैनीताल रोड पर जाम सावंत गांव के पास रविवार सुबह साढ़े चार बजे बड़ा हादसा हो गया। बैगनआर कार के ट्रैक्टर-ट्राली में घुसने से ढाई साल के मासूम समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि दो महिलाएं और दो बच्चे जख्मी हो गए। मरने वालों में इलाहाबाद के दो फिजियोथिरेपिस्ट शामिल हैं। जो अपने परिवार के साथ नैनीताल घूमने जा रहे थे। घायलों को जिला अस्पताल से लाया गया। यहां से परिवार वाले उन्हें एंबुलेंस से इलाहाबाद ले गए। 
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इलाहाबाद के सोरांव गांव के 25 साल के फिजियोथिरेपिस्ट राजकुमार सिंह पुत्र रामबचन सिंह अपनी पत्नी निर्मल सिंह, आठ साल का बेटे आशू और ढाई साल के बेटे अनी सिंह बैगनआर कार यूपी 60 बीआर/7379 से नैनीताल जा रहे थे। साथ में इलाहाबाद की तहसील सहसो के घोरेडीह गांव के 24 वर्षीय फिजियोथिरेपिस्ट अंकित श्रीवास्तव पुत्र हरीशंकर श्रीवास्तव उनकी पत्नी अनामिका श्रीवास्तव और एक साल का बेटा अंकितांश भी थे। कार अंकित चला रहे थे। अगली सीट पर राजकुमार अपने बेटे अनी सिंह के साथ बैठे थे। जबकि उनकी पत्नियां और बच्चे पीछे की सीट पर थे। रविवार तड़के साढे़ चार बजे नैनीताल रोड हाईवे पर जाम सावंत के सामने उनकी कार ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से जा घुस गई। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अगली सीटों पर बैठे राजकुमार, अंकित और अनी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पीछे बैठी निर्मला सिंह, अनामिका और बच्चों को काफी चोटें आईं। अगली सीटों पर बैठे तीनों ने खून अधिक बह जाने पर दम तोड़ दिया। आधे घंटे बाद सावंत गांव के अब्दुल हसन ने राहगीरों की मदद से पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों शवों को कार से निकाला। सीएचसी लाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया। मृतक राजकुमार के भाई शिव कुमार सिंह के गाजियाबाद से आने के बाद पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें सौंप दिया। घटना के चश्मदीद अब्दुल हसन निवासी ग्राम जाम सांवत ने अज्ञात ट्रैक्टर ट्राली के ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा कायम कराया है। प्रभारी निरीक्षक अजय श्रोतिया ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्राली के ड्राइवर की तलाश की जा रही है। 
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मृतकों के नाम 
राजकुमार सिंह पुत्र रामबचन सिंह
अनी सिंह पुत्र राजकुमार सिंह 
अंकित श्रीवास्तव पुत्र हरीशंकर श्रीवास्तव

घायलों के नाम
निर्मल सिंह पत्नी राजकुमार सिंह
आशू पुत्र राजकुमार सिंह
अनामिका श्रीवास्तव पत्नी अंकित श्रीवास्तव 
अंकितांश पुत्र अंकित श्रीवास्तव 

ट्रैक्टर-ट्राली के ड्राइवर की गलती से हुआ हादसा
चश्मदीद अब्दुल हसन के अनुसार घायलों ने उन्हें बताया कि ट्रैक्टर ट्राली के ड्राइवर ने पहले तो कार के ड्राइवर को हाथ देकर ओवर टेक करने का इशारा किया था। उसके बाद अचानक ब्रेक लगाकर ट्राली दूसरी ओर काट दी। इस कारण कार पीछे से ट्राली में जा घुसी थी।
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बेमिसाल थी अंकित और राजकुमार की दोस्ती
बरेली। इलाहाबाद के जैन क्लीनिक में अंकित और राजकुमार साथ-साथ नौकरी करते थे। उनकी दोस्ती बेमिसाल थी। एक-दूसरे के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे। एक सप्ताह पहले बेटे के पहले बर्थ-डे पर अंकित श्रीवास्तव ने नैनीताल घूमने का प्लान बनाया था। 
शनिवार की सुबह घर से चलते वक्त राजकुमार का लखनऊ से होटल में रुकने का प्लान था, लेकिन जल्दबाजी में लखनऊ में रुके ही नहीं। रात में ही नैनीताल के लिए कार दौड़ा दी। अंकित कार चला रहे थे, कार में बैठे बाकी सभी लोग तो सोए हुए थे। राजकुमार की कभी कभार ब्रेक लगने का आंख खुल जाती थी। बेटा अनी सिंह गोद में था। वह भी हादसे से समय सो रहा था। अंकित के बड़े भाई मनोज श्रीवास्तव बिजनेस करते हैं। उनके पिता हरीशंकर श्रीवास्तव बिजली विभाग से रिटायर होने के बाद घर पर रहते हैं। मां पुष्पा देवी घरेलू महिला हैं। उन्हें बेटे की मौत की अंतिम समय तक जानकारी ही नहीं दी गई। पत्नी अनामिका श्रीवास्तव को भी किसी ने यह नहीं बताया कि उनके पति की मौत हो चुकी है। राजकुमार सिंह के छोटे भाई शिवकुमार सिंह गाजियाबाद में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं।  

मासूम की लाश गोद में लेकर इंस्पेक्टर की आंखें भर आईं
बहेड़ी। राजकुमार के ढाई साल के बेटे अनी सिंह के शरीर पर कहीं चोट के गहरे निशान नहीं थे। बस कान से थोड़ा खून निकल रहा था। कार की डैश बोर्ड के नीचे पड़ी मासूम अनी सिंह की लाश को इंस्पेक्टर अजय श्रोतिया ने गोद में उठाया तो उनकी आंखें भर आईं। 

एक साथ उजड़ गया दोनों का सुहाग
बहेड़ी। पुलिस ने अनामिका और निर्मला को तीनों की मौत के बारे में नहीं बताया। बार-बार पूछने पर भी अस्पताल में भर्ती होने की बात कही गई। निर्मला सिंह ने सीएचसी में होश में आने के बाद अनी के बारे में ही पूछा। पुलिस वाले इलाज के लिए बरेली भेजने की बात कहते रहे। 


हेड इंजरी से हुई अनी की मौत
अचानक हादसा होने पर अनी पिता राजकुमार की गोद से उछलकर शीशे से टकराकर डैश बोर्ड के नीचे जा गिरा। वह भी सो ही रहा था। सिर में चोट लगने से उसके कानों से खून बहने लगा और मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी उसकी मौत की वजह हेड इंजरी ही बताई जा रही है। 
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